15 अक्टूबर को पंजाब बंद का ऐलान, सुबह 6 से शाम 5 बजे तक रहेगा बंद; जानें स्कूल, बस और बाजार पर असर
चंडीगढ़: पंजाब में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। यह बंद नशा विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाया गया है। मृतक के परिवार और इंसाफ की मांग कर रही संघर्ष समिति ने लोगों से सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बंद में शामिल होने की अपील की है। इस दौरान बाजार, सड़क यातायात और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की आशंका है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने भी बंद का समर्थन किया है। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के अनुसार, बंद के दौरान SGPC के कार्यालय और संस्थान बंद रहेंगे। वहीं, किसानों के संगठनों ने भी लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है।
बंद क्यों बुलाया गया है?
यह बंद मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। मंगलवार, 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ विवाद के दौरान झोटा को गोली मार दी गई थी। घटना उस समय हुई, जब वह कथित तौर पर मेडिकल स्टोर से नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर सवाल उठा रहे थे और फेसबुक लाइव कर रहे थे।
घटना में उनके कुछ साथी भी घायल हुए थे। इसके बाद मानसा में आक्रोश फैल गया और मृतक के परिजनों ने न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही।
परिवार और प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे तथा नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई शामिल हैं।
15 अक्टूबर को क्या-क्या बंद रह सकता है?
बंद के आह्वान और विभिन्न संगठनों के समर्थन के कारण पंजाब के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, पूरे राज्य में हर सेवा बंद रहने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- बाजार और दुकानें: व्यापारी संगठनों की भागीदारी के अनुसार कई स्थानों पर दुकानें बंद रह सकती हैं।
- बस और सड़क परिवहन: मानसा और आसपास के क्षेत्रों में बस सेवाओं तथा यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। कुछ मार्गों पर प्रदर्शन या सड़क जाम हो सकता है।
- स्कूल और कॉलेज: पूरे पंजाब में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का कोई पुष्ट राज्यव्यापी सरकारी आदेश सामने नहीं आया है। अभिभावक अपने स्कूल या कॉलेज से जानकारी लें।
- सरकारी कार्यालय: राज्यव्यापी सरकारी अवकाश की पुष्टि नहीं हुई है। कार्यालयों की स्थिति स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
- आपातकालीन सेवाएं: प्रदर्शन के आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस और अन्य आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को चलने दिया जाएगा।
SGPC ने भी किया बंद का समर्थन
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुलाए गए पंजाब बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। इसके तहत SGPC के कार्यालय और संबंधित संस्थान 15 अक्टूबर को बंद रहेंगे।
किसान संगठनों ने भी नशे की समस्या के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि नशे का संकट पंजाब के युवाओं और परिवारों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।
पंजाब बंद के दौरान घर से निकलने से पहले क्या करें?
15 अक्टूबर को यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले अपने मार्ग, बस सेवा और स्थानीय बाजार की स्थिति जांच लें। विशेष रूप से मानसा, बरनाला और आसपास के क्षेत्रों में सड़क अवरोध की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त समय लेकर चलना उपयोगी होगा।
फिलहाल बंद का समय सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इसका वास्तविक असर विभिन्न जिलों में स्थानीय संगठनों की भागीदारी और प्रशासन की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।


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