Fed Rate Hike: फेड ने 3 साल में पहली बार बढ़ाईं ब्याज दरें, शेयर बाजार में गिरावट, जानें पूरी वजह
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए अपनी बेंचमार्क ब्याज दर में 25 आधार अंकों यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी। यह 2023 के बाद पहला मौका है जब फेड ने दरें घटाने के बजाय बढ़ाई हैं, और यह फैसला नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में हुई पहली बड़ी नीतिगत बैठक में लिया गया। इस ऐलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।
क्या फैसला लिया गया
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 15-16 सितंबर 2026 को हुई अपनी बैठक में सर्वसम्मति से यानी 12-0 वोट से ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत की सीमा तक बढ़ाने का फैसला किया। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप ही रहा — CME FedWatch टूल के अनुसार बैठक से पहले ही करीब 93 प्रतिशत ट्रेडर्स इस बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे थे। फेड के “डॉट प्लॉट” यानी भविष्य के अनुमानों में इस साल के आखिर तक एक और बढ़ोतरी का संकेत दिया गया है, जबकि 2027 में दरों में कटौती की संभावना फिलहाल खारिज कर दी गई है।
आखिर दरें क्यों बढ़ानी पड़ीं?
इस फैसले के पीछे मुख्य वजह लगातार ऊंची बनी हुई महंगाई है। बढ़ती तेल कीमतों और अन्य कारकों के चलते महंगाई फेड के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, और यह स्थिति पिछले पांच साल से ज्यादा समय से चली आ रही है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस गर्मी में आई महंगाई के आंकड़े यह नहीं बताते कि अंतर्निहित रुझान वाकई बेहतर हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “महंगाई एक विकल्प है, और आज हमने इसे नियंत्रित करने की दिशा में एक कदम उठाया है।” जुलाई की बैठक में तीन सदस्यों ने पहले ही दरें बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था, जबकि इस बार सभी 12 सदस्य एकमत होकर बढ़ोतरी के पक्ष में खड़े हुए।
शेयर बाजार में मचा हड़कंप
फेड के ऐलान और उसके बाद वॉर्श की सख्त टिप्पणियों का सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा। डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 631.21 अंक यानी 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.90 पर बंद हुआ, जिसमें गोल्डमैन सैक्स के शेयर सबसे ज्यादा नीचे गए। S&P 500 इंडेक्स 0.45 प्रतिशत गिरकर 7,551.81 पर, जबकि नैस्डैक कंपोजिट लगभग सपाट रहते हुए 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.42 पर बंद हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि दिन की शुरुआत में तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त में थे, लेकिन फेड के फैसले और वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बाजार ने पूरी बढ़त गंवा दी।
10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड एक बार फिर 5 प्रतिशत के पार पहुंच गई, जो जुलाई से जारी बढ़ोतरी को दर्शाती है। डॉलर इंडेक्स भी 0.6 प्रतिशत उछलकर 100.21 पर पहुंच गया, जो 31 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार वॉर्श के भाषण में इस्तेमाल हुए “समयबद्ध वापसी” (timelier return) जैसे शब्दों ने निवेशकों को यह संदेश दिया कि फेड आगे भी सख्त रुख अपना सकता है।
कौन हैं केविन वॉर्श
केविन वॉर्श को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व का नया चेयरमैन नामित किया था। वे पहले भी फेड गवर्नर रह चुके हैं और उन्हें एक “हॉकिश” यानी महंगाई को लेकर सख्त रुख रखने वाला केंद्रीय बैंकर माना जाता है। इसी महीने की शुरुआत में जैक्सन होल संगोष्ठी में अपने पहले बड़े भाषण में उन्होंने कहा था कि “हमारे पास अभी बहुत काम बाकी है,” जिसने बाजार में पहले से ही दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ा दी थी। जब वॉर्श से यह पूछा गया कि क्या यह बढ़ोतरी लगातार बढ़ोतरियों की शुरुआत है, तो उन्होंने साफ कहा कि वे “फॉरवर्ड गाइडेंस” के कारोबार में नहीं हैं, यानी वे भविष्य की नीति का पहले से कोई संकेत नहीं देना चाहते।
आम अमेरिकी नागरिकों पर क्या पड़ेगा असर
फेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर मॉर्गेज दरों, क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों, कार लोन और बचत खातों पर मिलने वाले ब्याज पर पड़ता है। दरें बढ़ने से होम लोन और कर्ज महंगे हो जाते हैं, जिससे घर खरीदना और बड़ी खरीदारी के लिए कर्ज लेना पहले से महंगा साबित हो सकता है। दूसरी तरफ बचत खातों और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) पर मिलने वाला ब्याज भी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे बचतकर्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।
आगे क्या होगा?
अगली FOMC बैठक 27-28 अक्टूबर 2026 को होनी है, जहां तय होगा कि फेड इसी सख्त रुख को आगे बढ़ाता है या नहीं। फेड के दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी के संकेतों को देखते हुए बाजार अगली कुछ बैठकों पर करीबी नजर बनाए रखेगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह अनिश्चितता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और टेक शेयरों पर भी असर डाल सकती है, क्योंकि ऊंची कर्ज लागत बड़ी तकनीकी परियोजनाओं की रफ्तार धीमी कर सकती है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह न समझा जाए। शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

[…] अन्य ख़बरें ! […]
[…] अन्य ख़बरें ! […]