8वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर, सैलरी हाइक और लागू होने की तारीख को लेकर बड़ा अपडेट
करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इन दिनों 8वें केंद्रीय वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। आयोग का गठन हो चुका है, परामर्श प्रक्रिया देशभर में जोरों पर चल रही है, लेकिन सैलरी में असल बढ़ोतरी कब और कितनी होगी, इसे लेकर अभी भी कई अहम सवाल बने हुए हैं। आइए समझते हैं कि अभी तक क्या तय हुआ है और आगे क्या उम्मीद की जा सकती है।
कब हुआ आयोग का गठन
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का औपचारिक गठन 3 नवंबर 2025 को सरकारी अधिसूचना के जरिए किया गया था। इससे पहले 28 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयोग के कार्यक्षेत्र (ToR) को मंजूरी दी थी। पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को इस आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिन्हें 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। यह आयोग करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा पहुंचाएगा, और इसका असर राज्य सरकारों के कर्मचारियों के वेतन ढांचे पर भी पड़ सकता है। गौरतलब है कि मौजूदा 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, और उसका कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है।
देशभर में चल रहा परामर्श अभियान
आयोग फिलहाल कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए देश के अलग-अलग शहरों का दौरा कर रहा है। सितंबर 2026 में ही आयोग जयपुर (31 अगस्त-1 सितंबर), चेन्नई (7-8 सितंबर), पुदुचेरी (9 सितंबर) और चंडीगढ़ (16-18 सितंबर) का दौरा कर चुका है या कर रहा है। इसके अलावा अक्टूबर में आयोग बेंगलुरु का भी दौरा करेगा। सरकार ने आम कर्मचारियों से सीधे सुझाव लेने के लिए MyGov पोर्टल पर एक विशेष फीडबैक मॉड्यूल भी लॉन्च किया है। इसके साथ ही आयोग ने अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों से कर्मचारियों का डेटा जमा करने के लिए एक ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल भी शुरू किया था, जिसकी अंतिम तारीख 30 जून से बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 की गई थी और यह समयसीमा अब समाप्त हो चुकी है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, जो यह तय करता है कि मौजूदा वेतन में कितना गुणा करके नया वेतन तय किया जाएगा। कर्मचारी यूनियनें 2.86 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं, जबकि विशेषज्ञों के अनुमान इससे कुछ कम, यानी 2.6 से 2.85 के बीच के दायरे में हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि आयोग ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर, नया वेतन मैट्रिक्स, HRA ढांचा या पेंशन संशोधन फॉर्मूला जैसी कोई भी बात अंतिम रूप से तय नहीं की है। फिलहाल जो भी सैलरी अनुमान चर्चा में हैं, वे सिर्फ परामर्श चरण के प्रस्तावों और अनुमानों पर आधारित हैं।
कब से लागू होगा नया वेतनमान
सरकार ने 1 जनवरी 2026 को नए वेतनमान के लिए संदर्भ तिथि के तौर पर रखा है, यानी सैद्धांतिक रूप से नई सैलरी संरचना इसी तारीख से मानी जाएगी। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक रूप से इसका क्रियान्वयन 2027 में ही हो पाएगा। इसका मतलब है कि जब भी आयोग की सिफारिशें औपचारिक रूप से अधिसूचित होंगी, तब तक की अवधि के लिए कर्मचारियों को एरियर (बकाया राशि) का भुगतान किया जाएगा। यानी भले ही नया वेतनमान देर से लागू हो, लेकिन 1 जनवरी 2026 से उस तारीख तक का अंतर बाद में एकमुश्त या किश्तों में चुकाया जा सकता है।
सैन्य और अर्धसैनिक बलों की भी मांगें शामिल
आयोग के सामने सिर्फ सामान्य कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि विशेष समूहों की मांगें भी रखी जा रही हैं। 10 अगस्त 2026 को सैन्य पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वन रैंक वन पेंशन से जुड़े व्यापक सुधारों को लेकर आयोग के सामने एक ज्ञापन सौंपा था। इसके अलावा सभी पूर्व अर्धसैनिक बल कल्याण संघों के गठबंधन के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण संघ ने पेंशन और पारिवारिक पेंशन के संशोधन को लेकर भी अपनी मांगें आयोग के सामने पेश की हैं।
कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है सब्र रखना
8वें वेतन आयोग की घोषणा से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में स्वाभाविक रूप से उत्साह है, लेकिन विशेषज्ञ बार-बार यह याद दिला रहे हैं कि अभी तक कोई भी आंकड़ा अंतिम नहीं है। जनवरी 2026 की संदर्भ तिथि का मतलब यह नहीं है कि सैलरी में बदलाव तुरंत हो जाएगा, और इसे लेकर अनावश्यक उम्मीदें रखने से बचना चाहिए। आयोग की सिफारिशें पूरी होने, सरकार की मंजूरी मिलने और औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही असल तस्वीर साफ होगी।
