व्हाट्सऐप ने किशोरों के लिए पेश किए वैकल्पिक पैरेंटल कंट्रोल: माता-पिता को मिलेगा नियंत्रण, पर चैट रहेगी निजी

व्हाट्सऐप ने 30 सितंबर 2026 को किशोर उपयोगकर्ताओं के लिए नए वैकल्पिक पैरेंटल कंट्रोल की घोषणा की। इनसे माता-पिता अपने बच्चों के प्राइवेसी सेटिंग, ग्रुप, चैनल, स्टेटस और मेटा एआई के इस्तेमाल पर नज़र रख सकेंगे। कंपनी का साफ़ कहना है कि इस सुविधा से माता-पिता बच्चों की निजी चैट नहीं पढ़ सकेंगे और न ही कॉल सुन सकेंगे।

नई सुविधा क्या है?

यह सुविधा 13 से 17 साल के किशोरों के लिए है और पूरी तरह वैकल्पिक है। इसे माता-पिता और किशोर मिलकर चालू करते हैं। इसके लिए व्हाट्सऐप की सेटिंग में जाकर “पैरेंटल कंट्रोल” पर टैप करना होता है।

माता-पिता का पिन

सभी नियंत्रण माता-पिता के बनाए पिन के पीछे सुरक्षित रहते हैं। अगर किशोर किसी सेटिंग को ढीला करना चाहे, तो उसे माता-पिता की मंज़ूरी लेनी होगी। माता-पिता चाहें तो इन नियंत्रणों को किसी भी समय बदल या पूरी तरह बंद कर सकते हैं।

माता-पिता क्या-क्या तय कर सकेंगे?

प्राइवेसी और ग्रुप

  • कौन किशोर को ग्रुप में जोड़ सकता है
  • किशोर की प्रोफ़ाइल फ़ोटो कौन देख सकता है
  • किशोर के किसी नए ग्रुप से जुड़ने या उसे छोड़ने पर सूचना
  • ग्रुप के सदस्यों की संख्या 30, 100 या 250 तक पहुँचने पर अलर्ट

चैनल और स्टेटस

माता-पिता यह भी तय कर सकेंगे कि किशोर चैनल का कितना उपयोग करे, वह किसके स्टेटस देख सकता है और उसके स्टेटस कौन देख सकता है।

मेटा एआई का अनुभव

सुविधा में मेटा एआई के लिए भी विकल्प हैं। माता-पिता डिफ़ॉल्ट “13+” सेटिंग या ज़्यादा सख़्त “सीमित सामग्री” विकल्प चुन सकते हैं। सख़्त विकल्प में प्राइवेट प्रोसेसिंग पर आधारित सुविधाएँ, जैसे इन्कॉग्निटो चैट और संदेशों का सारांश, बंद रहती हैं।

किशोरों की निजता का क्या होगा?

व्हाट्सऐप के अनुसार, ये नियंत्रण चालू होने के बाद भी संदेश और कॉल एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेंगे, यानी इन्हें कोई नहीं देख सकता। कंपनी का कहना है कि पूरा ढाँचा माता-पिता और किशोरों के बीच खुली बातचीत को बढ़ावा देने के लिए है, ताकि सबकी निजी बातचीत सुरक्षित रहे।

यह सुविधा अभी क्यों?

दुनिया के कई देश बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुँच पर सख़्त नियम लाने की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में मेटा कंपनियाँ बच्चों की सुरक्षा के फ़ीचर पर लगातार काम कर रही हैं। इसी साल व्हाट्सऐप 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए “पैरेंट-मैनेज्ड अकाउंट” भी ला चुका है, जिनमें माता-पिता तय करते हैं कि बच्चे से कौन संपर्क कर सकता है और किन ग्रुप में वह जुड़ सकता है। कंपनी ने इसी साल मूवी रेटिंग जैसे कंटेंट नियंत्रण और मेटा एआई के लिए पैरेंटल कंट्रोल भी शुरू किए हैं।

कब तक मिलेगी?

कंपनी के अनुसार यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है और हो सकता है कि आपके क्षेत्र में अभी उपलब्ध न हो। व्हाट्सऐप ने कहा है कि परिवारों की प्रतिक्रिया के आधार पर इन्हें आगे और बेहतर बनाया जाएगा।

माता-पिता क्या करें?

  • पहले बच्चे से खुलकर बात करें और उसकी सहमति से ही सुविधा चालू करें।
  • पिन ऐसा बनाएँ जो आसानी से अंदाज़ा न हो और बच्चे को न बताएँ।
  • ग्रुप और स्टेटस की सेटिंग साथ बैठकर तय करें, ताकि बच्चा इन्हें थोपी हुई पाबंदी न समझे।
  • अपडेट के बाद सेटिंग में “पैरेंटल कंट्रोल” का विकल्प देखें। न दिखे तो कुछ दिन इंतज़ार करें।

निष्कर्ष

व्हाट्सऐप का यह क़दम माता-पिता को ज़रूरी निगरानी देता है, पर बच्चों की निजी चैट को हाथ नहीं लगाता। यह संतुलन कितना कारगर रहता है, यह इस पर निर्भर करेगा कि परिवार इसे कितनी समझदारी से इस्तेमाल करते हैं। तकनीकी नियंत्रण के साथ बच्चों से संवाद सबसे ज़रूरी बना रहेगा।

(डिस्क्लेमर: फ़ीचर की उपलब्धता क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है। ताज़ा जानकारी के लिए व्हाट्सऐप की आधिकारिक वेबसाइट देखें।)

अन्य  ख़बरें !

By Kanchan

One thought on “व्हाट्सऐप पैरेंटल कंट्रोल: किशोरों के लिए नया फ़ीचर”

Comments are closed.

Exit mobile version