राजस्थान में 40 लग्जरी विला खरीदने के मामले में IAS शिखर अग्रवाल APO, परिवार की संपत्तियों पर उठे सवाल

राजस्थान में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से एपीओ (APO) कर दिया है। यह घटनाक्रम उनके परिवार की ओर से करीब ढाई साल में 40 विला और कॉटेज खरीदने तथा उन्हें उसी कंपनी को लीज पर देने से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के बाद सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इन संपत्तियों की कुल खरीद कीमत लगभग 6.16 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि लीज से सालाना 1.80 करोड़ रुपये मिलने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सरकार के आदेश में कार्रवाई का कारण प्रशासनिक बताया गया है और संपत्ति विवाद को इसका आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।

40 विला खरीदे, फिर लीज पर दिए? IAS शिखर अग्रवाल से जुड़ी डील की Inside Story! राजस्थान के IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के परिवार द्वारा अनंता रिसॉर्ट में 40 ...

 सरकार ने क्या कार्रवाई की?

राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग ने 28 अक्टूबर 2026 की देर रात जारी आदेश में शिखर अग्रवाल को अगले आदेश तक एपीओ रखने का फैसला किया। वह 1993 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं।

एपीओ किए जाने से पहले उनके पास उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), निवेश संवर्धन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। वह राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के अध्यक्ष सहित अन्य अहम पदों पर भी कार्यरत थे।

एपीओ यानी आदेशों की प्रतीक्षा में रखे जाने का अर्थ है कि अधिकारी को फिलहाल नई तैनाती के आदेश का इंतजार करना होगा। यह अपने आप में निलंबन या किसी आरोप में दोषी ठहराए जाने के बराबर नहीं है।

सरकार के आदेश में संपत्ति खरीद के मामले का उल्लेख नहीं होने के कारण दोनों घटनाक्रमों के बीच आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

शिखर अग्रवाल के परिवार ने कहां खरीदे 40 विला-कॉटेज?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिखर अग्रवाल, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, उनके दोनों बेटों और ससुराल पक्ष के सदस्यों के नाम पर राजस्थान में 40 संपत्तियां खरीदी गईं। ये संपत्तियां दो अलग-अलग स्थानों पर स्थित अनंता रिसॉर्ट से जुड़ी हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, उदयपुर जिले के बुझड़ा स्थित रिसॉर्ट में सितंबर 2023 में 20 कॉटेज खरीदे गए थे। इसके बाद मार्च 2026 में अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित रिसॉर्ट में 20 विला की रजिस्ट्री कराई गई। इन संपत्तियों को बेचने वाली कंपनी का नाम गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड बताया गया है।

दोनों स्थानों की संपत्तियों की कुल खरीद कीमत लगभग 6.165 करोड़ रुपये बताई गई है। यह आंकड़ा मीडिया रिपोर्टों में सामने आए संपत्ति संबंधी दस्तावेजों पर आधारित है।

6.16 करोड़ रुपये की खरीद और 1.80 करोड़ की सालाना लीज

इस मामले में सबसे अधिक चर्चा संपत्तियों को खरीदने के बाद उसी कंपनी को लीज पर देने के कथित समझौतों को लेकर हो रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, उदयपुर के 20 कॉटेज में से प्रत्येक के लिए सालाना चार लाख रुपये और अलवर के 20 विला में से प्रत्येक के लिए सालाना पांच लाख रुपये की लीज राशि तय की गई थी।

IAS Shikhar Agarwal APO After Villa Purchase Controversy | Rajasthan News

इन दरों के आधार पर उदयपुर के कॉटेज से सालाना 80 लाख रुपये और अलवर के विला से एक करोड़ रुपये की आय बनती है। दोनों को मिलाकर सालाना कुल लीज राशि 1.80 करोड़ रुपये बैठती है।

हालांकि, यह रिपोर्टों में बताई गई संविदात्मक राशि है। वास्तविक प्राप्त आय और समझौतों के क्रियान्वयन की स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है।

संपत्ति विवरण को लेकर क्यों उठे सवाल?

मीडिया रिपोर्टों में अधिकारियों की वार्षिक अचल संपत्ति विवरणी (आईपीआर) को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, शिखर अग्रवाल ने जनवरी 2026 में दाखिल विवरण में 14 विला-कॉटेज का उल्लेख किया था, जबकि उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर की विवरणी में संपत्ति संबंधी जानकारी शून्य दिखाई देने की बात कही गई।

शिखर अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि संपत्तियों की खरीद का ब्योरा उनकी आईपीआर और आयकर रिटर्न में दिया गया था। उन्होंने अपनी पत्नी की विवरणी में दिख रही विसंगति के बारे में कहा कि संबंधित जानकारी गलत स्थान पर संलग्न हो गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटों ने अपने स्तर पर कॉटेज खरीदे थे।

इसलिए संपत्ति के स्वामित्व, घोषणा और लीज समझौतों से जुड़े सवालों का निष्पक्ष मूल्यांकन दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण के आधार पर किया जाना जरूरी है।

जयपुर:40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में सरकार का एक्शन, एसीएस शिखर अग्रवाल एपीओ - Rajasthan Government Puts Ias Officer Shikhar Agarwal On Apo Over Villa-cottage Deal - Amar Ujala Hindi News ...

कौन हैं IAS शिखर अग्रवाल?

शिखर अग्रवाल राजस्थान कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने राज्य सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर राजस्थान पुलिस में भारतीय पुलिस सेवा की वरिष्ठ अधिकारी हैं।

निष्कर्ष: शिखर अग्रवाल को एपीओ किए जाने और परिवार की 40 संपत्तियों से जुड़े कथित लेनदेन ने राजस्थान के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि संपत्ति संबंधी घोषणाओं, खरीद के स्रोत और लीज समझौतों से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक स्तर पर क्या स्थिति सामने आती है। फिलहाल एपीओ आदेश को किसी आरोप में दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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द्वारा Kanchan

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