महेश तिनैकर का निधन: भारतीय रॉक संगीत के दिग्गज गिटारवादक 63 साल की उम्र में नहीं रहे
भारतीय रॉक संगीत के सबसे पुराने और लोकप्रिय बैंड ‘इंडस क्रीड’ के संस्थापक सदस्य और दिग्गज गिटारवादक महेश तिनैकर का 63 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने 15 अक्टूबर 2026 को मुंबई में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) बताया जा रहा है। इस खबर से संगीत और फिल्म जगत में शोक की लहर है।
कौन थे महेश तिनैकर?
महेश तिनैकर उन संगीतकारों में गिने जाते थे, जिन्होंने भारत में रॉक संगीत को पहचान दिलाने की शुरुआती लड़ाई लड़ी। वे 1984 में बने रॉक बैंड ‘रॉक मशीन’ के संस्थापक सदस्यों में थे। यही बैंड आगे चलकर ‘इंडस क्रीड’ के नाम से देशभर में मशहूर हुआ। उस दौर में, जब फिल्मी गीत-संगीत ही मुख्यधारा था, उन्होंने अंग्रेजी रॉक को भारतीय श्रोताओं तक पहुंचाया।
‘इंडस क्रीड’ और ‘प्रिटी चाइल्ड’ की पहचान
इंडस क्रीड को भारतीय रॉक का अग्रणी बैंड माना जाता है। बैंड के गीत ‘प्रिटी चाइल्ड’ ने खास लोकप्रियता पाई। बैंड को एमटीवी एशिया वीडियो म्यूजिक अवॉर्ड से भी जोड़ा जाता है। लीड गिटार पर महेश तिनैकर की धारदार शैली बैंड की पहचान का अहम हिस्सा थी।
फरहान अख्तर और विशाल ददलानी ने दी श्रद्धांजलि
निधन की खबर सामने आते ही कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर दुख जताया। अभिनेता, फिल्मकार और संगीतकार फरहान अख्तर ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। संगीतकार और गायक विशाल ददलानी ने इंस्टाग्राम पर महेश की तस्वीर साझा की। उन्होंने उन्हें प्रेरणादायक और अग्रणी संगीतकार बताया और कहा कि उन्होंने उस राह को बनाने में मदद की, जिस पर चलना कभी लगभग असंभव लगता था। संगीतकार फ्लॉयड फ्रांसिस ने भी उनके गिटार बजाने के अंदाज की तारीफ करते हुए उन्हें याद किया।
भारतीय रॉक के लिए बड़ी क्षति
भारत में आज इंडी और रॉक संगीत को जो मंच मिल रहे हैं, उसकी नींव रखने वालों में महेश तिनैकर का नाम प्रमुख है। उनके जाने से उस पीढ़ी का एक और स्तंभ चला गया, जिसने सीमित संसाधनों में भी रॉक संगीत को जिंदा रखा। नई पीढ़ी के कई गिटारवादक उनके वादन से प्रेरित रहे हैं।
परिवार की ओर से अंतिम संस्कार या अन्य कार्यक्रमों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। पुष्ट जानकारी आने पर इसे अपडेट किया जाएगा।


[…] […]