जबलपुर में दुस्साहस: गोल्ड लोन की रिकवरी करने पहुंचे बैंक मैनेजर पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला, कैंट थाने में बैंक कर्मियों का भारी हंगामा
यूनियन बैंक गौरीघाट शाखा के प्रबंधक मनीष संग्या गंभीर रूप से घायल; टीम से ₹16 हजार नकद छीनने का आरोप; आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के कैंट थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (गौरीघाट शाखा) के प्रबंधक मनीष संग्या जब अपनी टीम के साथ एक डिफ़ॉल्टर के घर बकाया गोल्ड लोन की वसूली (Recovery) करने पहुंचे, तो कर्जदार ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में शाखा प्रबंधक के चेहरे, नाक और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। वारदात के बाद आक्रोशित सैकड़ों बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने कैंट थाने का घेराव कर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।
शहर में बैंकिंग अधिकारियों पर हो रहे हमलों और सुरक्षा चिंताओं के बीच इस घटना ने वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। बताया जा रहा है कि संबंधित आरोपी ने बैंक से गोल्ड लोन लिया था, लेकिन लंबे समय से किस्तें जमा नहीं कर रहा था। बैंक प्रबंधन द्वारा कई औपचारिक नोटिस, फोन कॉल और मैसेज भेजने के बावजूद जब भुगतान नहीं किया गया, तो नियमों के तहत बैंक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची थी। वसूली दल पर हमले और नकद राशि छीने जाने की घटना के बाद शहर के समस्त राष्ट्रीयकृत व निजी बैंकों के कर्मचारी लामबंद हो गए हैं।
1. रिकवरी के दौरान अभद्रता, हमला और 16 हजार रुपये की लूट
यूनियन बैंक गौरीघाट शाखा के पीड़ित प्रबंधक मनीष संग्या और उनके साथ गए कर्मचारियों ने पुलिस को दी शिकायत में घटना का भयावह विवरण दिया:
- नोटिस के बाद भी नहीं चुकाया कर्ज: बैंक प्रबंधक मनीष संग्या ने बताया कि आरोपी ग्राहक को लंबे समय से बकाया राशि जमा करने के लिए सूचित किया जा रहा था। बुधवार को जब बैंक की टीम उसके ठिकाने पर पहुंची, तो उसने सहयोग करने के बजाय बैंक कर्मचारियों के साथ तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू कर दी।
- धारदार हथियार से हमला: विवाद बढ़ते ही आरोपी ने अचानक धारदार हथियार निकालकर शाखा प्रबंधक पर हमला कर दिया। हमले में मैनेजर की नाक और मुंह पर गहरी चोटें आईं, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े।
- रिकवरी के पैसे छीने: आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि रिकवरी टीम के सदस्यों के पास मौजूद लगभग ₹15,000 से ₹16,000 की नकद राशि भी जबरन छीन ली और जान से मारने की धमकियां दीं।
2. कैंट थाने में बैंक अधिकारियों का जमावड़ा और उग्र विरोध
घटना की खबर जंगल में आग की तरह बैंक कर्मचारियों के यूनियनों और संगठनों में फैल गई, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई:
- थाने का घेराव: घटना से गुस्साए यूनियन बैंक सहित शहर की विभिन्न बैंक शाखाओं के अधिकारी, कर्मचारी और यूनियन प्रतिनिधि बड़ी संख्या में कैंट थाने पहुंच गए।
- कामकाज ठप करने की चेतावनी: कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर कड़े कानूनी प्रावधानों (जैसे शासकीय कार्य में बाधा, जानलेवा हमला व लूट की धाराओं) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की।
- सुरक्षा की मांग: बैंक यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि फील्ड में रिकवरी का काम करने वाले बैंक अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जिले भर में बैंकिंग सेवाएं ठप करने पर मजबूर होंगे।
3. पुलिस की कार्रवाई और जांच का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे:
- मामला दर्ज: पुलिस ने पीड़ित शाखा प्रबंधक मनीष संग्या की शिकायत पर आरोपी कर्जदार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, प्राणघातक हमला करने, मारपीट और लूट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिक दर्ज कर ली है।
- टीम गठित: पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सम्भावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
निष्कर्ष
बैंकिंग प्रणाली किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है और सार्वजनिक धन की रिकवरी में लगे अधिकारियों पर इस तरह का जानलेवा हमला होना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जबलपुर में हुई इस घटना ने फील्ड में काम करने वाले बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में ला खड़ा किया है। बैंक यूनियनों और आम नागरिकों की मांग है कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ा दंड दे ताकि भविष्य में कोई भी कानून को हाथ में लेने का दुस्साहस न कर सके।

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