भारतीय उद्योग को रफ्तार: अगस्त में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) बढ़कर हुआ 8%; मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र का शानदार प्रदर्शन

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने जारी किए आंकड़े; मैन्युफैक्चरिंग में लगातार तीसरे महीने 8% से अधिक की ग्रोथ, अनुकूल बेस इफेक्ट का भी मिला फायदा।

त्योहारी सीजन से पहले आई बड़ी खबर, उद्योगों को लगा पंख, अगस्त में 8% रही IIP ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 9% पर पहुंची! | Zee Business Hindi

भारतीय अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्र के लिए अगस्त 2026 का महीना बड़ी राहत और मजबूती लेकर आया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा 28 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production – IIP) वर्ष-दर-वर्ष 8.0 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। यह जुलाई 2026 में दर्ज की गई 7.4 प्रतिशत की वृद्धि दर से अधिक है। औद्योगिक उत्पादन की इस तेज रफ्तार को मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (9.0%) और बिजली व गैस आपूर्ति (12.3%) में आए जोरदार उछाल तथा अगस्त 2025 के अनुकूल निचले आधार प्रभाव (Favourable Base Effect) का समर्थन मिला है।

द इकोनॉमिक टाइम्स और लाइवमिंट द्वारा मोस्पी (MoSPI) के त्वरित अनुमानों (Quick Estimates) के विश्लेषण के अनुसार, अगस्त 2026 में कुल IIP सूचकांक बढ़कर 123.3 अंक पर पहुंच गया, जो अगस्त 2025 में 114.2 अंक था। यह बीते 29 महीनों में जून के बाद दूसरी सबसे तेज औद्योगिक वृद्धि दर है। भारतीय अर्थव्यवस्था में 76% से अधिक भारांश (Weightage) रखने वाले मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने रिकॉर्ड बनाते हुए लगातार तीसरे महीने 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर हासिल की है। इसके अतिरिक्त, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों (अप्रैल से अगस्त) के दौरान cumulative IIP ग्रोथ 6.7 प्रतिशत रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4.2 प्रतिशत थी।

IIP data July 2025: जुलाई 2025 में भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 3.5% बढ़ा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना प्रमुख आधार%%sep%% %%enurl%% %%sep%% %%sitename%%

1. मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र बने ग्रोथ के मुख्य इंजन

अगस्त 2026 में औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने में दो प्रमुख कोर सेक्टर्स का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा:

  • मैन्युफैक्चरिंग में 9.0% का उछाल: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 प्रमुख उद्योग समूहों में से 18 समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। सबसे अधिक बढ़त इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट (30.9%), ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट (25.3%) और मोटर वाहन व ऑटो-कंपोनेंट्स (25.2%) में देखी गई।
  • बिजली व गैस आपूर्ति में 12.3% की वृद्धि: देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में वृद्धि और औद्योगिक गतिविधियों के तेज होने से बिजली की मांग बढ़ी, जिसके चलते बिजली उत्पादन में दोहरे अंकों (Double-Digit) की जोरदार बढ़त दर्ज हुई।
  • वाटर सप्लाई व वेस्ट मैनेजमेंट: नए शामिल किए गए जल आपूर्ति, सीवरेज और कचरा प्रबंधन क्षेत्र ने भी 6.3 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर दर्ज की।

2. उपयोग-आधारित वर्गीकरण (Use-Based Classification) और कंज्यूमर डिमांड का हाल

IIP के उपयोग-आधारित आंकड़ों से पता चलता है कि निजी निवेश और खपत में सुधार हो रहा है:

उपयोग-आधारित श्रेणी (Use-Based Category) अगस्त 2026 वृद्धि दर (%) मुख्य रुझान व टिप्पणी
कैपिटल गुड्स (Capital Goods) +16.9% सरकारी और निजी पूंजीगत खर्च (Capex) में निरंतरता का संकेत।
इंटरमीडिएट गुड्स (Intermediate Goods) +13.7% औद्योगिक कच्चे माल और पार्ट्स की भारी मांग।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (Consumer Durables) +11.1% आगामी त्योहारी सीजन (Festive Season) से पहले इलेक्ट्रॉनिक व होम अप्लायंसेज की मजबूत मांग।
इंफ्रास्ट्रक्चर/कंस्ट्रक्शन गुड्स +6.4% देश भर में निर्माण व इंफ्रा परियोजनाओं की स्थिर प्रगति।
कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स +2.1% पिछले महीने की गिरावट के बाद वापसी, जो ग्रामीण मांग (Rural Demand) में सुधार का संकेत है।

3. माइनिंग में गिरावट और ‘बेस इफेक्ट’ का असर

औद्योगिक आंकड़ों के सकारात्मक पहलुओं के बीच कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं:

  1. माइनिंग (खनन) क्षेत्र में 5.6% की गिरावट: मानसून और भारी बारिश के कारण खदानों में कामकाज प्रभावित होने से माइनिंग एवं क्वेरीइंग क्षेत्र में 5.6 प्रतिशत का संकुचन (Contraction) दर्ज किया गया।
  2. अनुकूल बेस इफेक्ट (Low Base Effect): बैंक ऑफ बड़ौदा और इकरा (ICRA) के मुख्य अर्थशास्त्रियों के अनुसार, अगस्त 2025 में IIP वृद्धि दर मात्र 4.7 प्रतिशत थी। पिछले साल की इस धीमी रफ्तार का फायदा (बेस इफेक्ट) अगस्त 2026 के आंकड़ों को मिला है।
  3. आगे की राह और त्योहारी सीजन: अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सितंबर और अक्टूबर में त्योहारी मांग (Festive Demand) और ऑटोमोबाइल बिक्री से IIP को और मजबूती मिलेगी, हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं और कमोडिटी कीमतों के दबाव पर नजर रखनी होगी।

भारत का औद्योगिक उत्पादन बढ़ा, जून के 3.7% से बढ़कर जुलाई में 5.7% हो गया - iip july 2023, indias industrial output rises 5.7% in july from 3.7% in june - - The Economic Times Hindi

निष्कर्ष 

अगस्त 2026 के IIP आंकड़े यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि भारतीय उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग में लगातार 9% की ग्रोथ और कैपिटल गुड्स में 16.9% का उछाल यह साबित करता है कि घरेलू मांग और बुनियादी ढांचे में निवेश का पहिया तेजी से घूम रहा है। हालांकि माइनिंग में आई गिरावट और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताएं अल्पकालिक चुनौतियां पेश कर सकती हैं, लेकिन आगामी त्योहारी सीजन भारतीय अर्थव्यवस्था की औद्योगिक रफ्तार को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

अन्य ख़बरें !

By Kanchan

One thought on “India IIP Growth August 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार, अगस्त में औद्योगिक उत्पादन (IIP) बढ़कर 8% हुआ; मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र में उछाल”
  1. […] सौदों, वाहन पंजीकरण पर उठे सवाल India IIP Growth August 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ… Bihar Flood 2026: गंडक नदी ने तोड़ा ऑल-टाइम […]

Comments are closed.