Stockal पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप, 30 निवेशकों के खाते प्रभावित; कंपनी ने तोड़ी चुप्पी
अमेरिका के शेयर बाजार में निवेश की सुविधा देने वाले भारतीय वित्तीय मंच Stockal से जुड़ा कथित अनधिकृत कारोबार का मामला सामने आया है। करीब 30 भारतीय निवेशकों ने आरोप लगाया है कि उनके खातों से बिना अनुमति Apple, Amazon, Tesla और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर बेच दिए गए और उस पैसे से कम कारोबार वाले दूसरे शेयर खरीद लिए गए। निवेशकों के मुताबिक, इस घटना से कुल नुकसान 100 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। मामले के सामने आने के बाद 4 नवंबर 2026 को कंपनी की मूल कंपनी Borderless Investing ने अपना आधिकारिक पक्ष रखा और कहा कि उसके प्लेटफॉर्म के आंतरिक सिस्टम में सेंधमारी का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
Stockal Scam: आखिर क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना 15 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबार के दौरान हुई थी। निवेशकों का आरोप है कि उनके Stockal खातों तक किसी अनधिकृत व्यक्ति ने पहुंच बनाई और उनकी जानकारी या अनुमति के बिना अमेरिकी शेयर बेच दिए।
इसके बाद शेयर बेचने से मिली रकम का इस्तेमाल चीन की कंपनी Zhibao Technology Inc. के शेयर खरीदने में किया गया। यह अमेरिकी बाजार में सूचीबद्ध कम कारोबार वाला शेयर है।
एक प्रभावित निवेशक के अनुसार, उसके खाते से Apple, Tesla, Amazon, Alphabet, Nvidia और AMD सहित 10 प्रमुख कंपनियों की लगभग 3.36 लाख डॉलर की हिस्सेदारी बेच दी गई। इसके बाद करीब 3 लाख Zhibao Technology के शेयर खरीदे गए। बताया गया कि इन शेयरों की कीमत 23 अक्टूबर तक लगभग 60 प्रतिशत गिर गई थी।
कितने निवेशकों को हुआ नुकसान?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 30 खुदरा निवेशकों ने अनधिकृत सौदों की शिकायत की है और कुल नुकसान 100 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
4 नवंबर को सामने आई एक अन्य शिकायत में एक निवेशक के परिजन ने दावा किया कि उनके भाई को इसी तरह के अनधिकृत सौदों में लगभग 10 लाख डॉलर का नुकसान हुआ है।
यह दावा सार्वजनिक रूप से सामने आए नुकसान के मामले को और गंभीर बनाता है।
हालांकि, निवेशकों द्वारा बताई गई नुकसान की रकम और प्रभावित खातों की अंतिम संख्या की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
Borderless Investing ने Stockal मामले में क्या कहा?
Stockal की मूल कंपनी Borderless Investing ने 4 नवंबर को जारी बयान में बताया कि उसके अमेरिकी ब्रोकरेज और कस्टडी साझेदार DriveWealth ने 16 अक्टूबर को भारतीय समय के अनुसार 13 ग्राहक खातों में अनधिकृत कारोबार की जानकारी दी थी।
कंपनी के मुताबिक, जांच में 26 ग्राहक खातों तक वैध लॉगिन जानकारी के माध्यम से किसी तीसरे पक्ष की पहुंच सामने आई। इनमें से 13 खातों में मौजूदा बड़े अमेरिकी शेयर बेचे गए और उनकी रकम से कम कारोबार वाले छोटे शेयर खरीदे गए।
कंपनी ने कहा कि अब तक की जांच में उसके प्लेटफॉर्म, इंटरफेस या आंतरिक तकनीकी व्यवस्था में सेंधमारी का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उसे आशंका है कि प्रभावित ग्राहक किसी सोशल इंजीनियरिंग या दूसरी कंपनी के डेटा लीक से जुड़ी घटना के शिकार हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
कंपनी ने स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को जांच में लगाया है और अतिरिक्त प्रमाणीकरण तथा सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। उसने यह भी कहा कि अब तक की जांच में किसी खाते से पैसे निकाले जाने का पता नहीं चला है। साथ ही कंपनी ने अनधिकृत गतिविधि के लिए कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार किया है।
Stockal क्या है और DriveWealth की इसमें क्या भूमिका है?
Stockal भारत में खुदरा निवेशकों को अमेरिकी शेयरों और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश की सुविधा देने वाला वित्तीय मंच है। इसके माध्यम से भारतीय निवेशक अमेरिका की सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश कर सकते हैं।
इस मंच की मूल कंपनी Borderless Investing है। इसका डिजिटल मंच पहले Stockal के नाम से जाना जाता था और अब Borderless ब्रांड के तहत संचालित होता है। भारत में इसकी सहायक इकाई Stockal Securities पंजीकृत है।
अमेरिकी कंपनी DriveWealth इसके शेयर कारोबार और कस्टडी से जुड़ी सेवाओं में साझेदार है। इसी वजह से मौजूदा मामले में दोनों पक्षों की तकनीकी और परिचालन जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
HDFC Securities ने भी दी सफाई
इस मामले में HDFC Securities का नाम भी चर्चा में आया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Stockal के साथ उसकी परिचालन साझेदारी जुलाई 2024 में समाप्त हो गई थी। उसने यह भी कहा कि संबंधित प्राथमिकी (FIR) में उसका नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं है।
निवेशकों को पैसा वापस मिलेगा या नहीं?
इस मामले में सबसे बड़ी चिंता निवेशकों की रकम की वापसी और जिम्मेदारी तय करने को लेकर है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी शेयरों में लेनदेन के लिए भारत में नियामकीय शिकायत और निवेशक संरक्षण की व्यवस्था घरेलू शेयर बाजार से अलग हो सकती है। इससे प्रभावित निवेशकों के लिए राहत हासिल करना जटिल हो सकता है।
फिलहाल कंपनी, उसके अमेरिकी ब्रोकरेज साझेदार और प्रभावित निवेशकों के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह जांच का विषय बना हुआ है कि खातों तक अनधिकृत पहुंच कैसे बनी, सौदों को किसने अंजाम दिया और हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
Stockal का यह मामला भारत से विदेशी शेयरों में निवेश करने वाले लोगों के लिए खाता सुरक्षा, दोहरी प्रमाणीकरण व्यवस्था और निवेश मंचों की जवाबदेही से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई से इस मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
