नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल पर पूरे किए 5,000 दिन, अब मिले रहस्यमयी ‘पैरों के निशान’ जैसे गड्ढे

मंगल ग्रह की सतह पर चौदह साल से लगातार खोजबीन कर रहे नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने हाल ही में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है — इसने मंगल पर अपने 5,000 मार्टियन दिन यानी ‘सोल’ पूरे कर लिए हैं। इसी बीच रोवर को माउंट शार्प की सतह पर कुछ ऐसी अजीबोगरीब संरचनाएं मिली हैं, जो वैज्ञानिकों के अनुसार पहले कभी नहीं देखी गईं।

5,000 दिन का सफर

नासा के जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (JPL) के अनुसार क्यूरियोसिटी रोवर 6 अगस्त 2012 को मंगल के गेल क्रेटर में उतरा था, और तब से लेकर अब तक इसने वहां 5,000 से ज्यादा मार्टियन दिन बिता लिए हैं, जो धरती के करीब 14 साल और 26 दिन के बराबर है। इस लंबी अवधि में रोवर ने मंगल की चट्टानों, तलछट, भू-आकृतियों और वायुमंडलीय स्थितियों का गहन अध्ययन किया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या कभी मंगल पर जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद थीं। स्पेस साइंस इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक विलियम फैरंड के अनुसार रोवर की इस लंबी उम्र ने वैज्ञानिकों को किसी अन्य ग्रह से अब तक इकट्ठा किए गए सबसे विस्तृत रिकॉर्ड में से एक तैयार करने में मदद की है।

अजीबोगरीब गड्ढों की नई खोज

इसी बीच रोवर की टीम को माउंट शार्प पर कुछ ऐसी संरचनाएं मिली हैं, जो पहले कभी नहीं देखी गई थीं। क्यूरियोसिटी की मार्स हैंड लेंस इमेजर (MAHLI) टीम की डिप्टी प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर मिशेल मिनिटी के अनुसार हाल के दोनों वर्क-साइट्स पर ऐसी विशेषताएं देखने को मिलीं, जो अब तक देखी गई किसी भी चीज़ से बिल्कुल अलग थीं। ये रहस्यमयी संरचनाएं दरअसल मार्टियन चट्टान पर फैले चौड़े लेकिन उथले गड्ढों का एक समूह है। हालांकि मंगल की सतह पर छोटे-मोटे गड्ढे और निशान मिलना आम बात है, लेकिन इतने चौड़े और उथले गड्ढे वैज्ञानिकों के लिए बिल्कुल नए हैं, जिससे उनकी उत्पत्ति को लेकर अभी शोध जारी है।

बहुभुजाकार दरारों का विशाल जाल भी मिला

इससे पहले क्यूरियोसिटी ने वाले ग्रांडे नाम के इलाके में बहुभुजाकार (पॉलीगॉन) आकार की दरारों का एक विशाल क्षेत्र भी खोजा था, जो अब तक देखे गए ऐसे किसी भी स्वरूप से कहीं बड़ा है। मिशन की प्रोजेक्ट वैज्ञानिक अश्विन वासवदा के अनुसार क्यूरियोसिटी की नजरों से अब तक कई आकर्षक भू-दृश्य देखे जा चुके हैं, लेकिन बहुभुजों का यह समंदर वाकई दंग करने वाला था। 19 और 20 जून 2026 को खींची गई 360 डिग्री पैनोरमा तस्वीर में ये बहुभुजाकार पैटर्न हर दिशा में जहां तक रोवर की नजर पहुंच सकती थी, वहां तक फैले नजर आए। ये पैटर्न पास की एक चट्टान, जिसे ‘मिराफ्लोरेस’ नाम दिया गया है, की ढलानों पर भी चढ़ते हुए दिखे, जो आसपास की सतह से करीब 6 मीटर ऊंची है और रेत की मोटी परत से ढकी हुई है।

मंगल की सतह इतनी अनोखी क्यों है

पृथ्वी के विपरीत मंगल पर प्लेट टेक्टोनिक्स, ज्वालामुखी गतिविधि और बहता हुआ पानी जैसी कई पुनर्निर्माण प्रक्रियाएं मौजूद नहीं हैं। हालांकि मंगल पर धूल भरी आंधियां जरूर आती हैं, लेकिन इनसे ग्रह की सतह पर बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है, जिससे यह सतह अरबों वर्षों से लगभग अछूती बनी हुई है। यही वजह है कि वैज्ञानिकों को मंगल के अतीत को समझने और यह जानने का दुर्लभ मौका मिलता है कि लाखों-करोड़ों साल पहले यह ग्रह कैसा दिखता था।

बढ़ती स्वायत्तता और मल्टीटास्किंग क्षमता

नासा के मुताबिक 13 साल से ज्यादा समय से मंगल पर काम कर रहा क्यूरियोसिटी रोवर अब पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और कुशलता से काम कर रहा है। नई स्वायत्तता और मल्टीटास्किंग क्षमताओं की बदौलत रोवर अब अपने संसाधनों का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल कर पा रहा है, जिससे मिशन की वैज्ञानिक उत्पादकता में भी इजाफा हुआ है। इसी तरह नासा के दूसरे रोवर पर्सिवियरेंस ने भी हाल में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जब उसने इंसानी ऑपरेटरों की बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तय किए गए रास्तों पर मंगल की सतह पर सफर तय किया।

सम्मान और मान्यता

क्यूरियोसिटी रोवर की वैज्ञानिक उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिल चुकी है। इसे नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के साथ TIME पत्रिका की “बेस्ट इन्वेंशन्स हॉल ऑफ फेम” सूची में भी शामिल किया गया है, जो पिछले 25 वर्षों के सबसे बड़े वैज्ञानिक आविष्कारों को मान्यता देने वाली सूची है।

आगे क्या?

क्यूरियोसिटी टीम अब इन नई खोजी गई संरचनाओं का बारीकी से अध्ययन कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि ये अजीबोगरीब गड्ढे और बहुभुजाकार दरारें आखिर कैसे बनीं। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इन आकृतियों के आकार और रासायनिक संरचना के गहन अध्ययन से मंगल के प्राचीन इतिहास से जुड़े कुछ अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। 5,000 दिनों के इस सफर के बाद भी क्यूरियोसिटी लगातार सक्रिय है, और मंगल ग्रह को समझने की मानव जाति की खोज में नए-नए अध्याय जोड़ रहा है।

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By Kanchan

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