Laid Off From HP After 30 Years, 59-Year-Old Woman Moves To Antarctica For Job. Here's How It Went

HP layoff के बाद 38 साल की नौकरी खत्म, 59 की उम्र में महिला ने अंटार्कटिका में शुरू की नई जिंदगी

कभी-कभी करियर का सबसे बड़ा झटका ही जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन जाता है। अमेरिका की मे ली की कहानी कुछ ऐसी ही है। करीब चार दशकों तक टेक कंपनी HP (Hewlett-Packard) के लिए काम करने के बाद 59 साल की उम्र में जब उनकी नौकरी छूट गई, तो उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी जिंदगी को पूरी तरह नई दिशा दे दी — और आज वे दुनिया के सबसे ठंडे और सबसे दूरदराज महाद्वीप अंटार्कटिका में काम कर रही हैं।

HP के साथ शुरू हुआ था लंबा सफर

मे ली 1987 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग इंटर्न के तौर पर Hewlett-Packard से जुड़ी थीं। एक नई ग्रेजुएट के तौर पर उनका सपना था कि वे किसी एक अच्छी कंपनी में लंबे समय तक जुड़े रहें और उसके प्रति वफादार बने रहें। बिजनेस इनसाइडर से बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी कभी भी कॉर्पोरेट सीढ़ी पर तेजी से चढ़ने या बार-बार कंपनियां बदलने की मंशा नहीं थी। वे मार्केटिंग और कम्युनिकेशन मैनेजर के पद तक पहुंचीं, और अगर पिछले साल फरवरी में उनकी छंटनी न हुई होती, तो शायद वे कभी कंपनी नहीं छोड़तीं।

नौकरी छूटने के बाद नहीं मिला कोई ऑफर

छंटनी के बाद मे ली को उम्मीद थी कि उनके वर्षों के टेक अनुभव के दम पर उन्हें जल्दी ही कोई नई नौकरी मिल जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। महीनों बीत गए, लेकिन उन्हें एक भी नौकरी का प्रस्ताव नहीं मिला। ऐसे समय में जब ज्यादातर लोग निराश हो जाते हैं, मे ली ने अपनी एक पुरानी सहकर्मी की सलाह पर गौर किया। उनकी दोस्त ने उनसे कहा था कि उनका घर पहले ही चुकाया जा चुका है, उनके पास पर्याप्त बचत है, और उन्हें अब किसी टेक कंपनी की सैलरी की जरूरत नहीं है — तो क्यों न वे किसी ऐसे क्षेत्र में काम करें, जिसके प्रति वे वाकई जुनूनी हैं।आप अंटार्कटिका की यात्रा कर सकते हैं—और जानिए कैसे | क्वार्क एक्सपेडिशन्स

अंटार्कटिका जाने का अनोखा फैसला

मे ली इससे पहले दो बार पर्यटक के तौर पर अंटार्कटिका जा चुकी थीं, और दोनों ही बार वे इस महाद्वीप की खूबसूरती से मंत्रमुग्ध हो गई थीं। उन्हें नहीं पता था कि वहां आम नागरिकों के लिए भी नौकरियां उपलब्ध होती हैं, लेकिन जब उन्होंने इस बारे में खोजबीन की, तो उन्हें हैरानी हुई कि वाकई ऐसा संभव है। हालांकि अंटार्कटिका में नौकरी पाना आसान नहीं होता — इसके लिए एक लंबी आवेदन प्रक्रिया, बैकग्राउंड जांच और शारीरिक फिटनेस टेस्ट से गुजरना पड़ता है। आखिरकार मे ली को अमेंटम कंपनी में सप्लाई टेक्नीशियन के तौर पर नौकरी मिल गई।

टेक सैलरी से बेहद कम, फिर भी संतोष

इस नई नौकरी में मिलने वाली सैलरी उस सैलरी से काफी कम थी, जो मे ली पहले टेक सेक्टर में कमाती थी। लेकिन चूंकि उनका घर पहले ही पूरी तरह चुकाया जा चुका था और उनके पास अच्छी-खासी बचत भी थी, इसलिए वे आर्थिक रूप से इस बदलाव को अपनाने में सक्षम थीं। अंटार्कटिका में मे ली ने फोर्कलिफ्ट चलाना सीखा और गोदाम में ऐसा काम किया, जो उनके पूरे टेक करियर से बिल्कुल अलग था। उन्होंने न्यू ईयर के मौके पर अंटार्कटिका में आयोजित होने वाले आइसस्टॉक फेस्टिवल में भी हिस्सा लिया, जो वहां के कर्मचारियों के बीच खासा लोकप्रिय आयोजन है।

दूसरी बार वापसी की तैयारी

अंटार्कटिका में ज्यादातर नौकरियां मौसमी होती हैं, इसलिए मे ली अब पतझड़ में एक बार फिर मैकमर्डो स्टेशन लौटने की तैयारी कर रही हैं — इस बार वे वहां ब्रॉडकास्ट इंजीनियर के तौर पर काम करेंगी। अपने इस सफर के बारे में बात करते हुए मे ली ने कहा कि उनकी जिंदगी वैसी नहीं रही, जैसी उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में सोची थी, लेकिन उन्होंने यह सीखा है कि जब चीजें अपेक्षा के मुताबिक नहीं होतीं, तो बस आगे बढ़ते रहना चाहिए। उनके मुताबिक इंसान हमेशा खुद को नए सिरे से गढ़ सकता है।

Laid off at 59 after 3 decades at HP, she found a new career in Antarctica: Her story | Today News

एक प्रेरणादायक सबक

मे ली की कहानी उन लाखों लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो अपने करियर के बीच में अचानक नौकरी छूटने के सदमे से गुजरते हैं। यह कहानी बताती है कि उम्र या क्षेत्र बदलना कभी भी असंभव नहीं होता, बशर्ते इंसान अपने जुनून को पहचानने और नए रास्ते तलाशने के लिए तैयार हो। एक सफल कॉर्पोरेट करियर के बाद अंटार्कटिका जैसे दुर्गम इलाके में नई शुरुआत करना आसान फैसला नहीं था, लेकिन मे ली के लिए यह उनकी जिंदगी का अब तक का सबसे रोमांचक अध्याय साबित हुआ है।

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द्वारा Kanchan