अमेरिका में घड़ियाँ एक घंटा पीछे: Daylight Saving Time 2026 खत्म, सीनेट में अटका स्थायी समय का बिल
अमेरिका के ज़्यादातर हिस्सों में रविवार, 1 नवंबर 2026 को डेलाइट सेविंग टाइम खत्म हो गया। तड़के 2 बजे घड़ियाँ पीछे होकर 1 बजे पर आ गईं और लोगों को एक घंटे की अतिरिक्त नींद मिली। संसद के निचले सदन ने जुलाई में समय-बदलाव खत्म करने का बिल पारित किया था, लेकिन वह कानून नहीं बन पाया, इसलिए इस बार भी घड़ी बदलनी पड़ी।
Daylight Saving Time 2026: कब शुरू हुआ और कब खत्म
इस साल डेलाइट सेविंग टाइम रविवार, 8 मार्च 2026 को शुरू हुआ था, जब घड़ियाँ एक घंटा आगे की गईं। यह व्यवस्था रविवार, 1 नवंबर 2026 तक चली। संघीय कानून के मुताबिक यह मार्च के दूसरे रविवार से शुरू होकर नवंबर के पहले रविवार तक चलता है। याद रखने का आसान तरीका है: “स्प्रिंग फॉरवर्ड, फॉल बैक”, यानी वसंत में आगे और पतझड़ में पीछे।
अब घड़ियाँ मार्च 2027 तक मानक समय पर रहेंगी। मौजूदा नियम के हिसाब से अगली बार रविवार, 14 मार्च 2027 को तड़के 2 बजे घड़ियाँ फिर एक घंटा आगे की जाएँगी।
Daylight Savings 2026 USA: क्या बदला और क्या नहीं
ज़्यादातर स्मार्टफोन, कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े उपकरण अपने आप समय सुधार लेते हैं। लेकिन दीवार घड़ी, कलाई घड़ी, गाड़ियों की घड़ी, ओवन और माइक्रोवेव जैसी चीज़ों का समय हाथ से बदलना पड़ता है।
हर राज्य इस नियम का पालन नहीं करता। एरिज़ोना (नवाजो नेशन को छोड़कर) और हवाई में यह प्रणाली लागू नहीं होती। प्यूर्टो रिको, यूएस वर्जिन आइलैंड्स, गुआम और अमेरिकी समोआ जैसे अमेरिकी इलाके भी इसका पालन नहीं करते।
Daylight Saving in USA 2026: सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट की ताज़ा स्थिति
इस पूरी बहस के केंद्र में सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट है। यह बिल डेलाइट सेविंग टाइम को पूरे साल के लिए स्थायी बना देगा, यानी साल में दो बार घड़ी बदलने की ज़रूरत ही खत्म हो जाएगी। 14 जुलाई 2026 को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने इसे 308 के मुकाबले 117 मतों से पारित किया। लेकिन सीनेट में यह बिल अटक गया। अब तक सीनेट में इस पर मतदान नहीं हुआ है और न ही राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हुए हैं।
फ्लोरिडा के सीनेटर रिक स्कॉट ने समय बदलने की प्रथा को “पुरानी और बेतुकी” बताते हुए सीनेट से बिल पास करने की माँग की है। फ्लोरिडा सहित कई राज्य पहले ही स्थायी डेलाइट सेविंग टाइम अपनाने के कानून बना चुके हैं, पर उन्हें लागू करने के लिए संसद की मंज़ूरी चाहिए।
यहाँ एक कानूनी बारीकी भी है। 1966 के यूनिफ़ॉर्म टाइम एक्ट के तहत राज्य पूरे साल मानक समय अपना सकते हैं, लेकिन पूरे साल डेलाइट सेविंग टाइम लागू नहीं कर सकते। इसी वजह से स्थायी डेलाइट सेविंग के लिए संसद का कानून अनिवार्य है।
घड़ी बदलने का इतिहास
अमेरिका में डेलाइट सेविंग टाइम पहली बार 1918 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऊर्जा बचाने के लिए अपनाया गया था। आधुनिक व्यवस्था 1966 के यूनिफ़ॉर्म टाइम एक्ट से तय हुई, और मौजूदा तारीखें 2005 के ऊर्जा नीति कानून से तय की गईं।
समय बदलने के बाद नींद और सेहत का ध्यान कैसे रखें
घड़ी का बदलाव नींद के चक्र को प्रभावित कर सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञ कुछ आसान उपाय सुझाते हैं:
- सोने का समय कुछ दिनों में धीरे-धीरे बदलें।
- दोपहर तीन बजे से पहले ही छोटी झपकी लें।
- सुबह की धूप में कुछ समय बिताएँ।
- शाम के बाद शराब और कैफ़ीन कम करें।
भारत में रहने वालों के लिए क्या बदला
भारत में डेलाइट सेविंग टाइम लागू नहीं होता, इसलिए भारतीय मानक समय स्थिर रहता है। लेकिन अमेरिका में घड़ी पीछे होने से दोनों देशों के बीच समय का अंतर एक घंटा बढ़ गया है। अब अमेरिका के पूर्वी तट और भारत के बीच अंतर 9.5 घंटे की जगह 10.5 घंटे हो गया है, और पश्चिमी तट के साथ 12.5 घंटे की जगह 13.5 घंटे। अमेरिकी कंपनियों के साथ बैठकें, ऑनलाइन कक्षाएँ या सीधा प्रसारण तय करने वालों को अपना समय-सारणी दोबारा देख लेनी चाहिए।
