वंदे भारत एक्सप्रेस: 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी नई ट्रेन, मिलेंगी 360 डिग्री घूमने वाली सीटें

Vande Bharat Express Latest News: भारतीय रेलवे की नई वंदे भारत एक्सप्रेस ने हाई-स्पीड ट्रायल में 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में निर्मित 16 कोच वाली इस ट्रेन का परीक्षण 8 अक्टूबर 2026 को मथुरा-नागदा रेलखंड पर किया गया था। शनिवार, 10 अक्टूबर को इसकी सफलता की जानकारी सामने आई।

Vande Bharat sleeper trains achieve 180 km/h speed in successful trial runs, ETTravelWorld

नई ट्रेन सिर्फ तेज रफ्तार ही नहीं, बल्कि यात्रियों के आराम, ऊर्जा दक्षता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें एग्जीक्यूटिव क्लास की सीटें 360 डिग्री तक घुमाने की सुविधा, तापमान को स्वचालित रूप से नियंत्रित करने वाला वातानुकूलन और आधुनिक सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।

Vande Bharat Express का 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल

नई वंदे भारत ट्रेन का हाई-स्पीड परीक्षण रेलवे के सुरक्षा अधिकारियों की निगरानी में किया गया। इस दौरान ट्रेन की तेज रफ्तार पर स्थिरता, परिचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों का आकलन किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षण में ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की गति हासिल की।

रेलवे के लिए इस परीक्षण का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि ट्रेन के निर्माण में अब कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री की भूमिका बढ़ रही है। इससे पहले वंदे भारत ट्रेनसेट मुख्य रूप से चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किए जाते रहे हैं।

परीक्षण में 180KM की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, अब लंबी दूरी के यात्रियों की बल्ले-बल्ले! | Vande Bharat sleeper train achieved maximum speed of 180 kmph during trials: Railways - NDTV India

हालांकि, 180 किमी प्रति घंटे की ट्रायल स्पीड को नियमित परिचालन की गति नहीं समझना चाहिए। ट्रेन की डिजाइन गति 180 किमी प्रति घंटे और नियमित संचालन की निर्धारित गति 160 किमी प्रति घंटे तक बताई गई है। वास्तविक सेवा शुरू होने और उसकी गति का निर्धारण जरूरी सुरक्षा मंजूरी तथा रेलवे की परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

नई वंदे भारत ट्रेन में क्या-क्या होंगी खास सुविधाएं?

नई वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई विशेषताएं शामिल की गई हैं।

360 डिग्री घूमने वाली सीटें: एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों को अलग-अलग दिशाओं में घुमाया जा सकेगा। इससे यात्रियों को बैठने की दिशा चुनने में अधिक सुविधा मिल सकती है।

स्वचालित तापमान नियंत्रण: ट्रेन के वातानुकूलन तंत्र में यात्रियों की संख्या और तापमान की परिस्थितियों के अनुसार तापमान नियंत्रित करने की सुविधा दी गई है। इसका उद्देश्य कोच के भीतर आरामदायक वातावरण बनाए रखना है।

जीरो-डिस्चार्ज बायो-वैक्यूम टॉयलेट: ट्रेन में ऐसे शौचालय दिए गए हैं, जिनकी व्यवस्था सामान्य जैव-वैक्यूम प्रणाली के साथ अपशिष्ट को सीधे पटरी पर छोड़ने से बचाने के लिए की गई है।

Video: 180 Kmph की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, सफर इतना आरामदायक.. गिलास में भरा पानी तक नहीं छलका | Zee Business Hindi

दिव्यांग यात्रियों के लिए सुविधाएं: व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष शौचालय की व्यवस्था भी की गई है।

आधुनिक सुरक्षा उपकरण: ट्रेन में बेहतर सस्पेंशन, फायर सेफ्टी सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे और कवच जैसी सुरक्षा प्रणाली की सुविधाएं शामिल हैं।

इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रा को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।

कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में बनी नई ट्रेन क्यों अहम है?

कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री भारतीय रेलवे की कोच निर्माण क्षमता का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां 16 कोच वाली आधुनिक वंदे भारत ट्रेन का निर्माण देश में आधुनिक यात्री ट्रेनों के उत्पादन को विस्तार देने की दिशा में एक अहम कदम है।

वित्त वर्ष 2025-26 में RCF कपूरथला ने 2,383 कोच का उत्पादन किया था, जो फैक्ट्री का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन बताया गया है। यह फैक्ट्री वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के कोच बनाने के साथ कुछ देशों को रेलवे कोच निर्यात भी करती है।

नई ट्रेन के सफल परीक्षण से कपूरथला में इस तरह की अन्य ट्रेनों के निर्माण की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

क्या अब यात्री 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर सकेंगे?

फिलहाल, केवल सफल ट्रायल के आधार पर नियमित यात्रियों के लिए 180 किमी प्रति घंटे की गति से सफर शुरू होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए सुरक्षा मंजूरी, रेलखंड की क्षमता, सिग्नलिंग व्यवस्था और अन्य परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करना जरूरी है।

भारतीय रेलवे लगातार तेज, आधुनिक और बेहतर सुविधाओं वाली ट्रेनों के विस्तार पर काम कर रहा है। वंदे भारत एक्सप्रेस इसी प्रयास का एक प्रमुख हिस्सा है। नई ट्रेन का परीक्षण सफल होना तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन यात्रियों को इसका लाभ कब और किस मार्ग पर मिलेगा, यह रेलवे की अंतिम मंजूरी तथा सेवा संबंधी घोषणा से स्पष्ट होगा।

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By Kanchan

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