DGCA ने Mobikins MK-PB-04 पावर बैंक पर लगाया प्रतिबंध: इंडिगो विमान में आग के बाद उड़ानों में ले जाना मना, जानें नए नियम
अगर आप विमान से सफ़र करते हैं और आपके पास Mobikins कंपनी का पावर बैंक है, तो यह खबर आपके लिए ज़रूरी है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने Mobikins MK-PB-04 मॉडल के पावर बैंक को भारत आने-जाने वाली और देश के भीतर की सभी उड़ानों में ले जाने पर रोक लगा दी है। यह क़दम इंडिगो की एक उड़ान में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद उठाया गया।
क्या हुआ था इंडिगो की उड़ान में?
रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को इंडिगो की उड़ान 6E 6115 दिल्ली से चेन्नई जा रही थी। यह एयरबस A321 विमान था। उड़ान के दौरान सामान रखने वाले ऊपरी केबिन (ओवरहेड बिन) में रखे एक यात्री के पावर बैंक से धुआँ उठा और आग लग गई। केबिन क्रू ने आग बुझा दी। विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ा गया, जहाँ वह सुरक्षित उतर गया। यात्रियों को चेन्नई पहुँचाने के लिए इंडिगो ने दूसरा विमान लगाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें ओवरहेड बिन से लपटें उठती दिख रही हैं।
DGCA का आदेश क्या है?
DGCA ने Mobikins MK-PB-04 पावर बैंक को यात्री के सामान के साथ ले जाने और कार्गो के रूप में भेजने, दोनों पर प्रतिबंध लगाया है। यह रोक भारत से, भारत की ओर और भारत के भीतर चलने वाली सभी उड़ानों पर लागू है। एयरलाइनों को यात्रियों को इस बारे में अलग-अलग माध्यमों से जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
यह सभी पावर बैंक पर बैन नहीं है
रिपोर्टों के अनुसार यह रोक सिर्फ़ इसी मॉडल पर है, सभी पावर बैंक पर नहीं। बाक़ी पावर बैंक ले जाने के लिए पहले से लागू नियम मानने होंगे। नियामक की जाँच में आग का कारण यात्री का पावर बैंक बताया गया है। निर्माता कंपनी की प्रतिक्रिया और आग के सटीक तकनीकी कारण की जानकारी मुझे उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं मिली।
यह पहली घटना नहीं
रिपोर्टों के मुताबिक क़रीब एक साल में इंडिगो के विमान में पावर बैंक में आग लगने की यह कम से कम तीसरी घटना है। चेन्नई हवाई अड्डे पर इस आदेश के बाद सुरक्षाकर्मियों ने यात्रियों के सामान की जाँच, ख़ासकर पावर बैंक की, बढ़ा दी है।
विमान में पावर बैंक के मौजूदा नियम
DGCA के ख़तरनाक सामान से जुड़े मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियाँ सिर्फ़ हैंड बैगेज में रखी जा सकती हैं।
- इन्हें चेक-इन बैग में या ओवरहेड बिन में नहीं रखना है।
- उड़ान के दौरान पावर बैंक से फ़ोन या दूसरे उपकरण चार्ज करना मना है, सीट के पावर आउटलेट से भी नहीं।
- अगर कोई उपकरण गर्म हो, धुआँ छोड़े या अजीब गंध आए, तो तुरंत केबिन क्रू को बताना ज़रूरी है।
एयरलाइनों से कहा गया है कि वे यात्रियों को नियमों के बारे में जागरूक करें, केबिन क्रू को बैटरी से जुड़ी घटनाओं से निपटने का प्रशिक्षण दें और लिथियम बैटरी में आग या ख़राबी की हर घटना की जानकारी नियामक को दें।
यात्री क्या करें?
- अपने पावर बैंक के पीछे लिखा मॉडल नंबर जाँचें। अगर उस पर MK-PB-04 लिखा है, तो उसे यात्रा में साथ न ले जाएँ।
- केवल जाने-माने, प्रमाणित ब्रांड के पावर बैंक इस्तेमाल करें। अनजान या लोकल कंपनी के पावर बैंक से बचें।
- पावर बैंक फूला हुआ हो, ज़्यादा गर्म होता हो या गिरने से टूटा हो तो उसे इस्तेमाल न करें।
- उड़ान से पहले पावर बैंक का इस्तेमाल कर लें और जहाँ तक हो सके उसे बोर्डिंग से पहले डिस्चार्ज कर लें।
- पावर बैंक अपने पास या सीट के नीचे रखें, ओवरहेड बिन में नहीं।
लिथियम बैटरी में आग लगने का ख़तरा क्यों?
पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी होती है। उसके क्षतिग्रस्त या दोषपूर्ण होने पर बैटरी ज़्यादा गर्म होकर आग पकड़ सकती है। विमान के बंद केबिन में ऐसी आग जल्दी गंभीर रूप ले सकती है, इसीलिए नियम सख़्त हैं।
आगे क्या?
अब देखना होगा कि जाँच में निर्माता की भूमिका और बैटरी की गुणवत्ता पर क्या सामने आता है, और क्या दूसरे मॉडलों पर भी ऐसी कार्रवाई होती है। तब तक यात्रियों के लिए सबसे अहम बात यही है कि वे अपने पावर बैंक का मॉडल जाँचें और उड़ान के नियमों का पालन करें।
(डिस्क्लेमर: जानकारी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन और DGCA की ताज़ा सूचना देख लें।)

[…] CNG लॉन्च, कीमत ₹9.99 लाख, माइलेज और फीचर्स Mobikins MK-PB-04 पावर बैंक पर DGCA का बैन, जानें निय… असदुद्दीन ओवैसी का सपा पर हमला, 2027 […]