हॉकी दिग्गज एम.एम. सोमैया के घर चोरी, 1980 ओलंपिक गोल्ड और एशियाई खेलों के पदक भी ले गए चोर
भारतीय हॉकी के पूर्व कप्तान और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता एम.एम. सोमैया के बेंगलुरु स्थित घर में बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। चोर उनके घर से 1980 मॉस्को ओलंपिक का स्वर्ण पदक और एशियाई खेलों के दो पदक समेत चार अंतरराष्ट्रीय पदक चुरा ले गए। चोरी की घटना 28 अक्टूबर 2026 की रात हुई, जब सोमैया अपने परिवार के साथ कर्नाटक के कोडागु गए हुए थे। चोरों ने पदकों के अलावा सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और 30 हजार रुपये नकद भी चुराए। इस घटना से भारतीय हॉकी जगत में चिंता है, क्योंकि चोरी हुआ ओलंपिक पदक देश के खेल इतिहास की महत्वपूर्ण यादगारों में शामिल है।
एम.एम. सोमैया: कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय पदक हुए चोरी?
एम.एम. सोमैया के घर से कुल चार अंतरराष्ट्रीय खेल पदक चोरी हुए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण 1980 मॉस्को ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को मिला स्वर्ण पदक है। इसके अलावा 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों का रजत पदक, 1986 के सियोल एशियाई खेलों का कांस्य पदक और 1982 एम्स्टर्डम चैंपियंस ट्रॉफी का कांस्य पदक भी चोरी हुआ है।
सोमैया ने बताया कि उन्होंने अपने चारों पदक कमरे की एक बंद दराज में सुरक्षित रखे थे। चोरों ने दराज तोड़कर इन्हें निकाल लिया। उन्होंने कहा कि नकदी और आभूषणों की तुलना में इन पदकों का खोना उनके लिए ज्यादा दुखद है, क्योंकि ये उनके वर्षों के खेल करियर और देश के लिए किए गए योगदान की निशानी हैं।
28 अक्टूबर की रात घर में कैसे हुई चोरी?
सोमैया 25 अक्टूबर को सुबह करीब 5 बजे अपने परिवार के साथ कोडागु के लिए रवाना हुए थे। 28 अक्टूबर की सुबह करीब 7:15 बजे उनके पड़ोसी ने घर का दरवाजा खुला देखा और उन्हें फोन करके इसकी जानकारी दी।
इसके बाद पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। इसमें दो संदिग्ध व्यक्ति 28 अक्टूबर की रात करीब 2:34 बजे सोमैया के घर में दाखिल होते दिखाई दिए। दोनों ने कथित तौर पर दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध नीली शर्ट और दूसरा लाल शर्ट पहने दिखाई दिया। पुलिस इसी फुटेज और आसपास के अन्य कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
कितने रुपये का सामान चोरी हुआ?
पुलिस शिकायत के अनुसार, पदकों के अलावा चोर कई सोने-चांदी की वस्तुएं भी ले गए। इनमें सोने के सिक्के, सोने की चूड़ी, चांदी के दो कप, छह चांदी के चम्मच, चांदी का एक बर्तन और 30 हजार रुपये नकद शामिल हैं।
शिकायत में चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत 3.53 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, यह राशि ऐतिहासिक खेल पदकों के भावनात्मक और राष्ट्रीय महत्व को नहीं दर्शाती। इन पदकों का वास्तविक महत्व उनके ऐतिहासिक मूल्य से जुड़ा है।
कौन हैं हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमैया?
एम.एम. सोमैया भारतीय हॉकी के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उनका पूरा नाम मेरवंत मंगेश सोमैया है। उन्होंने 1980, 1984 और 1988 के ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
1988 के सियोल ओलंपिक में उन्होंने भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी की थी। खेल में उनके योगदान के लिए उन्हें 1985 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
1980 मॉस्को ओलंपिक भारतीय पुरुष हॉकी के इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव था। इस प्रतियोगिता में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। यह पुरुष हॉकी में भारत का आठवां ओलंपिक स्वर्ण था और आज तक इस स्पर्धा में भारत का आखिरी ओलंपिक गोल्ड बना हुआ है।
पुलिस ने बनाई विशेष टीमें, सोमैया ने की जांच की मांग
बेंगलुरु के इंदिरानगर पुलिस थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को पकड़ने और चोरी हुआ सामान बरामद करने के लिए दो विशेष टीमें बनाई गई हैं।
सोमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से चोरी हुए पदकों और अन्य सामान को जल्द बरामद करने का आग्रह किया है।
फिलहाल दोनों संदिग्धों की तलाश जारी है। इस मामले में सबसे बड़ी प्राथमिकता 1980 ओलंपिक के स्वर्ण पदक सहित सभी ऐतिहासिक खेल यादगारों को सुरक्षित बरामद करना है।


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