रैहान वाड्रा कौन हैं? प्रियंका गांधी के बेटे की प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाने पर विवाद, जानें पूरा मामला
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे और कलाकार रैहान वाड्रा इन दिनों दिल्ली में अपनी तस्वीरों की प्रदर्शनी को लेकर चर्चा में हैं। उनकी प्रदर्शनी ‘No Idea Is Final’ में छात्र आंदोलन और युवाओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें हटाने के निर्देश दिए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। रैहान का आरोप है कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले 105 में से 74 तस्वीरें हटाने या बदलने को कहा। वहीं, प्रबंधन की ओर से बताया गया कि तस्वीरों में राजनीतिक संदेश होने के कारण वे प्रदर्शनी स्थल की नीति के अनुरूप नहीं थीं। इस मामले ने कला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक सांस्कृतिक स्थलों के नियमों को लेकर बहस छेड़ दी है।
कौन हैं रैहान वाड्रा?
रैहान राजीव वाड्रा, प्रियंका गांधी वाड्रा और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा के बेटे हैं। वह एक दृश्य कलाकार, फोटोग्राफर और कला आयोजक के रूप में काम करते हैं। 26 वर्षीय रैहान की दिलचस्पी वन्यजीवों, प्रकृति, फोटोग्राफी और समकालीन कला में रही है।
उन्होंने दिल्ली में ‘No Idea Is Final’ नाम से अपनी तस्वीरों और कला संबंधी कार्यों की प्रदर्शनी आयोजित की है। इसमें प्रकृति, वन्यजीवों, अमूर्त कला और सार्वजनिक आंदोलनों से जुड़े दृश्य शामिल थे। प्रदर्शनी का उद्देश्य अलग-अलग विषयों और अनुभवों को तस्वीरों तथा कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने लाना था।
रैहान ने इससे पहले भी कला जगत में काम किया है। वह कला प्रदर्शनियों के आयोजन और रचनात्मक परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। इस बार उनकी तस्वीरों में दिल्ली में हुए युवा और छात्र आंदोलनों के दृश्य होने के कारण प्रदर्शनी चर्चा का विषय बन गई।
प्रदर्शनी से 74 तस्वीरें हटाने का विवाद क्या है?
रैहान के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रबंधन ने प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले उन्हें 105 में से 74 तस्वीरें हटाने या उनकी जगह दूसरी तस्वीरें लगाने को कहा। उन्होंने बताया कि तस्वीरें पिछले लगभग छह महीनों में दिल्ली में हुए सार्वजनिक आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को दर्ज करती थीं।
रैहान का कहना है कि उन्हें तस्वीरों के समय और संदर्भ को लेकर आपत्ति की जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि इन तस्वीरों का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में संदेश देना नहीं, बल्कि घटनाओं का दृश्य दस्तावेज तैयार करना था।
उन्होंने हटाई गई तस्वीरों के स्थान पर खाली चौखटे रखने की कोशिश की, लेकिन उनके मुताबिक, प्रबंधन ने उन पर भी आपत्ति जताई। रैहान ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि कला पर इस तरह की रोक लगाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हटाई गई तस्वीरों को किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शित करने की योजना बना रहे हैं।
बीकानेर हाउस प्रबंधन ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रबंधन का कहना है कि हटाई गई तस्वीरों में राजनीतिक संदेश थे और वे स्थल की प्रदर्शनी नीति के अनुरूप नहीं थीं। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि यहां होने वाली प्रदर्शनियां निर्धारित विषयों और नियमों के अनुसार आयोजित की जाती हैं।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीकानेर हाउस की नियमावली में राजनीतिक सामग्री पर रोक है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने तस्वीरें हटाने की कार्रवाई की आलोचना की है।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे का समर्थन करते हुए कहा कि तस्वीरें युवाओं के विरोध प्रदर्शनों का दस्तावेज थीं और उनमें किसी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी नहीं थी। उन्होंने इस कदम को युवाओं की आवाज दबाने वाला बताया।
कब तक देख सकते हैं प्रदर्शनी?
बीकानेर हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘No Idea Is Final’ प्रदर्शनी के लिए 22 से 25 अक्टूबर 2026 तक की अवधि दर्ज है। तस्वीरें हटाए जाने के बाद भी प्रदर्शनी जारी रहने की जानकारी सामने आई है। रैहान ने कहा है कि वह पूरी तस्वीरों की श्रृंखला को किसी दूसरे स्थान पर दिखाने का प्रयास करेंगे।
फिलहाल विवाद का केंद्र यह है कि सार्वजनिक सांस्कृतिक स्थलों की नीतियों और कलाकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। इस मामले में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क दिए हैं, जबकि तस्वीरें हटाने के फैसले को लेकर बहस जारी है।

[…] […]