सुखजीत एस. पसरीचा ने जिंदल स्टील से दिया इस्तीफा, महज तीन महीने में छोड़ी कंपनी
जिंदल स्टील में वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर बदलाव हुआ है। कंपनी के अध्यक्ष एवं मानव संसाधन प्रमुख (President & Head – HR) सुखजीत एस. पसरीचा ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 अक्टूबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया। खास बात यह है कि उन्होंने जुलाई 2026 में ही कंपनी का कार्यभार संभाला था। इस तरह जिंदल स्टील में उनका कार्यकाल लगभग तीन महीने रहा।
कंपनी ने 1 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजारों को भेजी नियामकीय सूचना में बताया कि पसरीचा अब कंपनी की सेवाओं में नहीं हैं। यह सूचना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सूचीबद्धता नियमों के विनियम 30 के तहत दी गई। कंपनी की ओर से जारी सूचना में उन्हें वरिष्ठ प्रबंधन कर्मी और मानव संसाधन विभाग का प्रमुख बताया गया है।
सुखजीत एस. पसरीचा जिंदल स्टील से क्यों हुए अलग?
शेयर बाजार को भेजे गए दस्तावेज के साथ संलग्न अपने इस्तीफा पत्र में पसरीचा ने पद छोड़ने का कारण व्यक्तिगत प्रतिबद्धताएं बताया है। उन्होंने प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में 31 अक्टूबर 2026 को कार्यमुक्त किए जाने का अनुरोध किया था। पत्र में उन्होंने कंपनी और निदेशक मंडल की ओर से मिले भरोसे तथा सहयोग के लिए आभार जताया। साथ ही, उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का सुचारु हस्तांतरण सुनिश्चित करने और जरूरी सहयोग देने की बात कही।
महत्वपूर्ण है कि कंपनी की नियामकीय सूचना में इस्तीफे के अलावा किसी विवाद, प्रदर्शन संबंधी समस्या या कारोबारी कारण का उल्लेख नहीं है। इसलिए उनके जाने को किसी आंतरिक असहमति या कंपनी की परिचालन स्थिति से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज में इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत प्रतिबद्धताएं ही दर्ज है।
जुलाई में संभाली थी जिंदल स्टील में जिम्मेदारी
जिंदल स्टील ने 23 जुलाई 2026 को पसरीचा की नियुक्ति की घोषणा की थी। उन्हें अध्यक्ष एवं मानव संसाधन प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई थी। वह इससे पहले विमानन कंपनी इंडिगो में समूह मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (Group CHRO) के रूप में काम कर रहे थे। उनका जिंदल स्टील आना विमानन क्षेत्र से इस्पात उद्योग में नेतृत्व की भूमिका में बदलाव था।
पसरीचा के पास मानव संसाधन और कारोबार प्रबंधन का लगभग तीन दशक का अनुभव बताया गया है। अपने करियर में उन्होंने इंडिगो के अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल जैसे संस्थानों में वरिष्ठ मानव संसाधन पदों पर काम किया। भारती एयरटेल समूह में उन्होंने भारत और अफ्रीका से जुड़ी जिम्मेदारियां भी संभालीं। इंडिगो में उनका पहले का कार्यकाल 2013 से 2018 के बीच रहा था। बाद में वह दोबारा कंपनी से जुड़े और समूह मानव संसाधन प्रमुख की भूमिका निभाई।
जिंदल स्टील के लिए आगे क्या?
पसरीचा के इस्तीफे के बाद मानव संसाधन विभाग की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी, इस बारे में कंपनी की 1 नवंबर की सूचना में कोई नाम घोषित नहीं किया गया है। यानी फिलहाल उपलब्ध नियामकीय दस्तावेज से स्थायी या अंतरिम उत्तराधिकारी की पुष्टि नहीं होती। कंपनी की ओर से अगली घोषणा पर इस पद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब जिंदल स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया था। 23 अक्टूबर को घोषित नतीजों के अनुसार, जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का सकल राजस्व 19,448 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 44 प्रतिशत अधिक था। इसी अवधि में समायोजित EBITDA 2,504 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ लगभग 771 करोड़ रुपये रहा।
हालांकि, पसरीचा के इस्तीफे और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के बीच किसी संबंध की जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल इस खबर का मुख्य पहलू वरिष्ठ मानव संसाधन पद पर बदलाव और लगभग तीन महीने के भीतर उनका कंपनी से अलग होना है।
