रितु नेगी: एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने के बाद भी ₹1 करोड़ इनाम से वंचित, बोलीं, ‘मैं हिमाचल की बेटी थी’
भारतीय महिला कबड्डी की अनुभवी खिलाड़ी और अर्जुन पुरस्कार विजेता रितु नेगी इन दिनों अपने खेल प्रदर्शन के बजाय एक विवाद को लेकर चर्चा में हैं। 2026 एशियाई खेलों में भारत की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा रहीं रितु का नाम हिमाचल प्रदेश सरकार की ₹1 करोड़ के नकद पुरस्कार वाली सूची से गायब है। इससे पहले उनका नाम संभावित पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में शामिल था। अचानक हुए इस बदलाव से रितु और उनका परिवार निराश है।
रितु ने सवाल उठाया है कि वर्षों तक हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उनके पिता ने भी पूछा है कि क्या शादी के बाद बेटी का अपने गृह राज्य से रिश्ता खत्म हो जाता है।
₹1 करोड़ की पुरस्कार सूची से क्यों हटा रितु नेगी का नाम?
विवाद तब शुरू हुआ जब हिमाचल प्रदेश सरकार ने एशियाई खेलों में महिला कबड्डी टीम की स्वर्ण पदक जीत के बाद राज्य की खिलाड़ियों के लिए नकद पुरस्कार बढ़ाने की घोषणा की। पहले तीन कबड्डी खिलाड़ियों को ₹33 लाख देने की बात थी, जिसे बढ़ाकर ₹1 करोड़ प्रति खिलाड़ी कर दिया गया।
इस सूची में भारतीय टीम की कप्तान पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर और भावना ठाकुर के नाम शामिल हैं। भारतीय क्रिकेटर रेणुका ठाकुर को भी ₹1 करोड़ के पुरस्कार की घोषणा की गई।
लेकिन रितु नेगी का नाम अंतिम घोषित सूची में नहीं था। खास बात यह है कि उनका नाम इससे पहले चार खिलाड़ियों की सूची में शामिल था और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें बधाई भी दी थी।
‘मैं हिमाचल की बेटी थी’, रितु नेगी ने जताई नाराजगी
रितु नेगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ दिन पहले तक उन्हें हिमाचल की बेटी कहकर सम्मानित किया जा रहा था। मुख्यमंत्री के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद अनुराग ठाकुर ने भी उन्हें फोन करके बधाई दी थी। लेकिन बाद में पुरस्कार सूची से उनका नाम गायब हो गया।
उन्होंने सवाल किया कि उनके साथ अचानक ऐसा क्या बदल गया। रितु के अनुसार, यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं है, बल्कि उनके वर्षों के खेल योगदान और गृह राज्य से जुड़ाव को सम्मान देने का भी है।
क्या शादी के बाद हरियाणा से जुड़ना बना वजह?
रितु नेगी मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनकी शादी हरियाणा के पानीपत में हुई है। इसी वजह से उनके पुरस्कार से बाहर होने को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या दूसरे राज्य में विवाह के बाद उनके गृह राज्य से जुड़े अधिकार या सम्मान प्रभावित हुए हैं।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश सरकार ने अभी तक उनके नाम को सूची से हटाने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया है। इसलिए शादी को ही इसका निश्चित कारण बताना सही नहीं होगा।
रितु भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं और उनका कहना है कि वह घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती रही हैं, हरियाणा का नहीं।
पिता ने पूछा, क्या बेटी का अपने राज्य से रिश्ता खत्म हो जाता है?
रितु के पिता भवन सिंह नेगी ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने देश और राज्य के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2023 के एशियाई खेलों के बाद भी हिमाचल सरकार ने उन्हें नकद पुरस्कार दिया था, जबकि तब भी उनकी शादी हरियाणा में हो चुकी थी।
परिवार का सवाल है कि जब पहले उनकी उपलब्धियों को मान्यता दी गई, तो अब पुरस्कार सूची से नाम हटाने की वजह क्या है। इस विवाद ने खिलाड़ियों को सम्मानित करने के नियमों और राज्य से उनके संबंधों को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।
रितु नेगी कौन हैं? जानें उनका खेल करियर
रितु नेगी भारतीय महिला कबड्डी की प्रमुख डिफेंडरों में शामिल हैं। उन्होंने 2023 के एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम की कप्तानी की थी, जहां भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। 2026 के एशियाई खेलों में भी वह स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।
उन्होंने लगातार तीन एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इस दौरान उनके खाते में दो स्वर्ण और एक रजत पदक आया। वर्ष 2023 में उन्हें कबड्डी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सरकार ने जांच का दिया भरोसा
हिमाचल प्रदेश के खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने कहा है कि उन्हें इस बदलाव की वजह की जानकारी नहीं है और वह संबंधित फाइल की जांच करेंगे। उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने की बात भी कही है।
फिलहाल सरकार की ओर से अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समीक्षा के बाद रितु नेगी का नाम दोबारा पुरस्कार सूची में शामिल किया जाता है या नहीं।
निष्कर्ष
रितु नेगी का मामला केवल ₹1 करोड़ के नकद पुरस्कार तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी उठाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी को उसके गृह राज्य में किस आधार पर सम्मानित किया जाना चाहिए। रितु ने भारत के लिए लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और घरेलू प्रतियोगिताओं में हिमाचल का प्रतिनिधित्व जारी रखा है। अब उनकी नजर सरकार की समीक्षा पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पुरस्कार सूची से उनका नाम हटाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

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