Microsoft-BMW Pay to Quit Study: नौकरी छोड़ने के बदले पैसे देने से बढ़ सकती है कर्मचारियों की कार्यक्षमता? शोध में बड़ा खुलासा
कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले पैसे देना कंपनियों के लिए एक असामान्य रणनीति लग सकती है, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट और बीएमडब्ल्यू की स्वैच्छिक नौकरी-छोड़ने की योजनाओं के बीच इस विषय पर हुए नए शोध ने दिलचस्प सवाल खड़े किए हैं। शोध के अनुसार, ऐसे प्रस्ताव कम संगठनात्मक जुड़ाव महसूस करने वाले कर्मचारियों को बाहर जाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। वहीं, प्रस्ताव ठुकराने वाले कुछ प्रतिभागियों ने प्रयोग के दौरान पहले से अधिक काम किया।
माइक्रोसॉफ्ट ने 26 अक्टूबर 2026 को पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक निकास योजना की घोषणा की थी।
दूसरी ओर, बीएमडब्ल्यू जर्मनी में लागत घटाने और संगठनात्मक पुनर्गठन के तहत स्वैच्छिक सेवा-समाप्ति पैकेज दे रही है।
इन घटनाओं के बीच विशेषज्ञों की दिलचस्पी इस बात में बढ़ी है कि नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक प्रोत्साहन देने से कंपनियों और कर्मचारियों, दोनों पर क्या असर पड़ सकता है।
Pay to Quit क्या है?
‘पे टू क्विट’ यानी नौकरी छोड़ने के बदले भुगतान ऐसी व्यवस्था है, जिसमें कंपनी कर्मचारी को स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने पर आर्थिक सहायता या मुआवजा देने की पेशकश करती है।
इसका उद्देश्य केवल कर्मचारियों की संख्या घटाना नहीं होता। कुछ कंपनियां इसके जरिए ऐसे कर्मचारियों को बाहर जाने का विकल्प देती हैं, जो पहले से नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे हों। इससे कंपनी को अपने कार्यबल की जरूरतों के अनुसार बदलाव करने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, किसी कर्मचारी को प्रस्ताव देना और उसका नौकरी छोड़ने का फैसला स्वीकार करना अलग बातें हैं। स्वैच्छिक योजना का मतलब यह नहीं कि प्रस्ताव पाने वाले सभी कर्मचारी नौकरी छोड़ देंगे।
शोध में क्या सामने आया?
जुलाई 2026 में जर्नल ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटिंग रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने जांचा कि नौकरी छोड़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने से कर्मचारियों के संगठन के प्रति जुड़ाव पर क्या असर पड़ता है।
अध्ययन के अनुसार, जिन प्रतिभागियों का संगठन से जुड़ाव कमजोर था, उनके नौकरी छोड़ने की संभावना अधिक थी। वहीं, संगठन के प्रति मजबूत जुड़ाव महसूस करने वाले प्रतिभागियों के प्रस्ताव स्वीकार करने की संभावना कम रही। आर्थिक प्रोत्साहन का असर उन लोगों पर अधिक दिखाई दिया, जिनका जुड़ाव इन दोनों समूहों के बीच था।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि प्रस्ताव ठुकराने वाले प्रतिभागियों ने बाद में पहले की तुलना में अधिक मेहनत की। इससे संकेत मिलता है कि ऐसी योजनाएं कर्मचारियों की छंटाई के साथ-साथ बचे हुए कर्मचारियों के व्यवहार को भी प्रभावित कर सकती हैं।
एक अन्य प्रयोग में 33 प्रतिशत अधिक काम
मार्च 2026 में जर्नल ऑफ बिहेवियरल एंड एक्सपेरिमेंटल इकोनॉमिक्स में प्रकाशित एक अलग अध्ययन में 1,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया। प्रयोग में कुछ प्रतिभागियों को काम छोड़ने के बदले एक बार में 5 स्विस फ्रैंक देने की पेशकश की गई।
शोध के अनुसार, इस भुगतान को ठुकराने वाले प्रतिभागियों ने उस समूह की तुलना में औसतन 33 प्रतिशत अधिक कार्य पूरे किए, जिसे नौकरी या काम छोड़ने के लिए कोई आर्थिक प्रस्ताव नहीं दिया गया था।
हालांकि, शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि प्रयोग से यह पूरी तरह अलग नहीं किया जा सका कि अधिक काम करने की वजह प्रस्ताव ठुकराने से पैदा हुई प्रेरणा थी या प्रतिभागियों की पहले से मौजूद कार्यक्षमता। इसलिए इस परिणाम को सभी कंपनियों और वास्तविक कार्यस्थलों पर लागू नहीं माना जा सकता।
Microsoft ने 60 हजार कर्मचारियों को दिया विकल्प
माइक्रोसॉफ्ट ने 26 अक्टूबर को भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा की कुछ पात्र टीमों में स्वैच्छिक निकास योजना शुरू करने की घोषणा की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर लगभग 60 हजार कर्मचारी इसके लिए पात्र हो सकते हैं।
कंपनी के आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह योजना चुनिंदा विभागों में आंतरिक स्तर 70 या उससे नीचे के पात्र कर्मचारियों के लिए है। इसमें आर्थिक सहायता और करियर योजना से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। भारत में पात्र कर्मचारियों को प्रस्ताव स्वीकार करने या न करने का निर्णय 1 दिसंबर तक लेना है, ऐसा मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है।
कंपनी ने यह नहीं कहा है कि योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बदलना है। इसका घोषित उद्देश्य बदलती व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार कार्यबल को समायोजित करना और इच्छुक कर्मचारियों को सहयोग के साथ बाहर जाने का विकल्प देना है।
BMW भी कर रही है स्वैच्छिक पुनर्गठन
बीएमडब्ल्यू जर्मनी में अपने पुनर्गठन के तहत लगभग 40 हजार कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वैच्छिक सेवा-समाप्ति प्रस्ताव देने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य 2027 के अंत तक जर्मनी में लगभग 8,000 पदों में कमी करना बताया गया है। यह प्रक्रिया स्वैच्छिक पैकेज और स्वाभाविक रूप से खाली होने वाले पदों के जरिए पूरी करने की योजना का हिस्सा है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि माइक्रोसॉफ्ट या बीएमडब्ल्यू में ये योजनाएं कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाएंगी या कंपनी की लागत में कितनी बचत करेंगी। शोध संभावित प्रभावों को समझने में मदद करता है, लेकिन वास्तविक परिणाम कर्मचारियों की प्रतिक्रिया और योजना की शर्तों पर निर्भर करेंगे।

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