ध्रुव राठी नागरिकता : क्या ध्रुव राठी भारतीय नागरिक हैं? बेंगलुरु प्रदर्शन के बाद नागरिकता की जांच की मांग

मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बेंगलुरु में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के बाद पूर्व पुलिस आयुक्त और भाजपा नेता भास्कर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से उनकी नागरिकता, पासपोर्ट और भारत में रहने की अनुमति की जांच करने की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद इंटरनेट पर लोग लगातार खोज रहे हैं कि क्या ध्रुव राठी भारतीय नागरिक हैं या उनके पास जर्मनी की नागरिकता है।

फिलहाल, इस मामले में किसी आधिकारिक जांच के अंतिम निष्कर्ष या सरकार की ओर से नागरिकता की स्थिति की सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए जांच की मांग को किसी कानूनी उल्लंघन का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

क्या ध्रुव राठी भारतीय नागरिक हैं?

ध्रुव राठी का जन्म हरियाणा में हुआ था और वह उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए थे। उनकी सार्वजनिक जीवनी में जर्मनी में पढ़ाई और वहां रहने का उल्लेख मिलता है। हालांकि, किसी व्यक्ति का भारत में जन्म होना या लंबे समय तक विदेश में रहना, अपने आप में उसकी वर्तमान नागरिकता तय नहीं करता।

कई मीडिया रिपोर्टों में ध्रुव राठी को जर्मन नागरिक बताया गया है या उनके जर्मन नागरिक होने की संभावना का उल्लेख किया गया है। इसी स्थिति की पुष्टि के लिए भास्कर राव ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। उन्होंने यह जानने की मांग की है कि ध्रुव राठी के पास वर्तमान में किस देश की नागरिकता है, वह किस पासपोर्ट पर भारत आए और यहां किस वीजा या अन्य अनुमति के आधार पर रह रहे हैं।

इसलिए “Dhruv Rathee Indian citizen हैं या नहीं” इस सवाल का पक्का जवाब आधिकारिक रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही दिया जा सकता है।

बेंगलुरु में क्या हुआ था?

8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें ध्रुव राठी के अलावा अभिनेता प्रकाश राज और अन्य लोग भी शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की जरूरत बताई।

इस प्रदर्शन में ध्रुव राठी की भागीदारी के बाद भास्कर राव ने सवाल उठाया कि यदि वह विदेशी नागरिक हैं, तो भारत में राजनीतिक प्रदर्शन में भाग लेने और उसे संबोधित करने की अनुमति किन नियमों के तहत मिली।

9 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से उनकी राष्ट्रीयता, पासपोर्ट, वीजा की श्रेणी, भारत आने के उद्देश्य और पिछली यात्राओं के रिकॉर्ड की जांच करने का अनुरोध किया।

क्या विदेशी नागरिक भारत में राजनीतिक प्रदर्शन कर सकते हैं?

यह सवाल केवल ध्रुव राठी तक सीमित नहीं है। भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहरने और गतिविधियों पर वीजा तथा आव्रजन नियम लागू होते हैं। किसी विदेशी नागरिक की ओर से वीजा शर्तों का उल्लंघन किए जाने का मामला सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी तथ्यों और लागू कानून के आधार पर कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं।

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा जैसे कुछ मौलिक अधिकार भारतीय नागरिकों को देता है। वहीं, अनुच्छेद 14 और 21 के तहत कानून के समान संरक्षण तथा जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े अधिकार नागरिकों और गैर-नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। किसी विदेशी नागरिक की राजनीतिक गतिविधि की वैधता का आकलन उसकी वास्तविक नागरिकता, भारत में प्रवेश की अनुमति, वीजा शर्तों और संबंधित कानूनों के आधार पर करना होगा।

इस मामले में भास्कर राव ने विदेशी नागरिकों पर लागू नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच करने की मांग की है। लेकिन केवल किसी प्रदर्शन में शामिल होने से अपने आप यह साबित नहीं होता कि किसी व्यक्ति ने कानून तोड़ा है।

क्या भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति है?

भारत में पूर्ण दोहरी नागरिकता की व्यवस्था नहीं है। नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 9 के सामान्य प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त होने का कानूनी प्रश्न उठता है।

हालांकि, किसी व्यक्ति पर यह प्रावधान लागू होता है या नहीं, यह उसकी वास्तविक नागरिकता और संबंधित तथ्यों पर निर्भर करता है। इसलिए ध्रुव राठी के मामले में उनकी राष्ट्रीयता के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि जरूरी है।

अब आगे क्या होगा?

भास्कर राव की मांग के बाद इस मामले में प्रमुख सवाल यही है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय या संबंधित अधिकारी ध्रुव राठी के नागरिकता और आव्रजन संबंधी रिकॉर्ड की जांच करते हैं या नहीं। यदि किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यदि उल्लंघन नहीं मिलता, तो केवल आरोप या संदेह के आधार पर कार्रवाई उचित नहीं होगी।

फिलहाल, ध्रुव राठी की नागरिकता को लेकर सार्वजनिक चर्चा जारी है, लेकिन जांच की मांग और आधिकारिक निष्कर्ष के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। यह मामला केवल एक यूट्यूबर की राष्ट्रीयता का नहीं, बल्कि विदेशी नागरिकों पर लागू नियमों और उनके उचित कानूनी आकलन से भी जुड़ा है।

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By Kanchan

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