एथर एनर्जी समाचार: एथर एनर्जी को पहली बार तिमाही मुनाफा, आय में 62% की बढ़ोतरी; उत्पादन क्षमता भी बढ़ाएगी कंपनी
इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली कंपनी एथर एनर्जी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने 26 अक्टूबर 2026 को घोषित नतीजों में बताया कि सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान उसकी समेकित कुल आय सालाना आधार पर 62 प्रतिशत बढ़कर 1,527 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी ने इस तिमाही में 1.26 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में उसे 154 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
नतीजों के बाद 26 अक्टूबर को कंपनी के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की तेजी आई। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन, इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ती मांग और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना को इस बदलाव के महत्वपूर्ण कारणों में गिना जा रहा है।
एथर एनर्जी के दूसरी तिमाही के नतीजे
कंपनी के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच उसके इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की मात्रा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 93,211 इकाई हो गई। इस दौरान कंपनी ने परिचालन दक्षता और लाभप्रदता में सुधार भी दर्ज किया।
| वित्तीय विवरण | सितंबर 2026 की तिमाही |
|---|---|
| समेकित कुल आय | ₹1,527 करोड़ |
| शुद्ध मुनाफा | ₹1.26 करोड़ |
| परिचालन लाभ से पहले आय (EBITDA) | ₹74.2 करोड़ |
| ईबीआईटीडीए मार्जिन | 4.9% |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री मात्रा | 93,211 इकाई |
| कुल आय में सालाना वृद्धि | 62% |
| बिक्री मात्रा में सालाना वृद्धि | 42% |
कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन पिछले वर्ष की समान तिमाही के नकारात्मक 9.6 प्रतिशत से बढ़कर 4.9 प्रतिशत हो गया। इसका अर्थ है कि कंपनी की मुख्य कारोबारी गतिविधियों से होने वाली कमाई में सुधार आया है। हालांकि, मामूली शुद्ध मुनाफे के बाद भी आगे लगातार लाभ कमाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण चुनौती रहेगा।
एथर के इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग बढ़ी
एथर एनर्जी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में ग्राहकों की पूछताछ सालाना आधार पर 109 प्रतिशत बढ़कर लगभग 10 लाख हो गई। वहीं, स्कूटरों के पूर्व-आदेश दोगुने से अधिक होकर 1.80 लाख तक पहुंच गए।
कंपनी के अनुसार, मांग उपलब्ध उत्पादन क्षमता से अधिक रही। तमिलनाडु के होसुर स्थित संयंत्र में दूसरी तिमाही के दौरान उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग लगभग 98 प्रतिशत रहा।
एथर के पोर्टफोलियो में 450 सीरीज, परिवारों के लिए तैयार रिज्टा और नया कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं। कंपनी का मानना है कि अलग-अलग जरूरतों के अनुरूप मॉडल उपलब्ध कराने से उसके ग्राहक आधार को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए क्या है कंपनी की योजना?
बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एथर एनर्जी अपने दोनों उत्पादन केंद्रों की क्षमता बढ़ाने जा रही है। कंपनी की योजना होसुर संयंत्र में सालाना उत्पादन क्षमता 75,000 इकाई बढ़ाने की है। इसके बाद वहां की क्षमता 4.95 लाख इकाई सालाना हो जाएगी। यह विस्तार दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कंपनी की नई उत्पादन इकाई में दिसंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की योजना है। यहां पहले चरण में पांच लाख इकाई सालाना उत्पादन क्षमता होगी। इसके बाद इसे बढ़ाकर 6.5 लाख इकाई करने का लक्ष्य है।
इन विस्तार योजनाओं के पूरा होने पर वित्त वर्ष 2027-28 की दूसरी तिमाही तक दोनों संयंत्रों की संयुक्त वार्षिक स्थापित क्षमता लगभग 11.4 लाख इकाई हो सकती है। कंपनी ने इन क्षमता विस्तारों के लिए दोनों संयंत्रों में करीब 122 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बताई है।
एथर एनर्जी के नए कोनार्क स्कूटर से क्या उम्मीदें हैं?
एथर ने अगस्त 2026 में कोनार्क इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया था। यह कंपनी के नए ईएल मंच पर आधारित पहला स्कूटर है। इसमें रोजमर्रा के उपयोग, आराम और आसान रखरखाव पर ध्यान दिया गया है।
कोनार्क में बिना चाबी के प्रवेश, हाथ लगाए बिना सीट खोलने और तंग जगहों में स्कूटर को आगे बढ़ाने में सहायता जैसी सुविधाएं दी गई हैं। कंपनी ने इसमें अपनी उन्नत इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग प्रणाली और नई बैटरी तकनीक भी पेश की है।
नए मॉडल से कंपनी को अधिक व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक बिक्री और लाभप्रदता पर इसका असर आने वाली तिमाहियों के नतीजों से स्पष्ट होगा।
क्या एथर एनर्जी के शेयरों में आगे भी तेजी रहेगी?
तिमाही मुनाफे की खबर के बाद शेयरों में तेजी आई, लेकिन एक तिमाही के नतीजे भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते। निवेशकों के लिए बिक्री वृद्धि, उत्पादन क्षमता का विस्तार, बैटरी और कच्चे माल की लागत, प्रतिस्पर्धा तथा कंपनी के लगातार मुनाफा कमाने की क्षमता पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी के ताजा नतीजे इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में बढ़ती मांग और एथर की सुधरती वित्तीय स्थिति की ओर संकेत करते हैं। फिर भी, आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी बढ़ती मांग को समय पर पूरा करते हुए अपनी लागत और लाभप्रदता को कितना बेहतर बनाए रखती है।

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