Jewar Airport का नाम होगा नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, योगी कैबिनेट ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट का नाम “नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर” रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मुख्यमंत्री ने इसकी जानकारी दी।

इस फैसले के बाद Jewar Airport, Noida Airport और Narendra Modi International Airport जैसे नाम चर्चा में हैं। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास में उनके योगदान से जोड़ा है।

अब क्या होगा नोएडा एयरपोर्ट का नया नाम?

अभी तक इस एयरपोर्ट को आधिकारिक तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के नाम से जाना जाता रहा है। यह उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में स्थित है।

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने अब इसका नाम बदलकर नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, यह निर्णय प्रधानमंत्री के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।

हालांकि, कैबिनेट की मंजूरी को नाम परिवर्तन की पूरी औपचारिक प्रक्रिया का अंतिम चरण नहीं माना जाना चाहिए। प्रस्ताव को निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाना है। अंतिम आधिकारिक नाम की पुष्टि संबंधित मंजूरियों और अधिसूचना के बाद होगी।

एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का फैसला क्यों?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके योगदान को सम्मानित करना चाहती है।

नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सरकार का नेतृत्व संभाला था। इसके बाद वह वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री बने। राज्य सरकार का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट जैसे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में उनके नेतृत्व का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव इसी राजनीतिक और प्रशासनिक संदर्भ में सामने आया है।

जेवर एयरपोर्ट कब शुरू हुआ था?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटित किया था। इसके बाद एयरपोर्ट पर व्यावसायिक उड़ान सेवाएं 15 जून 2026 से शुरू हुईं।

इंडिगो इस एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ान संचालित करने वाली पहली एयरलाइन बनी। पहली उड़ान लखनऊ से पहुंची थी। एयरपोर्ट का उद्देश्य दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को कम करना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को अतिरिक्त हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है।

एयरपोर्ट की क्षमता और प्रमुख सुविधाएं

 एयरपोर्ट के पहले चरण को लगभग 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। शुरुआती चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की है।

यहां 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जिसे बड़े विमानों के संचालन और हर मौसम में परिचालन की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। भविष्य के विस्तार के साथ एयरपोर्ट की यात्री क्षमता को बढ़ाने की योजना है।

जेवर एयरपोर्ट का महत्व सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं है। इससे ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, आगरा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

क्या नाम बदलने से यात्रियों पर तुरंत असर पड़ेगा?

नाम बदलने के प्रस्ताव से फिलहाल उड़ानों के संचालन, एयरलाइन सेवाओं या यात्रियों की यात्रा योजना में किसी तत्काल बदलाव की घोषणा नहीं हुई है।

औपचारिक नाम परिवर्तन पूरा होने पर एयरपोर्ट के साइनबोर्ड, आधिकारिक वेबसाइट, सरकारी दस्तावेजों और संबंधित यात्री सूचनाओं में बदलाव किए जा सकते हैं। यात्रियों को टिकट बुकिंग या उड़ान संबंधी जानकारी के लिए एयरपोर्ट और एयरलाइंस की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।

भारत में एयरपोर्ट के नाम कैसे बदले जाते हैं?

भारत में हवाई अड्डों का नामकरण अक्सर शहर, क्षेत्र या प्रमुख ऐतिहासिक और सार्वजनिक हस्तियों के नाम पर किया जाता है। किसी एयरपोर्ट का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार की सिफारिश या प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार की निर्धारित मंजूरी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मामले में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अब इसे औपचारिक रूप देने के लिए आगे की सरकारी प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित नया नाम कहना अधिक सटीक है।

निष्कर्ष

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर रखने के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यह फैसला 9 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषित किया। हालांकि, औपचारिक नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नया नाम आधिकारिक रूप से लागू माना जाएगा। फिलहाल एयरपोर्ट का परिचालन जारी है और यात्रियों को उड़ानों से संबंधित जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांचनी चाहिए।

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By Kanchan

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