आशीष विद्यार्थी तलाक: पहली शादी टूटने पर बुरी तरह टूट गए थे आशीष विद्यार्थी, बोले- हारा हुआ महसूस करता था
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने पहली शादी टूटने के बाद के मुश्किल दौर और दूसरी शादी के फैसले पर खुलकर बात की है। शुभंकर मिश्रा के साथ एक हालिया बातचीत में अभिनेता ने बताया कि 20 साल से ज्यादा समय तक चले वैवाहिक रिश्ते के खत्म होने पर उन्हें खुद को हारा हुआ महसूस होता था। उस दौर में वह भावनात्मक रूप से काफी परेशान थे। उन्होंने यह भी बताया कि तलाक के बाद दोबारा शादी करने के फैसले पर लोगों ने सवाल उठाए थे। हालांकि, आशीष का मानना है कि खुश रहने और जीवन में दोबारा शुरुआत करने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं होती।
आशीष विद्यार्थी तलाक : पहली शादी टूटने के बाद कैसा था मुश्किल दौर?
आशीष विद्यार्थी ने बातचीत में बताया कि पहली शादी टूटना उनके जीवन के सबसे दर्दनाक अनुभवों में से एक था। उन्होंने कहा कि जब इतने लंबे समय तक चला रिश्ता खत्म होता है, तो व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे उसने जिस रिश्ते में अपना सब कुछ लगाया था, वह अचानक समाप्त हो गया।
अभिनेता के मुताबिक, उस समय उन्हें हारा हुआ महसूस होता था। हालांकि, उन्होंने अपनी पहली शादी टूटने का वास्तविक कारण सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना था कि यह बेहद निजी मामला था और इसके बारे में विस्तार से बात करने से किसी को कोई फायदा नहीं होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी के लिए आसान नहीं था और दोनों पक्षों के लिए यह कठिन समय रहा।
दूसरी शादी करने पर लोगों ने उठाए थे सवाल
आशीष ने बताया कि तलाक के बाद जब उन्होंने दोबारा शादी करने की इच्छा जाहिर की, तो कई लोगों ने उनके फैसले पर सवाल उठाए। कुछ लोगों ने उन्हें सलाह दी कि इस उम्र में शादी करने के बजाय लिव-इन रिलेशनशिप में रहना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का कहना था कि अब उन्हें अपने बेटे के साथ समय बिताना चाहिए।
अभिनेता के अनुसार, लोग उनकी परिस्थितियों को पूरी तरह समझे बिना उनके निजी जीवन पर राय दे रहे थे। उन्होंने ऐसे लोगों को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपने भविष्य के फैसले खुद लेने का अधिकार है।
आशीष का मानना है कि जीवन में मुश्किल समय आने के बाद भी व्यक्ति को दोबारा शुरुआत करने और खुश रहने का पूरा अधिकार है। उम्र किसी की खुशी या नए रिश्ते की शुरुआत में बाधा नहीं बननी चाहिए।
राजोशी बरुआ से हुई थी पहली शादी, एक बेटा भी है
आशीष विद्यार्थी की पहली शादी अभिनेत्री और गायिका राजोशी बरुआ से हुई थी, जिन्हें पिलू विद्यार्थी के नाम से भी जाना जाता है। दोनों का एक बेटा है, जिसका नाम अर्थ विद्यार्थी है।
वर्ष 2022 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक की याचिका दाखिल की थी। आशीष ने पहले भी बताया था कि उन्होंने अपने रिश्ते को बचाने के लिए पेशेवर मदद ली और आपसी मतभेद दूर करने की कोशिश की थी। हालांकि, बातचीत और प्रयासों के बावजूद दोनों ने अलग रास्ते चुनने का फैसला किया।
राजोशी ने भी 2023 में स्पष्ट किया था कि उनका और आशीष का तलाक आपसी सहमति से हुआ था। उन्होंने अभिनेता पर बेवफाई के आरोपों को भी खारिज किया था। दोनों ने अलग होने के बाद भी दोस्ती बनाए रखने की बात कही थी।
60 साल की उम्र में रुपाली बरुआ से की दूसरी शादी
पहली शादी से अलग होने के बाद आशीष विद्यार्थी की जिंदगी में रुपाली बरुआ आईं। रुपाली असम की रहने वाली कारोबारी हैं और कोलकाता में फैशन व्यवसाय से जुड़ी हैं।
25 मई 2023 को आशीष और रुपाली ने कोलकाता में परिवार तथा करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की थी। इस शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद अभिनेता को काफी चर्चा और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
हालिया बातचीत में आशीष ने बताया कि रुपाली के साथ उनका रिश्ता आपसी समझ और साथ बिताए समय पर आधारित है। दोनों को यात्रा करना, साथ में चाय पीना और लंबी ड्राइव पर जाना पसंद है। रुपाली अक्सर उनके काम से जुड़ी यात्राओं में भी साथ रहती हैं।
कौन हैं आशीष विद्यार्थी?
आशीष विद्यार्थी भारतीय सिनेमा के जाने-माने चरित्र अभिनेता हैं। उनका जन्म 19 जून को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से अभिनय का प्रशिक्षण लिया और थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की।
वर्ष 1994 की फिल्म ‘द्रोहकाल’ में उनके अभिनय के लिए उन्हें 1995 में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्होंने ‘बिच्छू’, ‘जिद्दी’, ‘सोल्जर’, ‘अन्नियन’, ‘पोकीरी’, ‘बारफी’ और ‘हैदर’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं।
हिंदी के अलावा उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और बंगाली सहित कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। अभिनय के साथ-साथ वह मोटिवेशनल स्पीकर और डिजिटल सामग्री निर्माता के रूप में भी सक्रिय हैं।
आशीष विद्यार्थी की हालिया बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही है कि जीवन में रिश्ते खत्म होने का मतलब जीवन का अंत नहीं है। कठिन अनुभवों के बाद भी व्यक्ति को अपनी जिंदगी नए सिरे से जीने और खुशियां तलाशने का अधिकार है।
