टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की डेडलाइन 30 सितंबर, अब तक कोई एक्सटेंशन नहीं: जानें क्या करें
आयकर विभाग की टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तारीख अब सिर्फ दो दिन दूर है। निर्धारण वर्ष 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26) के लिए सामान्य मामलों में यह रिपोर्ट 30 सितंबर 2026 तक दाखिल करनी है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स पेशेवर संगठन इसे 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन 28 सितंबर तक केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है।
अभी क्या है स्थिति
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 28 सितंबर 2026 तक CBDT की ओर से तारीख बढ़ाने का कोई आदेश, परिपत्र या अधिसूचना नहीं आई है। इसलिए 30 सितंबर की तारीख ही लागू मानी जाएगी। आयकर विभाग ने 22 सितंबर को एसएमएस के जरिए करदाताओं को याद भी दिलाया कि फॉर्म 3CA/3CB और 3CD तथा 10B/10BB इसी तारीख तक जमा करने हैं। ऑडिट वाले मामलों में इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। यह भी ध्यान रखें कि ट्रांसफर प्राइसिंग वाले मामलों (धारा 92E, फॉर्म 3CEB) में ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 31 अक्टूबर और रिटर्न की तारीख 30 नवंबर है।
किन पर लागू होता है टैक्स ऑडिट
धारा 44AB के तहत टैक्स ऑडिट उन कारोबारियों के लिए जरूरी है, जिनका सालाना टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है। जिन कारोबारों में नकद लेनदेन 5 प्रतिशत से कम है, उनके लिए यह सीमा 10 करोड़ रुपये है। पेशेवरों के लिए सकल प्राप्तियां 50 लाख रुपये से ऊपर होने पर ऑडिट अनिवार्य होता है। धर्मार्थ और धार्मिक संस्थाओं को भी फॉर्म 10B या 10BB में ऑडिट रिपोर्ट इसी तारीख तक देनी होती है।
एक्सटेंशन की मांग क्यों उठ रही है
पेशेवर संगठनों ने कई कारण गिनाए हैं। उनका कहना है कि गैर-ऑडिट कारोबारियों के रिटर्न की तारीख 31 अगस्त थी, जबकि ऑडिट रिपोर्ट एक महीने बाद ही देनी है, यानी बीच का समय बहुत कम है। इसके साथ फॉर्म और यूटिलिटी देर से उपलब्ध होने, फॉर्म 3CD में बढ़ी हुई रिपोर्टिंग जरूरतों और GST व TDS के मिलान जैसे जटिल काम का भी हवाला दिया गया है। जालंधर की चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन ने 6 सितंबर 2026 को इस बारे में औपचारिक ज्ञापन भी दिया था। हालांकि इसे सिर्फ अनुरोध माना जाएगा, क्योंकि तारीख तभी बदलती है जब CBDT का कोई वैध आदेश आए। ICAI का रुख भी यही बताया जा रहा है कि बार-बार तारीख बढ़ने से आने वाले साल की योजना बिगड़ती है, इसलिए सदस्य इसे अंतिम तारीख मानकर चलें।
पिछले साल क्या हुआ था
पिछले साल का उदाहरण देखें तो CBDT ने 25 सितंबर 2025 को निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी थी। तब देश के कई हिस्सों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं का हवाला दिया गया था। इस बार ऐसी कोई घोषणा अब तक नहीं हुई है, और अंतिम समय में राहत मिलेगी या नहीं, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता।
बैंक हड़ताल की चिंता घटी
कुछ पेशेवरों ने चिंता जताई थी कि 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित बैंक हड़ताल से बैंकिंग से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने भारतीय बैंक संघ से बातचीत के बाद यह हड़ताल टाल दी है, इसलिए शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और यह अड़चन अब नहीं है।
जल्दी न करने पर क्या नुकसान
तय तारीख तक ऑडिट रिपोर्ट न देने पर धारा 271B के तहत टर्नओवर या सकल प्राप्तियों का 0.5 प्रतिशत जुर्माना लग सकता है, जिसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये है। धर्मार्थ संस्थाओं को छूट खोने का जोखिम भी रहता है, हालांकि देर से दाखिल फॉर्म 10B या 10BB के मामले में विभाग सामान्यतः निर्धारण वर्ष की समाप्ति से तीन साल के भीतर विलंब माफ कर सकता है।
अब करदाता क्या करें
- काम इस मानकर पूरा करें कि 30 सितंबर की तारीख ही लागू है
- अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछें कि रिपोर्ट अपलोड हुई या नहीं, और अपने ई-फाइलिंग खाते में उसे स्वीकार करना न भूलें
- एक्सटेंशन की खबर सिर्फ CBDT, आयकर विभाग के आधिकारिक हैंडल और PIB से ही मानें, व्हाट्सएप फॉरवर्ड या एडिट की गई तस्वीरों पर नहीं
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, कर संबंधी सलाह नहीं है। अपने मामले में लागू तारीखों और नियमों के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श करें और आधिकारिक अधिसूचना जरूर जांचें।

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