Uber का बड़ा फैसला: वैश्विक स्तर पर 3,300 कर्मचारियों की छंटनी, भारत में भी 200 से अधिक नौकरियां प्रभावित

कोरोना काल के बाद उबर की सबसे बड़ी छंटनी; सीईओ दारा खोसरोशाही ने प्रबंधन परतों को कम करने और ऑटोनॉमस व्हीकल्स व डिलीवरी कारोबार में निवेश बढ़ाने के लिए उठाया कदम।

वैश्विक राइड-हेलिंग दिग्गज उबर टेक्नोलॉजीज (Uber Technologies) ने अपनी प्रबंधकीय संरचना को सुव्यवस्थित करने और लागत घटाने के उद्देश्य से अपने वैश्विक कार्यबल के लगभग 10 प्रतिशत यानी 3,300 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। सितंबर 2026 में लागू हुए इस बड़े संगठनात्मक पुनर्गठन का असर भारत पर भी पड़ा है, जहाँ बेंगलुरु और गुरुग्राम स्थित टेक व ऑपरेशन्स सेंटर्स से लगभग 200 से 250 कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं।

वर्ष 2020 में महामारी के दौरान हुई 3,700 कर्मचारियों की छंटनी के बाद उबर द्वारा उठाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा कदम है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO Dara Khosrowshahi) द्वारा कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में कंपनी के तेजी से विस्तार के कारण प्रबंधन में अनावश्यक परतें (Layers) और सूक्ष्म टीमें (Micro-teams) बन गई थीं। इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य मध्य स्तर के प्रबंधकों की संख्या में 20% तक की कटौती करना और बचते हुए फंड को ऑटोनॉमस (ड्राइवरलेस) टैक्सियों और डिलीवरी टेक्नोलॉजी में निवेश करना है।

1. भारत में इंजीनियरिंग और ड्राइवर ऑनबोर्डिंग टीमों पर असर

उबर के वैश्विक पुनर्गठन का असर कंपनी के भारतीय संचालन पर भी दिखाई दे रहा है:

  • प्रभावित विभाग: भारत में भर्ती (Recruitment), पीपल ऑर्गनाइजेशन, इंटरनल सॉफ्टवेयर बनाने वाली इंजीनियरिंग टीमों और ड्राइवरों की ऑनबोर्डिंग व भुगतान प्रणाली संभालने वाले ऑपरेशन्स विभाग के कर्मचारी प्रमुख रूप से प्रभावित हुए हैं।
  • रिमोट वर्क पर कड़ाई: कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में पूरी तरह से रिमोट (घर से काम करने वाले) पदों की संख्या कुल कार्यबल के 1 प्रतिशत से भी कम रखी जाएगी।

2. ऑटोनॉमस व्हीकल्स और डिलीवरी बिजनेस की ओर नया फोकस

उबर अपने मुख्य राइड-शेयरिंग बिजनेस से प्राप्त बचत को भविष्य की नई तकनीकों में लगा रहा है:

  • ड्राइवरलेस टैक्सी में साझेदारी: उबर ने ब्रिटेन में ‘वेव’ (Wayve) और स्पेन व यूरोप में ‘वीराइड’ (WeRide) जैसी प्रमुख ऑटोनॉमस ड्राइविंग कंपनियों के साथ साझेदारी कर लेवल-4 ड्राइवरलेस पैसेंजर गाड़ियां शुरू की हैं।
  • डिलीवरी बिजनेस का विस्तार: दक्षिण कोरिया में फूड डिलीवरी ऐप ‘डिलीवरी हीरो’ (Delivery Hero/Baemin) में हिस्सेदारी अधिग्रहण के लिए निष्पक्ष व्यापार आयोग (FTC) से समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई है।

निष्कर्ष 

उबर का यह कदम वैश्विक टेक उद्योग में चल रहे पुनर्गठन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व रोबोटैक्सी (Robotaxi) की ओर तेजी से हो रहे बदलाव को रेखांकित करता है। यद्यपि 3,300 कर्मचारियों की छंटनी अल्पकालिक रूप से कर्मचारियों और भारतीय टेक सेक्टर के लिए एक झटका है, लेकिन कंपनी का मानना है कि प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में लंबे समय तक टिके रहने के लिए अपनी संरचना को सरल और तेज बनाना अनिवार्य था।

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By Kanchan

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