पंजाब में नशे के खिलाफ शंखनाद: जालंधर में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का महा-समापन; गृह मंत्री अमित शाह करेंगे विशाल जनसभा को संबोधित
13 दिनों में 4,000 किलोमीटर और सभी 117 विधानसभा सीटों का सफर तय कर परागपुर पहुंची यात्रा; रैली से पहले नशा पीड़ित परिवारों से संवाद करेंगे अमित शाह।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने और नशे की समस्या को राज्य की राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा निकाली गई 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का आज जालंधर में भव्य समापन हो रहा है। 30 सितंबर 2026 को जालंधर के परागपुर स्थित नेशनल हाईवे-44 (अमृतसर-दिल्ली जीटी रोड) के समीप आयोजित विशाल महारैली को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करने जा रहे हैं। इस विशाल रैली के साथ ही 18 सितंबर से शुरू हुई राज्यव्यापी जन-जागरूकता यात्रा का औपचारिक समापन होगा, जिसने पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की है।
वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने इस जन-यात्रा के माध्यम से नशे के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक व सामाजिक आंदोलन खड़ा करने का प्रयास किया है। “भाजपा दा नारा, नशा मुकाउना सारा” के नारे के साथ निकाली गई यह यात्रा चार अलग-अलग स्थानों—पठानकोट (माधोपुर), फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से शुरू हुई थी। परागपुर में आयोजित इस मेगा रैली के लिए भाजपा ने लगभग 60 एकड़ क्षेत्र में भव्य तैयारियां की हैं, जिसमें 45 एकड़ में मुख्य पंडाल और 15 एकड़ में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। रैली को संबोधित करने से पहले गृह मंत्री अमित शाह नशे के कारण अपनों को खोने वाले पीड़ित परिवारों से एक विशेष बंद कमरे में मुलाकात (Closed-door Interaction) करेंगे।
1. 13 दिनों में 4,000 किलोमीटर का सफर: चार रास्तों से गुजरी ‘नशा मुक्त यात्रा’
पंजाब के हर कोने तक नशा विरोधी संदेश पहुंचाने के लिए इस यात्रा को चार प्रमुख चरणों में बांटा गया था:
- प्रथम चरण (पठानकोट): 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
- द्वितीय व तृतीय चरण (फतेहगढ़ साहिब व फाजिल्का): 19 और 20 सितंबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन यात्राओं का शुभारंभ किया।
- चतुर्थ चरण (तलवंडी साबो): 21 सितंबर को मालवा अंचल के ऐतिहासिक स्थल तलवंडी साबो से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चौथे चरण को रवाना किया।
- सभी 117 सीटों का कवरेज: चारों यात्राओं ने राज्य के 12,000 से अधिक गांवों और कस्बों को कवर करते हुए जालंधर में प्रवेश किया।
2. नशा पीड़ित परिवारों से संवाद और सामाजिक अभियान का विस्तार
भाजपा नेतृत्व के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि एक सामाजिक जनांदोलन खड़ा करना है:
- पीड़ित परिवारों का दर्द साझा करेंगे अमित शाह: गृह मंत्री अमित शाह रैली स्थल पर पहुंचने के बाद उन माताओं और परिवारों से मिलेंगे जिन्होंने नशे की ओवरडोज के कारण अपने बेटों और परिजनों को खो दिया है।
- यात्रा समाप्त, आंदोलन जारी रहेगा: पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर को यात्रा का समापन इस अभियान का अंत नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक बड़े जन-आंदोलन की शुरुआत है जो लगातार जारी रहेगा।
- 2,000 से अधिक बसें और भारी जनसैलाब: जालंधर के दोआबा क्षेत्र सहित पूरे पंजाब से समर्थकों और कार्यकर्ताओं को लाने के लिए 2,000 से अधिक बसों का प्रबंध किया गया है।
3. ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की मुख्य विशेषताएं
| पहलू (Aspect) | विवरण एवं आंकड़े (Details) |
|---|---|
| अभियान की अवधि (Duration) | 13 दिन (18 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026) |
| कुल दूरी व क्षेत्र (Coverage) | 4,000 किलोमीटर, पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटें |
| प्रमुख शुरुआत स्थल (Starting Points) | पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो |
| समापन स्थल (Finale Venue) | परागपुर (जी.टी. रोड, जालंधर) – 60 एकड़ परिसर |
| मुख्य अतिथि व वक्ता (Key Speaker) | अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) |
4. सुरक्षा के कड़े इंतजाम और बम की धमकी भरा ईमेल
गृह मंत्री के दौरे और जालंधर महारैली को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं:
- धमकी भरे ईमेल के बाद हाई अलर्ट: रैली से कुछ घंटे पहले जालंधर के कुछ निजी स्कूलों और प्रमुख स्थलों को लक्षित कर एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
- परागपुर रैली स्थल पर अभेद्य सुरक्षा: जीटी रोड स्थित रैली स्थल, देवी तालाब मंदिर और कोर्ट परिसर के आसपास डॉग स्क्वाड, बम निरोधक दस्ते और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की भारी तैनाती की गई है।
- ट्रैफिक डाइवर्ट: अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुचारू यातायात के लिए रूट डाइवर्ट किए गए हैं ताकि रैली में आने वाले वाहनों को सुगमता रहे।
निष्कर्ष
जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यह महारैली केवल एक यात्रा का समापन नहीं है, बल्कि पंजाब की राजनीति में नशे के संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा का एक औपचारिक शंखनाद है। 4,000 किलोमीटर का सफर तय कर जालंधर पहुंची ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ ने राज्य के दूर-दराज के गांवों तक नशे के खिलाफ अलख जगाई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार और भाजपा इस सामाजिक आंदोलन को पंजाब के युवाओं के पुनर्वास और नशा तस्करी पर कड़े प्रहार के रूप में किस प्रकार आगे बढ़ाती हैं।
