अर्जेंटीना में व्हेल के बच्चों की असामान्य मौत से चिंता, बैक्टीरिया और पर्यावरणीय बदलावों की जांच
अर्जेंटीना के पेटागोनिया तट पर दक्षिणी राइट व्हेल यानी Southern Right Whale के बड़ी संख्या में नवजात बच्चों की मौत ने वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। जून 2026 से पेनिनसुला वाल्देस और इसके आसपास के तटीय इलाकों में मृत व्हेल के बच्चे लगातार मिल रहे हैं। वैज्ञानिक अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इसके पीछे समुद्री बैक्टीरिया का संक्रमण है, पर्यावरण में बदलाव है या कई कारकों का संयुक्त प्रभाव।
पेनिनसुला वाल्देस दक्षिणी राइट व्हेल के लिए दुनिया के प्रमुख प्रजनन और बच्चों के पालन वाले क्षेत्रों में से एक है। हर साल बड़ी संख्या में व्हेल यहां अपने बच्चों को जन्म देने आती हैं। ऐसे में सामान्य से अधिक संख्या में नवजात व्हेलों की मौत को वैज्ञानिक महत्वपूर्ण घटना मान रहे हैं।
इस साल क्यों बढ़ी चिंता?
पेनिनसुला वाल्देस में व्हेलों की मृत्यु पर दो दशक से अधिक समय से नियमित निगरानी की जा रही है। इसी लंबे रिकॉर्ड के कारण वैज्ञानिक यह पहचान पा रहे हैं कि 2026 में बच्चों की मृत्यु सामान्य स्तर से अधिक है।
इंस्टीट्यूट ऑफ व्हेल कंजर्वेशन (ICB) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल की मौतें 2012 में दर्ज किए गए पिछले बड़े आंकड़े से भी अधिक हो सकती हैं। 2012 में क्षेत्र में 113 व्हेल के बच्चे मृत पाए गए थे। हालांकि 2026 की अंतिम संख्या अभी तय नहीं हुई है और वैज्ञानिक लगातार नए मामलों का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं।
बैक्टीरियल संक्रमण सबसे प्रमुख आशंका
वैज्ञानिकों की जांच में फिलहाल बैक्टीरियल संक्रमण प्रमुख संभावनाओं में शामिल है। विशेष रूप से Erysipelothrix rhusiopathiae नामक समुद्री वातावरण में पाए जाने वाले बैक्टीरिया पर ध्यान दिया जा रहा है। यह बैक्टीरिया व्हेलों में एरिसिपेलस नामक संक्रमण से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों ने अभी यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि यही बैक्टीरिया इस साल हुई सभी मौतों का कारण है। मृत व्हेलों से लिए गए ऊतक और अन्य नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की जा रही है ताकि संक्रमण और मौत के बीच सीधा संबंध स्थापित किया जा सके।
वैज्ञानिकों के सामने यह सवाल भी है कि यदि बैक्टीरिया पहले से समुद्री वातावरण में मौजूद था, तो इस साल उसके संभावित प्रभाव में अचानक वृद्धि क्यों दिखाई दे रही है।
सीगल के हमलों से संक्रमण का रास्ता?
शोधकर्ताओं की एक अन्य संभावना समुद्री पक्षियों और व्हेल के बच्चों के बीच संबंध से जुड़ी है। पेनिनसुला वाल्देस में केल्प गल्स नामक समुद्री पक्षी व्हेल के बच्चों पर हमला करते हैं। इन हमलों से बच्चों की त्वचा पर घाव बन सकते हैं।
वैज्ञानिकों को आशंका है कि ऐसे घाव बैक्टीरिया के शरीर में प्रवेश का रास्ता बन सकते हैं। हालांकि यह अभी जांच का विषय है और इसे 2026 की मौतों का प्रमाणित कारण नहीं माना गया है।
पर्यावरणीय बदलाव भी जांच के दायरे में
बैक्टीरिया के अलावा वैज्ञानिक यह भी देख रहे हैं कि समुद्री पर्यावरण में हुए बदलावों ने व्हेल के बच्चों की संवेदनशीलता तो नहीं बढ़ाई। समुद्र के तापमान में बदलाव, भोजन की उपलब्धता, समुद्री पारिस्थितिकी में परिवर्तन और जलवायु से जुड़े प्रभावों को भी अध्ययन में शामिल किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक कारण पर जल्द निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यह संभव है कि पर्यावरणीय परिस्थितियों ने व्हेलों की प्रतिरोधक क्षमता या भोजन की उपलब्धता को प्रभावित किया हो और इससे संक्रमण का जोखिम बढ़ा हो।
इंसानी गतिविधियों की भूमिका भी जांची जा रही
वैज्ञानिक फिलहाल प्राकृतिक कारणों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, लेकिन मानव गतिविधियों की भूमिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। समुद्री प्रदूषण, मछली पकड़ने के उपकरण, जहाजों की आवाजाही और समुद्री आवास में बदलाव जैसी समस्याएं दुनिया भर में व्हेलों के लिए खतरा बनी हुई हैं।
इसलिए शोधकर्ता मृत व्हेलों के नमूनों के साथ-साथ समुद्री जल और आसपास के पर्यावरण की भी जांच कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह समझना है कि क्या किसी व्यापक पारिस्थितिक बदलाव का इस असामान्य मृत्यु दर से संबंध है।
क्या पूरी व्हेल आबादी खतरे में है?
विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल इस घटना को पूरी क्षेत्रीय दक्षिणी राइट व्हेल आबादी के लिए तत्काल संकट नहीं माना जा रहा है। यह प्रजाति लंबे समय तक जीवित रहती है और पेनिनसुला वाल्देस की आबादी पिछले दशकों में संरक्षण प्रयासों से उल्लेखनीय रूप से उबरी है।
फिर भी नवजात बच्चों की लगातार बढ़ती मृत्यु चिंता का विषय है, क्योंकि किसी भी प्रजाति की दीर्घकालिक वृद्धि के लिए नई पीढ़ी का जीवित रहना जरूरी होता है।
वैज्ञानिक जांच से मिलेगी आगे की दिशा
पेटागोनिया में चल रही जांच केवल इस साल की मौतों का कारण जानने तक सीमित नहीं है। इसके परिणाम यह समझने में भी मदद कर सकते हैं कि बदलते समुद्री वातावरण में दक्षिणी राइट व्हेल की आबादी किन नए खतरों का सामना कर रही है।
फिलहाल बैक्टीरियल संक्रमण एक प्रमुख आशंका है, लेकिन अंतिम कारण सामने नहीं आया है। इसलिए वैज्ञानिकों के लिए सबसे जरूरी है कि मृत व्हेलों की व्यवस्थित जांच, समुद्री पर्यावरण की निगरानी और लंबे समय के आंकड़ों का अध्ययन जारी रखा जाए। यही जानकारी इस महत्वपूर्ण प्रजाति के भविष्य के संरक्षण की दिशा तय करने में मदद करेगी।

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