एशियाई खेल 2026: आज जापान में शुरू, “इमेजिन वन एशिया” थीम पर सजा नागोया
जापान के आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों की शुरुआत आज हो रही है। मनु भाकर और तजिंदरपाल सिंह तूर भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। जानें खेलों का पूरा शेड्यूल, इतिहास और भारत की तैयारियां।
एशिया के सबसे बड़े खेल महाकुंभ की शुरुआत आज, 19 सितंबर 2026 को जापान के आइची प्रान्त और नागोया शहर में हो रही है। 20वें एशियाई खेलों का भव्य उद्घाटन समारोह पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में आयोजित हो रहा है, जिसे इस आयोजन के लिए पांच साल की लंबी मरम्मत प्रक्रिया के बाद तैयार किया गया है। “इमेजिन वन एशिया” यानी “एक एशिया की कल्पना” थीम के तहत आयोजित इन खेलों में 45 देशों और एक शरणार्थी टीम के करीब 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जो 43 खेलों की 71 विधाओं में 469 स्वर्ण पदकों के लिए आपस में भिड़ेंगे। यह आयोजन 16 दिनों तक चलेगा और 4 अक्टूबर को अपने समापन तक पहुँचेगा।
तीसरी बार जापान को मेजबानी
नागोया, टोक्यो (1958) और हिरोशिमा (1994) के बाद एशियाई खेलों की मेजबानी करने वाला जापान का तीसरा शहर बन गया है। खास बात यह है कि यह आयोजन साल 1951 में नई दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों की 75वीं वर्षगांठ के साथ भी मेल खा रहा है, जिससे इस बार के खेलों को एक ऐतिहासिक अहमियत भी मिल गई है। ज्यादातर स्पर्धाएं नागोया शहर और आइची प्रान्त के आसपास ओकाजाकी, टोयोटा, इचिनोमिया, कासुगई, अंजो और निसशिन जैसे इलाकों में कुल 53 अलग-अलग स्थलों पर आयोजित होंगी, जबकि तैराकी जैसी कुछ स्पर्धाएं टोक्यो में और ट्रैक साइक्लिंग इज़ू में कराई जाएगी।
एथलेटिक्स से लेकर टेकबॉल तक — 43 खेल
इस बार के आयोजन में परंपरागत ओलंपिक खेलों जैसे एथलेटिक्स, तैराकी, जिमनास्टिक, बैडमिंटन, नौकायन, निशानेबाजी, तीरंदाजी, वॉलीबॉल, क्रिकेट, टेनिस, भारोत्तोलन और साइकिलिंग के साथ-साथ मेजबान देश जापान द्वारा जोड़े गए बेसबॉल-सॉफ्टबॉल और कराटे जैसे खेल भी शामिल किए गए हैं। यह आयोजन 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी एक अहम पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि कई खेलों में यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को सीधे ओलंपिक क्वालीफिकेशन का फायदा मिलेगा।
भारत की चुनौती और उम्मीदें
भारतीय दल के लिए यह आयोजन खास मायने रखता है, क्योंकि 2023 में हुए पिछले एशियाई खेलों में भारत ने हांगझाओ (चीन) में अपने अब तक के सबसे शानदार प्रदर्शन के साथ पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार करते हुए कुल 107 पदक (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) जीते थे और चौथे स्थान पर रहा था। इस बार भारतीय दल की अगुवाई निशानेबाज मनु भाकर और एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर बतौर संयुक्त ध्वजवाहक करेंगे। पेरिस ओलंपिक 2024 में दो पदक जीतकर इतिहास रचने वालीं मनु भाकर से इस बार भी पदक की बड़ी उम्मीदें हैं। इसके अलावा शूटिंग, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, कुश्ती जैसी स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। भारत का क्रिकेट अभियान पहले ही 17 सितंबर से शुरू हो चुका है, और फुटबॉल स्पर्धाएं भी पिछले हफ्ते से जारी हैं।
दक्षिण कोरिया और कतर जैसे देशों की भी बड़ी दावेदारी
भारत के अलावा दक्षिण कोरिया ने भी इस बार 41 खेलों में एक हजार से ज्यादा खिलाड़ियों का दल भेजा है और तीसरे स्थान पर रहने का लक्ष्य रखा है। कतर की तरफ से 243 खिलाड़ियों समेत कुल 427 सदस्यीय दल इन खेलों में हिस्सा ले रहा है। इससे साफ है कि इस बार एशिया के लगभग सभी बड़े खेल-राष्ट्र मेडल टेबल पर दबदबा बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाले हैं।
पैरा गेम्स भी होंगे इसी शहर में
एशियाई खेलों के अलावा, इसी साल 18 से 24 अक्टूबर तक नागोया में पांचवें एशियाई पैरा खेल भी आयोजित होंगे, जिसमें 45 देशों के खिलाड़ी 18 खेलों की 19 विधाओं में हिस्सा लेंगे। यह पहली बार होगा जब जापान का कोई शहर एशियाई पैरा खेलों की मेजबानी करेगा।

[…] नियुक्ति पत्र, कुल आंकड़ा 12.75 लाख पार एशियाई खेल 2026 शुरू: जापान के नागोया में… भारत बना दुनिया का नंबर-1 कारोबारी […]
[…] अन्य ख़बरें ! […]