लोकतंत्र और वोट के अधिकार की जंग: CJP ने मुंबई से फूंका बिगुल; मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, 10 अक्टूबर को ‘जंतर मंतर 2.0’ की चेतावनी

गांधी जयंती पर शिवाजी पार्क में जुटी हजारों युवाओं की भीड़, लहराए ‘ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन’ के पोस्टर; दिल्ली में पुलिस की सख्ती और 11 मेट्रो स्टेशन बंद।


देश में निष्पक्ष चुनाव और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के मुद्दे पर युवाओं का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूट पड़ा है। 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) के अवसर पर युवा नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर अपने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के दूसरे चरण का आगाज कर दिया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) और प्रवक्ताओं के आह्वान पर मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में हजारों युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं ने तिरंगा और तख्तियां थामकर जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं, राजधानी नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और सुरक्षा कारणों से 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास द्वार बंद करने पड़े।

 CJP का यह विरोध प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों के बाद शुरू हुआ है। CJP का आरोप है कि पिछले दो वर्षों में देश भर में करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए हैं, जिससे युवाओं और आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला हुआ है। मुंबई पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद शिवाजी पार्क में विशाल सभा आयोजित की गई, जहां CJP ने घोषणा की कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 10 अक्टूबर 2026 से दिल्ली के जंतर मंतर पर ‘जंतर मंतर 2.0’ नाम से अनिश्चितकालीन महा-आंदोलन शुरू किया जाएगा।

1. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की 3 प्रमुख मांगें

शिवाजी पार्क रैली के दौरान CJP नेतृत्व द्वारा रखी गई मुख्य मांगें:

क्र. सं. मांग का विषय (Core Demand) विवरण और कारण (Details & Objectives)
1. CEC का इस्तीफा व मुकदमा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा और मतदाता सूची में गड़बड़ी पर आपराधिक जांच।
2. SIR प्रक्रिया पर रोक वर्ष 2025 की मतदाता सूची को तुरंत फ्रीज किया जाए और चालू SIR प्रक्रिया को निलंबित किया जाए।
3. 2023 कानून में संशोधन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द कर सिविल सोसाइटी की भागीदारी से पारदर्शी चयन हो।

2. मुंबई में पुलिस की पाबंदी के बावजूद शक्ति प्रदर्शन

गांधी जयंती के दिन मुंबई और दिल्ली में हुए घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:

  • ‘ज्ञानेश ब्रो, जस्ट रिजाइन’ के पोस्टर: मुंबई के शिवाजी पार्क में जुटे युवाओं के हाथों में “Gyanesh BRO, JUST RESIGN” और “Save Democracy” के बैनर दिखाई दिए।
  • दिल्ली में धारा 144 और हिरासत: नई दिल्ली के मध्य भाग में प्रदर्शन के लिए एकत्र हो रहे सैकड़ों CJP कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों के सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बसों में भेजा।
  • 11 मेट्रो स्टेशन बंद: एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने केंद्रीय दिल्ली के 11 प्रमुख स्टेशनों पर आवाजाही रोक दी।

3. 10 अक्टूबर को ‘जंतर मंतर 2.0’: CJP का अल्टीमेटम

CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया (X) और मीडिया वार्ता में स्पष्ट संदेश दिया है:

  1. 48 घंटे का अल्टीमेटम: CJP ने चुनाव आयोग को अपना रुख साफ करने के लिए समय सीमा दी है।
  2. दिल्ली कूच की तैयारी: “यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर के युवा दिल्ली की ओर मार्च करेंगे। अगर दिल्ली पुलिस हमें जहां भी रोकेगी, वही जगह हमारा नया जंतर मंतर बन जाएगी।”
  3. अहिंसक ‘जेल भरो’ आंदोलन: CJP ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और महात्मा गांधी के दिखाए सत्य व अहिंसा के रास्ते पर आधारित होगा।

निष्कर्ष

परीक्षा लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद, CJP का यह नया आंदोलन भारतीय राजनीति में युवाओं की बढ़ती भागेदारी और जन-दबाव की मिसाल बन रहा है। देश की चुनावी प्रणाली की निष्पक्षता और पवित्रता बनाए रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के समक्ष पारदर्शिता स्थापित करने की बड़ी चुनौती है। 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाला ‘जंतर मंतर 2.0’ यह तय करेगा कि देश का चुनावी सुधार आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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द्वारा Kanchan

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