Fast Radio Burst: जेम्स वेब टेलीस्कोप ने खोजा ब्रह्मांड का सबसे दूर स्थित रेडियो विस्फोट, 11 अरब साल पुराना है संकेत
ब्रह्मांड में होने वाली कुछ घटनाएं इतनी शक्तिशाली होती हैं कि उनसे निकले रेडियो संकेत अरबों प्रकाशवर्ष की दूरी तय करके पृथ्वी तक पहुंचते हैं। इन्हें फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRB) कहा जाता है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसे ही एक संकेत की मेजबान आकाशगंगा की पहचान कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से पता चला है कि FRB 20240304B नाम का यह संकेत ब्रह्मांड के शुरुआती दौर से आया था।
8 अक्टूबर 2026 को घोषित इस खोज में वैज्ञानिकों को एक और हैरान करने वाली बात पता चली। इस संकेत की मेजबान आकाशगंगा सामान्य FRB आकाशगंगाओं की तुलना में बहुत छोटी है। इससे इन रहस्यमय संकेतों की उत्पत्ति को लेकर वैज्ञानिकों की समझ में नया आयाम जुड़ा है।
क्या होता है Fast Radio Burst?
फास्ट रेडियो बर्स्ट अंतरिक्ष से आने वाली रेडियो तरंगों का बेहद छोटा, लेकिन शक्तिशाली विस्फोट जैसा संकेत होता है। इसकी अवधि सामान्यतः कुछ मिलीसेकंड होती है। यानी यह पलक झपकने से भी बहुत कम समय में दिखाई देकर गायब हो सकता है।
इन संकेतों की खोज पहली बार 2007 में प्रकाशित वैज्ञानिक शोध के जरिए सामने आई थी। तब से खगोलविद यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी कम अवधि में इतनी अधिक ऊर्जा वाले रेडियो संकेत आखिर कैसे पैदा होते हैं।
कुछ FRB केवल एक बार दिखाई देते हैं, जबकि कुछ दोबारा भी दर्ज किए गए हैं। वैज्ञानिकों ने इनके संभावित स्रोतों के रूप में मैग्नेटार यानी अत्यधिक चुंबकीय न्यूट्रॉन तारे और न्यूट्रॉन तारों के विलय जैसी घटनाओं पर विचार किया है। हालांकि, सभी FRB के लिए एक ही कारण जिम्मेदार है, इसका निर्णायक प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है।
जेम्स वेब टेलीस्कोप ने क्या खोजा?
FRB 20240304B को 4 मार्च 2024 को दक्षिण अफ्रीका में स्थित MeerKAT रेडियो टेलीस्कोप नेटवर्क की मदद से दर्ज किया गया था। शुरुआती रेडियो आंकड़ों से संकेत मिला कि इसका स्रोत बेहद दूर स्थित हो सकता है। लेकिन इसकी वास्तविक दूरी की पुष्टि करने के लिए वैज्ञानिकों को यह पता लगाना था कि संकेत किस आकाशगंगा से आया है।
पृथ्वी पर मौजूद शक्तिशाली दूरबीनों से भी उस स्थान पर आकाशगंगा दिखाई नहीं दी। इसके बाद वैज्ञानिकों ने NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया।
वेब के NIRCam कैमरे ने संकेत की मेजबान आकाशगंगा को पहचानने में मदद की, जबकि NIRSpec उपकरण से उसका रेडशिफ्ट 2.148 मापा गया। इस माप के अनुसार, यह आकाशगंगा उस समय मौजूद थी जब बिग बैंग के बाद ब्रह्मांड की उम्र लगभग 3 अरब वर्ष थी।
इस खोज के साथ FRB 20240304B अब तक का सबसे दूर स्थित ज्ञात फास्ट रेडियो बर्स्ट बन गया है, जिसकी मेजबान आकाशगंगा की पहचान की जा चुकी है।
छोटी आकाशगंगा ने वैज्ञानिकों को क्यों चौंकाया?
वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि इतना दूर स्थित FRB किसी बड़ी और विशाल तारा-निर्माण वाली आकाशगंगा से आया होगा। लेकिन वेब के आंकड़ों से पता चला कि इसकी मेजबान आकाशगंगा एक छोटी बौनी आकाशगंगा है, जहां नए तारे बन रहे हैं।
शोधकर्ताओं के अनुमान के मुताबिक, यह आकाशगंगा पहले की अपेक्षा लगभग 1,000 गुना कम विशाल थी। इसकी सक्रिय तारा-निर्माण प्रक्रिया भी उल्लेखनीय है। अध्ययन के अनुसार, आकाशगंगा के अधिकांश तारों का निर्माण संभवतः लगभग 3 करोड़ वर्षों के बेहद छोटे अंतराल में हुआ होगा।
यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब तक पहचानी गई कई FRB की मेजबान आकाशगंगाएं काफी विशाल रही हैं। नई खोज यह संकेत देती है कि इन रेडियो विस्फोटों के स्रोतों और उनके वातावरण में पहले की अपेक्षा अधिक विविधता हो सकती है।
क्या Fast Radio Burst मैग्नेटार से पैदा होते हैं?
FRB की उत्पत्ति को समझाने के लिए वैज्ञानिकों के सामने कई सिद्धांत हैं। इनमें एक प्रमुख सिद्धांत न्यूट्रॉन तारों के विलय से जुड़ा है। ऐसे तारों को एक-दूसरे के करीब आने और अंततः विलय होने में अरबों वर्ष लग सकते हैं। इसलिए इस प्रक्रिया से बनने वाले संकेतों का संबंध अपेक्षाकृत पुरानी आकाशगंगाओं से होने की उम्मीद की जाती है।
दूसरा सिद्धांत मैग्नेटार पर आधारित है। मैग्नेटार एक युवा न्यूट्रॉन तारा होता है, जिसका चुंबकीय क्षेत्र अत्यधिक शक्तिशाली होता है। इसकी सतह या चुंबकीय क्षेत्र में होने वाली गतिविधियां तेज रेडियो विस्फोट पैदा कर सकती हैं।
FRB 20240304B की छोटी और सक्रिय आकाशगंगा को देखते हुए शोधकर्ताओं का मानना है कि इस विशेष संकेत का न्यूट्रॉन तारों के विलय से पैदा होना कम संभावित है। हालांकि, यह निष्कर्ष सभी FRB की उत्पत्ति का अंतिम उत्तर नहीं है।
ब्रह्मांड को समझने में कैसे मदद करेंगे ऐसे संकेत?
फास्ट रेडियो बर्स्ट केवल दूर स्थित घटनाओं की जानकारी नहीं देते। अरबों प्रकाशवर्ष की यात्रा के दौरान उनकी रेडियो तरंगें गैस, आकाशगंगा समूहों और अंतरिक्ष में फैले पदार्थ से होकर गुजरती हैं। इन बदलावों का अध्ययन करके वैज्ञानिक ब्रह्मांड में पदार्थ के वितरण का नक्शा तैयार कर सकते हैं।
FRB 20240304B के संकेत में वैज्ञानिकों को दो ब्रह्मांडीय संरचनाओं के निशान मिले। इनमें लगभग 3.5 अरब प्रकाशवर्ष दूर स्थित एक पहले से अज्ञात आकाशगंगा समूह और करीब 5.4 करोड़ प्रकाशवर्ष दूर स्थित Virgo Cluster शामिल हैं।
इस तरह FRB भविष्य में ब्रह्मांड के उस अदृश्य जाल को समझने में मदद कर सकते हैं, जो आकाशगंगाओं और बड़े ब्रह्मांडीय ढांचों को जोड़ता है। जेम्स वेब टेलीस्कोप और MeerKAT जैसे उपकरणों का संयुक्त इस्तेमाल वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के शुरुआती इतिहास की नई झलक दे रहा है।

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