PNS Hunain Indian Navy: उत्तर अरब सागर में पाकिस्तानी पोत पीएनएस हुणैन का आईएनएस कोलकाता से टकराव; जानिए नौसैनिक शक्तियों की तुलना

 

15 सितंबर 2026 की शाम उत्तर अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच एक गंभीर और खतरनाक उच्च-समुद्री घटना घटित हुई। नियमित गश्त पर तैनात भारतीय नौसेना के विशाल और आधुनिक स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पोत आईएनएस कोलकाता (INS Kolkata) के समीप पाकिस्तान नौसेना का ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) PNS Hunain अत्यधिक तेज गति से आया और असुरक्षित तरीके से पैंतरेबाजी (Unsafe Manoeuvres) करने लगा।
पाकिस्तान के इस गश्ती पोत के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण दोनों जहाजों के बीच हल्की टक्कर हो गई। हालांकि, भारतीय नौसेना के लगभग तीन गुना बड़े और मजबूत युद्धपोत आईएनएस कोलकाता को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और उसका निगरानी अभियान निर्बाध रूप से जारी रहा, जबकि PNS Hunain Indian Navy के पोत से टकराने के बाद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया और उसके पिछले हिस्से पर बड़ा डेंट आ गया, जिससे उसे तुरंत वापस अपने बंदरगाह की ओर लौटना पड़ा।
रक्षा विशेषज्ञों और भारतीय नौसेना के सूत्रों के अनुसार, युद्धपोतों पर शक्तिशाली रडार, संचार उपकरण और स्वचालित नेविगेशन प्रणालियां लगातार सक्रिय रहती हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस प्रकार की टक्कर किसी तकनीकी खराबी का परिणाम नहीं, बल्कि जानबूझकर उकसाने की नीयत से किया गया प्रयास जान पड़ता है।
इस घटना के तुरंत बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ा रुख अपनाया। 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पाकिस्तान के उप-राजदूत (Charge d’Affaires) साद वाराइच को तलब किया गया और पाकिस्तानी नौसेना के इस “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण” पर औपचारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का यह आचरण अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए सैन्य अभ्यासों और युद्धाभ्यास की अग्रिम सूचना संबंधी द्विपक्षीय समझौते (Advance Notice on Military Exercises and Manoeuvres) की धारा 10 का स्पष्ट उल्लंघन है।
आकार, वजन और मारक क्षमता के मामले में यह घटना डेविड बनाम गोलियाथ (एक छोटे और विशालकाय युद्धपोत) जैसी थी।

नीचे दी गई तालिका में दोनों पोतों की तकनीकी क्षमताओं का तुलनात्मक विश्लेषण दिया गया है:

तुलनात्मक मानक (Parameter)
भारतीय नौसेना: आईएनएस कोलकाता (INS Kolkata)
पाकिस्तान नौसेना: पीएनएस हुणैन (PNS Hunain)
युद्धपोत की श्रेणी (Ship Type)
स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक (Destroyer)
ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV – गश्ती पोत)
विस्थापन भार (Displacement)
7,400 टन (अत्यंत विशाल और मजबूत)
2,600 टन (छोटा गश्ती पोत)
पोत की लंबाई (Length)
163 मीटर
98 मीटर
मुख्य हथियार प्रणाली (Armament)
ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, बराक-8 SAM
76 mm मुख्य गन, छोटी मिसाइल प्रणाली
कमीशनिंग वर्ष (Commissioned)
वर्ष 2014 (कोलकाता श्रेणी)
वर्ष 2024 (यारमूक श्रेणी – नीदरलैंड्स डिज़ाइन)
टक्कर के बाद की स्थिति (Status Post Collision)
सुरक्षित, कोई क्षति नहीं (अभियान जारी)
गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त (डेंट व बंदरगाह वापसी)
सामरिक विश्लेषकों का मानना है कि अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना द्वारा की गई यह उकसावे वाली कार्रवाई वास्तव में चीन की उस रणनीति (Chinese Playbook) से प्रेरित है, जिसका उपयोग वह दक्षिण चीन सागर में अन्य देशों के जहाजों को डराने और दबाव बनाने के लिए करता है। पाकिस्तान न केवल चीन से नौसैनिक पोत खरीद रहा है, बल्कि उसकी आक्रामक और असुरक्षित पैंतरेबाजी की तकनीकों को भी अपना रहा है।
हालांकि, 7,400 टन वजनी आईएनएस कोलकाता जैसे भारतीय विध्वंसक पोत के सामने 2,600 टन के गश्ती पोत PNS Hunain का टकराना खुद पाकिस्तानी पोत के लिए ही नुकसानदेह साबित हुआ। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
PNS Hunain Indian Navy की यह घटना दर्शाती है कि भारतीय नौसेना उत्तर अरब सागर और हिंद महासागर में किसी भी उकसावे का करारा जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। 1991 के अंतरराष्ट्रीय समझौतों की धज्जियां उड़ाने की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतें क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, जिसका करारा कूटनीतिक और सैन्य जवाब भारत ने मजबूती से दिया है।

By Kanchan

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