Chaayos ने बिल्ली को हटाने पर मांगी माफी, बांद्रा कैफे के बाहर से ले गया था कर्मचारी; सोशल मीडिया पर हुआ विरोध
मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित चाय कैफे चायोस (Chaayos) से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कैफे के बाहर रहने वाली एक बिल्ली को कर्मचारियों द्वारा दूसरी जगह ले जाने और बाद में उसके लापता होने के बाद कंपनी को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ने पर कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और अपनी गलती स्वीकार की। कंपनी ने बताया कि उसके एक अप्रशिक्षित कर्मचारी ने बिल्ली को दूसरी जगह पहुंचा दिया था। इसके बाद 20 कर्मचारियों की टीम ने रात में बिल्ली को खोजने का अभियान चलाया। अब बिल्ली सुरक्षित मिल गई है और मुंबई की एक महिला ने उसे गोद लेने का फैसला किया है।
Chaayos Apology: आखिर क्या है पूरा मामला?
यह मामला मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित टर्नर रोड के चायोस आउटलेट का है। यहां एक सामुदायिक बिल्ली लंबे समय से कैफे के बाहर रहती थी। आसपास के लोग और नियमित ग्राहक उससे परिचित थे।
मुंबई की मेडिटेशन कोच पूर्णिमा हून मोटवानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बिल्ली के लापता होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिल्ली स्वस्थ थी और उसका टीकाकरण तथा नसबंदी भी हो चुकी थी।
पूर्णिमा के अनुसार, 28 अक्टूबर को कैफे के दो कर्मचारी बिल्ली को उठाकर दूसरी जगह ले जा रहे थे। इस दौरान पास में गैराज चलाने वाले उनके दोस्त डेंजिल ने उन्हें देख लिया और हस्तक्षेप करके बिल्ली को वापस कैफे के बाहर उसके परिचित स्थान पर पहुंचा दिया।
हालांकि, कुछ दिनों बाद रविवार सुबह बिल्ली अचानक गायब हो गई। इसके बाद पूर्णिमा ने कैफे के कर्मचारियों और प्रबंधन से संपर्क कर बिल्ली के बारे में जानकारी मांगी।
सोशल मीडिया पर क्यों हुआ Chaayos का विरोध?
पूर्णिमा ने आरोप लगाया कि बिल्ली के गायब होने के बाद जब उन्होंने कैफे के कर्मचारियों और प्रबंधन से मदद मांगी, तो उन्हें सहयोग नहीं मिला। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रबंधन को बिल्ली को दूसरी जगह ले जाने की जानकारी थी।
इसके बाद उन्होंने मामले से जुड़ा वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होने के बाद पशु प्रेमियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कंपनी की आलोचना शुरू कर दी।
कई लोगों ने कंपनी के व्यवहार पर सवाल उठाए और चायोस का बहिष्कार करने की अपील की। कुछ ग्राहकों ने यह भी बताया कि वे इस कैफे में नियमित रूप से इसलिए आते थे क्योंकि वहां उन्हें यह बिल्ली देखने को मिलती थी।
Chaayos ने बयान जारी कर क्या कहा?
बढ़ते विरोध के बीच चायोस ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक माफी जारी की।
कंपनी ने स्वीकार किया कि उसके एक अप्रशिक्षित कर्मचारी ने कैफे के आसपास रहने वाली बिल्ली को दूसरी जगह पहुंचाया था। कंपनी ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था और वह अपने कर्मचारियों की कार्रवाई की जिम्मेदारी लेती है।
चायोस के अनुसार, सोमवार रात उसके 20 कर्मचारियों ने मिलकर बिल्ली को खोजने का प्रयास किया। कंपनी ने बताया कि बिल्ली सुरक्षित मिल गई है और अब उसकी देखभाल एक ऐसे व्यक्ति द्वारा की जा रही है, जिसने उसे स्थायी घर देने की पेशकश की है।
कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने सभी कैफे में कर्मचारियों का प्रशिक्षण बेहतर किया जाएगा। साथ ही सामुदायिक जानवरों के साथ व्यवहार करने के लिए नए नियम और प्रक्रियाएं मजबूत की जाएंगी।
पूर्णिमा मोटवानी ने बिल्ली को लिया गोद
इस पूरे मामले का सकारात्मक पहलू यह रहा कि लापता बिल्ली आखिरकार सुरक्षित मिल गई। पशु कल्याण संगठन ह्यूमैनिटी वर्ल्ड फाउंडेशन ने 3 नवंबर को जानकारी दी कि उसकी टीम ने बिल्ली का पता लगा लिया है।
संगठन के मुताबिक, पूर्णिमा मोटवानी और उनके परिवार ने बिल्ली को गोद लेने का फैसला किया है। अब उसे एक स्थायी घर और देखभाल मिलेगी।
पूर्णिमा ने भी सोशल मीडिया पर बिल्ली के सुरक्षित होने की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि वह अब उसकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करेंगी।
सामुदायिक जानवरों की देखभाल पर फिर उठे सवाल
चायोस से जुड़ा यह मामला केवल एक कैफे तक सीमित नहीं रहा। इसने शहरों में रहने वाले सामुदायिक जानवरों और उनके आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी पर भी चर्चा शुरू कर दी है।
कई लोग अपने आसपास रहने वाले कुत्तों और बिल्लियों को नियमित रूप से भोजन देते हैं, उनका टीकाकरण और नसबंदी करवाते हैं। ऐसे जानवर धीरे-धीरे स्थानीय समुदाय का हिस्सा बन जाते हैं।
इस घटना के बाद चायोस ने कर्मचारियों के प्रशिक्षण और नियमों में सुधार का वादा किया है। अब देखना होगा कि कंपनी इन आश्वासनों को अपने सभी आउटलेट पर किस तरह लागू करती है।


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