महाकौशल की नई उड़ान: जबलपुर बनेगा मध्य प्रदेश का नया ‘मेट्रोपोलिटन शहर’; सीएम मोहन यादव ने जारी किया 50 किमी दायरे का मास्टर प्लान

इंदौर और भोपाल की तर्ज पर जबलपुर का होगा व्यापक विकास; आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और पर्यटन के लिए आयोजित होगा ग्लोबल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव।

महाकौशल अंचल के सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्र जबलपुर की सूरत और सीरत बदलने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि जबलपुर को इंदौर और भोपाल की तर्ज पर राज्य का नया ‘मेट्रोपोलिटन शहर’ (Metropolitan City) घोषित किया जाएगा। शहर की आगामी 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 50 किलोमीटर के दायरे में फैले एक वृहद मास्टर प्लान (Master Plan) को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे आसपास के उपनगरों और औद्योगिक क्षेत्रों का एकीकृत विकास संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री निवास में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस रणनीति को मंजूरी दी गई। इस नए मास्टर प्लान के तहत जबलपुर में आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, पर्यटन सर्किट, आधुनिक चिड़ियाघर (Modern Zoo & Rescue Centre) और रियल एस्टेट सेक्टर को गति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, देश-दुनिया के बड़े उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए अगले माह जबलपुर में एक विशेष ‘इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव’ (Industrial Conclave) आयोजित कर सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेश आमंत्रित किया जाएगा।

1. 50 किमी का दायरा और 30-वर्षीय मास्टर प्लान की मुख्य बातें

जबलपुर के मास्टर प्लान को जनभावनाओं और व्यापारिक संगठनों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है:

  • आसपास के कस्बों का एकीकरण: जबलपुर शहर के 50 किमी व्यास में आने वाले सभी प्रमुख व्यापारिक और आवासीय क्षेत्रों को मेट्रोपोलिटन अथॉरिटी के दायरे में लाया जाएगा।
  • सिंगल विंडो क्लीयरेंस: उद्योगपतियों के लिए अनुमतियों की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा।
  • रेजिडेंशियल व कमर्शियल जोन: भविष्य की आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए नए रिहायशी और वाणिज्यिक क्षेत्र चिह्नित किए जाएंगे।

2. आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को मिलेगा नया मुकाम

महाकौशल क्षेत्र की अपार क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए कई नई परियोजनाओं पर काम शुरू हो रहा है:

  • कटनी-जबलपुर लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर: मध्य भारत के केंद्र में स्थित होने के कारण जबलपुर को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • भेड़ाघाट और पर्यटन का कायाकल्प: लोक निर्माण मंत्री के अनुसार, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात के पर्यटन विकास के लिए ₹87 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
  • नवीन रोजगार के अवसर: कपड़ा (Garment), खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में हजारों नए स्थानीय रोजगार सृजित होंगे।

3. महाकौशल के विकास के लिए समर्पित नीति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है:

  1. निवेशकों के लिए विशेष छूट: राज्य की कैबिनेट कमेटी फॉर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (CCIP) के जरिए बड़ी औद्योगिक इकाइयों को विशेष इंसेंटिव पैकेज दिए जाएंगे।
  2. हेल्थकेयर और शिक्षा का हब: जबलपुर को मध्य प्रदेश का प्रमुख मेडिकल और सुपर-स्पेशलिटी केयर हब बनाया जाएगा।

निष्कर्ष 

 

जबलपुर को ‘मेट्रोपोलिटन सिटी’ का दर्जा मिलना और 30-वर्षीय मास्टर प्लान लागू होना महाकौशल अंचल के इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह पहल न केवल शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार लाएगी, बल्कि जबलपुर को मध्य भारत का एक मजबूत औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन केंद्र बनाएगी। आगामी इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव से शहर में निवेश और रोजगार का एक नया दौर शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

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By Kanchan

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