Planets Beyond Neptune: वरुण से भी आगे मिली नई दुनिया, 2026 ED138 बना वैज्ञानिकों के लिए रहस्य; क्या सौरमंडल में हैं 8 से ज्यादा ग्रह?

सौरमंडल में वरुण (Neptune) को अब तक का सबसे बाहरी प्रमुख ग्रह माना जाता है, लेकिन इसके आगे भी अंतरिक्ष में कई रहस्यमयी बर्फीले पिंड मौजूद हैं। अब वैज्ञानिकों को वरुण और प्लूटो से भी आगे एक बड़ी नई खगोलीय वस्तु मिली है, जिसे 2026 ED138 नाम दिया गया है। चिली स्थित वेरा सी. रुबिन वेधशाला (Vera C. Rubin Observatory) की मदद से खोजी गई यह वस्तु संभावित बौना ग्रह मानी जा रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार इसका व्यास 600 से 1,500 किलोमीटर के बीच हो सकता है। इस खोज ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे सौरमंडल में अभी भी ऐसी दुनिया मौजूद हैं, जिनके बारे में वैज्ञानिकों को जानकारी नहीं है?

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Planets Beyond Neptune: वरुण से आगे मिली 2026 ED138 नाम की नई दुनिया

27 अक्टूबर 2026 को NSF और अमेरिकी ऊर्जा विभाग की ओर से संचालित वेरा सी. रुबिन वेधशाला ने 2026 ED138 नामक एक नई खगोलीय वस्तु की खोज की जानकारी दी। वैज्ञानिक मैथ्यू होलमैन ने वेधशाला से मिले आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए इसकी पहचान की।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह वस्तु सूर्य से लगभग 46 खगोलीय इकाई (Astronomical Units) की दूरी पर स्थित है। एक खगोलीय इकाई पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी के बराबर होती है। तुलना करें तो प्लूटो सूर्य से औसतन लगभग 40 खगोलीय इकाई दूर रहता है।

वैज्ञानिकों ने इसका व्यास लगभग 600 से 1,500 किलोमीटर होने का अनुमान लगाया है। हालांकि, इसका वास्तविक आकार और संरचना अभी निश्चित नहीं है। आगे के अध्ययन से यह पता लगाया जाएगा कि इसका अपना गुरुत्वाकर्षण इसे गोलाकार बनाने के लिए पर्याप्त है या नहीं।

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क्या 2026 ED138 सौरमंडल का नया ग्रह है?

इस खोज को समझने के लिए ग्रह और बौने ग्रह के बीच का अंतर जानना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) के अनुसार किसी ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करनी चाहिए, अपने गुरुत्वाकर्षण से लगभग गोलाकार आकार प्राप्त करना चाहिए और अपनी कक्षा के आसपास के अन्य पिंडों पर गुरुत्वाकर्षण के लिहाज से प्रभुत्व स्थापित करना चाहिए।

बौने ग्रह भी सूर्य की परिक्रमा करते हैं और लगभग गोलाकार होते हैं, लेकिन अपनी कक्षा के आसपास के क्षेत्र को दूसरे पिंडों से पूरी तरह साफ नहीं कर पाते।

इसी कारण 2026 ED138 को अभी नया प्रमुख ग्रह नहीं कहा जा सकता। वैज्ञानिक इसे संभावित बौना ग्रह मान रहे हैं। इसकी पुष्टि के लिए अतिरिक्त अवलोकन और अवरक्त तरंगों में अध्ययन की जरूरत है।

वरुण से आगे कौन-कौन से ग्रह और खगोलीय पिंड मौजूद हैं?

वरुण के आगे का क्षेत्र ट्रांस-नेप्च्यूनियन क्षेत्र (Trans-Neptunian Region) कहलाता है। यहां हजारों छोटे-बड़े बर्फीले पिंड सूर्य की परिक्रमा करते हैं। इनमें प्लूटो, एरिस, हौमिया और माकेमाके जैसे प्रसिद्ध बौने ग्रह शामिल हैं।

इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कुइपर बेल्ट (Kuiper Belt) है। यह बर्फ, चट्टानों और छोटे खगोलीय पिंडों से बना विशाल क्षेत्र है, जो वरुण की कक्षा से आगे फैला हुआ है।

कुछ प्रमुख खगोलीय पिंड इस प्रकार हैं:

  • प्लूटो (Pluto): वर्ष 2006 तक इसे सौरमंडल का नौवां ग्रह माना जाता था। बाद में इसे बौने ग्रह की श्रेणी में रखा गया।
  • एरिस (Eris): प्लूटो के समान आकार वाला एक दूरस्थ बौना ग्रह है।
  • हौमिया (Haumea): अपने असामान्य लंबे आकार और तेज घूर्णन के लिए जाना जाता है।
  • माकेमाके (Makemake): कुइपर बेल्ट में स्थित एक बर्फीला बौना ग्रह है।
  • सेडना (Sedna): सूर्य से बेहद दूर स्थित एक खगोलीय पिंड है, जिसकी कक्षा असाधारण रूप से लंबी और अंडाकार है।

NASA के Hubble और James Webb ने भी खोजे 27 नए पिंड

सितंबर 2026 में NASA ने एक अन्य महत्वपूर्ण शोध की जानकारी दी थी। इसमें हबल स्पेस टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की संयुक्त मदद से वरुण के आगे मौजूद 27 नए छोटे ट्रांस-नेप्च्यूनियन पिंडों का अध्ययन किया गया।

Planets Beyond Neptune

इनमें सबसे छोटे पिंड का व्यास लगभग 5 किलोमीटर था। वैज्ञानिकों ने इन वस्तुओं के रंग, संरचना, आकार और कक्षाओं का विश्लेषण किया।

अध्ययन में यह भी सामने आया कि छोटे और बड़े पिंडों की सतह के रंगों में अपेक्षा से अधिक समानता है।

इस शोध से वैज्ञानिकों को सौरमंडल के शुरुआती निर्माण और ग्रहों के बनने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।

क्या सौरमंडल में Planet Nine भी मौजूद है?

वरुण से आगे किसी बड़े अज्ञात ग्रह की मौजूदगी को लेकर भी लंबे समय से चर्चा होती रही है। इसे Planet Nine या Planet X कहा जाता है।

कुछ खगोलविदों का अनुमान है कि दूर स्थित कुछ छोटे खगोलीय पिंडों की कक्षाओं में दिखाई देने वाली समानताएं किसी विशाल अज्ञात ग्रह के गुरुत्वाकर्षण का संकेत हो सकती हैं।

हालांकि, NASA के अनुसार Planet Nine की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है और वैज्ञानिक समुदाय में इसके अस्तित्व को लेकर मतभेद हैं।

 

2026 ED138 की खोज भी Planet Nine की खोज की पुष्टि नहीं करती। यह एक अलग खगोलीय वस्तु है, जिसे संभावित बौने ग्रह के रूप में जांचा जा रहा है।

आगे क्या होगी वैज्ञानिकों की जांच?

2026 ED138 का वास्तविक आकार, सतह की बनावट और संरचना जानने के लिए वैज्ञानिक आगे अवरक्त तरंगों में इसका अध्ययन करेंगे। इसके लिए चिली में स्थित अटाकामा लार्ज मिलीमीटर/सबमिलीमीटर एरे (ALMA) जैसे शक्तिशाली उपकरणों की मदद ली जा सकती है।

वेरा सी. रुबिन वेधशाला अगले 10 वर्षों तक आकाश का लगातार सर्वेक्षण करेगी। इससे सौरमंडल के बाहरी हिस्सों में छिपी कई अन्य वस्तुओं की पहचान होने की उम्मीद है।

फिलहाल 2026 ED138 को नया ग्रह घोषित नहीं किया गया है, लेकिन इसकी खोज ने सौरमंडल के उन दूरस्थ क्षेत्रों की ओर वैज्ञानिकों का ध्यान फिर से आकर्षित किया है, जहां अभी भी कई अनसुलझे रहस्य मौजूद हैं।

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By Kanchan

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