SRIT India IPO GMP: ₹218 करोड़ का आईपीओ आज बंद, जानें प्राइस बैंड, GMP और लिस्टिंग की तारीख़
बेंगलुरु की आईटी कंपनी SRIT India का आईपीओ 30 सितंबर 2026 को बोली के लिए बंद हो रहा है। ₹218.40 करोड़ का यह इश्यू 28 सितंबर को खुला था और शुरुआत से ही ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की वजह से चर्चा में है। निवेशक जानना चाहते हैं कि GMP कितना है, कंपनी कैसी है और लिस्टिंग कब होगी।
SRIT India IPO की मुख्य जानकारी
आईपीओ पूरी तरह नया इश्यू है, यानी जुटाई गई पूरी रकम कंपनी को मिलेगी। कोई पुराना शेयरधारक इसमें अपने शेयर नहीं बेच रहा।
प्राइस बैंड और लॉट साइज़
- प्राइस बैंड: ₹123 से ₹130 प्रति शेयर
- एक लॉट में 115 शेयर, यानी ऊपरी बैंड पर न्यूनतम निवेश लगभग ₹14,950
- कुल इश्यू: 1.68 करोड़ शेयर
- एंकर निवेशकों से ₹65.52 करोड़ जुटाए गए (एंकर बोली 25 सितंबर को)
अहम तारीख़ें
- बोली खुली: 28 सितंबर 2026
- बोली बंद: 30 सितंबर 2026 (शाम 5 बजे)
- शेयर आवंटन: 1 अक्टूबर 2026 (संभावित)
- लिस्टिंग: 6 अक्टूबर 2026 (संभावित), NSE और BSE पर
SRIT India IPO GMP आज कितना है?
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अलग-अलग ट्रैकिंग वेबसाइटों पर GMP थोड़ा अलग दिख रहा है, क्योंकि यह अनौपचारिक बाज़ार से आता है। ताज़ा जानकारी के अनुसार यह ₹23 से ₹33 के बीच रहा है। अब तक का सबसे ऊँचा GMP ₹33 रहा, जो 28 सितंबर को दर्ज हुआ। 29 सितंबर को कई जगह यह ₹25 के आसपास था, जबकि आज कुछ जगह ₹30 से ₹31 बताया गया है।
GMP से क्या अनुमान बनता है?
ऊपरी बैंड ₹130 में ₹23 से ₹33 का प्रीमियम जोड़ें तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत लगभग ₹153 से ₹163 बैठती है, यानी करीब 18% से 25% का संभावित फ़ायदा। लेकिन यह सिर्फ़ अनुमान है, पक्की कमाई नहीं।
GMP पर कितना भरोसा करें?
GMP एक अनौपचारिक संकेतक है जो मान्यता प्राप्त शेयर बाज़ार के बाहर तय होता है। इसे कोई नियामक संस्था जारी नहीं करती और यह कभी भी बदल सकता है। लिस्टिंग के दिन शेयर GMP से ऊपर या नीचे, दोनों तरफ़ खुल सकता है। इसलिए सिर्फ़ इसके भरोसे निवेश का फ़ैसला जोखिम भरा हो सकता है।
सब्सक्रिप्शन का हाल
पहले दिन सुबह 11:45 बजे तक इश्यू 0.32 गुना भरा था। बाद में माँग बढ़ी और ताज़ा आँकड़ों में यह 4 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो चुका है। अंतिम आँकड़े बोली बंद होने के बाद स्पष्ट होंगे, जब QIB, NII और खुदरा निवेशकों की श्रेणी-वार माँग सामने आएगी।
कंपनी कारोबार क्या करती है?
SRIT India की स्थापना सितंबर 1999 में हुई थी और इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। यह आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं की कंपनी है, जो डिजिटल परिवर्तन, सिस्टम स्वचालन, कस्टम ऐप विकास और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसी सेवाएँ देती है। कंपनी के पास 26 साल से ज़्यादा का अनुभव है और वह भारत तथा विदेश में सरकारी संस्थाओं व संगठनों के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाती और चलाती है।
वित्तीय स्थिति
- 30 सितंबर 2025 तक कंपनी का बकाया ऑर्डर बुक ₹1,280.62 करोड़ था।
- वित्त वर्ष 2026 (मार्च 2026 तक) में राजस्व 15% और शुद्ध मुनाफ़ा 29% बढ़ा।
वैल्यूएशन और विश्लेषकों की राय
एक ब्रोकरेज हाउस के अनुसार कंपनी सरकारी क्षेत्र के डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं में आईटी के एकीकरण और स्मार्ट मीटरिंग जैसी पहलों का लाभ उठाने की अच्छी स्थिति में है। मूल्यांकन के मोर्चे पर यह ई-गवर्नेंस और आईटी क्रियान्वयन की समकक्ष कंपनियों से कुछ रियायती दिखता है। रेलटेल का पी/ई लगभग 36 गुना और प्रोटियन ई-गव टेक्नोलॉजीज़ का लगभग 23.5 गुना है, जबकि बड़ी आईटी कंपनियों में मैस्टेक का लगभग 17.5 गुना है।
निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
- कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा सरकारी परियोजनाओं से आता है, इसलिए भुगतान में देरी या ऑर्डर में बदलाव का असर पड़ सकता है।
- आवेदन से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) ज़रूर पढ़ें।
- अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि के हिसाब से फ़ैसला लें, सिर्फ़ लिस्टिंग गेन के लालच में नहीं।
- आवंटन की स्थिति रजिस्ट्रार की वेबसाइट या अपने ब्रोकर ऐप पर देखें।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।)

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