Jabalpur Mowgli Bal Utsav Exam: 50 जनशिक्षा केंद्रों से चुने विद्यार्थियों ने दी परीक्षा, अब जिला स्तर के बाद प्रदेश स्तरीय उत्सव में मिलेगा मौका
Jabalpur Mowgli Bal Utsav Exam:मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘मोगली बाल उत्सव परीक्षा’ का विकासखंड स्तरीय चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। 22 सितंबर को आयोजित इस परीक्षा में जिले के 50 जनशिक्षा केंद्रों से चयनित प्रतिभावान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह पहल केवल किताबी ज्ञान की परीक्षा नहीं है, बल्कि बच्चों में प्रकृति, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति गहरी समझ और संवेदनशीलता विकसित करने का एक अनूठा शैक्षणिक अभियान है।

तीन चरणों की पारदर्शी चयन प्रक्रिया
मोगली बाल उत्सव में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को एक व्यवस्थित और पारदर्शी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है:
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शाला स्तर: सबसे पहले प्रत्येक विद्यालय में प्रारंभिक स्तर पर बच्चों की प्रतिभा को परखा जाता है।
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जनशिक्षा केंद्र स्तर: शाला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र जनशिक्षा केंद्र स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं।
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विकासखंड स्तर: जनशिक्षा केंद्रों से चयनित शीर्ष छात्र विकासखंड स्तरीय परीक्षा में शामिल होते हैं। हाल ही में आयोजित 22 सितंबर की परीक्षा इसी चरण का हिस्सा थी।
अब विकासखंड स्तर पर सफल होने वाले छात्र अगले चरण यानी जिला स्तरीय परीक्षा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
आयु वर्ग और परीक्षा का प्रारूप
प्रतियोगिता को न्यायसंगत और संतुलित बनाने के लिए दो मुख्य आयु वर्गों में विभाजित किया गया है:
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कनिष्ठ वर्ग: कक्षा 5वीं से 8वीं तक के छात्र।
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वरिष्ठ वर्ग: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र।
यह परीक्षा पारंपरिक रटंत प्रणाली से पूरी तरह भिन्न है। इसका मुख्य उद्देश्य सामान्य ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को परखना है। प्रश्नों का प्रारूप इस तरह तैयार किया जाता है जिससे बच्चे पर्यावरण, सामाजिक मुद्दों और प्रकृति-विज्ञान से जुड़े विषयों पर गहराई से सोच सकें।
पेंच राष्ट्रीय उद्यान (सिवनी) में प्रदेश स्तरीय उत्सव
जिला स्तर पर चयनित होने वाले विद्यार्थियों को राज्य स्तर की मुख्य प्रतियोगिता और उत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
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प्रस्तावित तिथि: 27 से 29 अक्टूबर 2026
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आयोजन स्थल: पेंच अभयारण्य (राष्ट्रीय उद्यान), सिवनी
प्रदेश स्तरीय यह तीन दिवसीय आयोजन बच्चों के लिए एक यादगार और व्यावहारिक अनुभव साबित होगा। यहाँ केवल लिखित परीक्षा नहीं होगी, बल्कि विद्यार्थियों को सीधे प्रकृति के करीब जाने का मौका मिलेगा।

व्यावहारिक गतिविधियां और वास्तविक अनुभव
पेंच अभयारण्य में आयोजित होने वाले उत्सव में शामिल गतिविधियों का प्रारूप बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:
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जंगल सफारी और ट्रैकिंग: छात्र प्राकृतिक वातावरण में जाकर वनस्पति, जीवों और वन पारिस्थितिकी (Ecology) को करीब से देखेंगे।
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क्विज एवं बौद्धिक प्रतियोगिताएं: पर्यावरण और वन्यजीवों पर आधारित ज्ञानवर्धक सत्र।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम और फिल्म प्रदर्शन: पर्यावरण चेतना और वन्यजीव संरक्षण पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।
किताबों में पढ़े गए पाठों को जब बच्चे अपनी आंखों से जंगल में देखते हैं, तो उनका अधिगम (Learning) अधिक स्थायी और प्रभावी हो जाता है।
परीक्षा केंद्रों का सुचारू संचालन
जबलपुर विकासखंड में पंडित लज्जा शंकर झा मॉडल हाई स्कूल को मुख्य परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने स्वयं केंद्र का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में जिले के शिक्षकों, ब्लॉक एकेडमिक समन्वयकों (BAC), जनशिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का विशेष योगदान रहा।
निष्कर्ष
मोगली बाल उत्सव परीक्षा मध्यप्रदेश शासन की एक सराहनीय पहल है। यह न केवल विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धी भावना जगाती है, बल्कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिक भी बनाती है। जबलपुर के 50 जनशिक्षा केंद्रों से निकले ये छात्र अब पेंच के जंगलों में प्रकृति के पाठ सीखने के लिए उत्सुक हैं।
