Australia Inflation: RBA के Andrew Hauser बोले, महंगाई का आउटलुक पहले से ‘काफी खराब’; नवंबर में बढ़ सकती हैं ब्याज दरें
ऑस्ट्रेलिया में महंगाई को नियंत्रित करने की चुनौती फिर बढ़ती दिखाई दे रही है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के डिप्टी गवर्नर एंड्रयू हॉसर ने 21 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी कि देश में महंगाई का परिदृश्य बैंक के अगस्त के अनुमान से काफी खराब हो गया है। उन्होंने इसके पीछे बढ़ती तेल कीमतों, घरेलू अर्थव्यवस्था में क्षमता संबंधी दबाव और कुछ क्षेत्रों में मजबूत मांग को अहम कारण बताया। उनके बयान से नवंबर में ब्याज दरें फिर बढ़ाए जाने की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, हॉसर ने स्पष्ट किया कि अगला फैसला आसान नहीं होगा, क्योंकि ऊंची दरें महंगाई घटाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव भी बढ़ा सकती हैं।
महंगाई का अनुमान क्यों बिगड़ा?
सिडनी में सिटी ऑस्ट्रेलिया एंड न्यूजीलैंड इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस के दौरान हॉसर ने कहा कि महंगाई का परिदृश्य अगस्त में लगाए गए अनुमान से काफी खराब है। उनके मुताबिक, मध्य पूर्व में जारी संकट के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं। ब्रेंट क्रूड का भाव लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल था, जो अगस्त में RBA के अनुमान से करीब एक-तिहाई अधिक है।
महंगे ईंधन का असर परिवहन, उत्पादन और वस्तुओं की आपूर्ति लागत पर पड़ सकता है। यदि कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो उपभोक्ता कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
हॉसर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बढ़ती कीमतों तथा ऑस्ट्रेलिया में डेटा सेंटर निर्माण से जुड़ी निवेश गतिविधियों का भी उल्लेख किया। इन क्षेत्रों में मजबूत मांग अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों में महंगाई का दबाव बनाए रख सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में महंगाई कितनी है?
ऑस्ट्रेलिया की अगस्त की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट के अनुसार, महंगाई दर 4 प्रतिशत थी। यह RBA के 2 से 3 प्रतिशत के लक्ष्य दायरे से ऊपर है।
हॉसर के मुताबिक, केंद्रीय बैंक के संपर्क कार्यक्रमों और सर्वेक्षणों से संकेत मिले हैं कि अधिक कारोबारियों को 3 से 3.5 प्रतिशत महंगाई लंबे समय तक सामान्य स्तर लगने लगी है। यदि लोगों और कंपनियों की महंगाई संबंधी अपेक्षाएं लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो कीमतों को लक्ष्य तक वापस लाना और कठिन हो सकता है।
सितंबर तिमाही के महंगाई आंकड़े अगले सप्ताह आने वाले हैं। ये आंकड़े RBA के आगामी फैसले के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
क्या नवंबर में बढ़ेंगी ब्याज दरें?
RBA ने 2026 में अब तक चार बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं। सितंबर की बढ़ोतरी के बाद आधिकारिक नकद दर 4.60 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।
बैंक की अगली मौद्रिक नीति बैठक 2 और 3 नवंबर को निर्धारित है। इसमें ब्याज दरों को फिर बढ़ाने या मौजूदा स्तर पर बनाए रखने पर निर्णय लिया जाएगा। बाजार में हॉसर के बयान के बाद दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा बढ़ी है, लेकिन अंतिम फैसला आने वाले महंगाई आंकड़ों और अन्य आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगा।
महंगाई और रोजगार के बीच RBA की चुनौती
ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था में कुछ संकेत धीमी वृद्धि की ओर भी इशारा कर रहे हैं। सितंबर में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.7 प्रतिशत पहुंच गई, जो लगभग पांच वर्षों का उच्च स्तर है। घरेलू खपत की वृद्धि भी कमजोर हुई है और आवास बाजार में नरमी दिखाई दे रही है।
हॉसर ने माना कि मौद्रिक नीति का असर दिख रहा है और श्रम बाजार में कुछ नरमी आई है। इसके बावजूद महंगाई का जोखिम बना हुआ है। केंद्रीय बैंक के सामने अब यह तय करने की चुनौती है कि कीमतों को नियंत्रित करने के लिए और सख्ती जरूरी है या कमजोर होती आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए इंतजार करना बेहतर होगा।
फिलहाल, RBA का अगला कदम सितंबर तिमाही के महंगाई आंकड़ों पर काफी हद तक निर्भर करेगा। निवेशकों, कारोबारियों और कर्ज लेने वाले परिवारों की नजर नवंबर की बैठक पर रहेगी, क्योंकि ब्याज दरों में संभावित बदलाव का असर ऋण की लागत, उपभोग और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।

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