आयुष्मान खुराना को धमकी देने वाला IT इंजीनियर गिरफ्तार, करोड़ों की रंगदारी मांगी थी; तुषार कपूर को भी भेजा था मैसेज
बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना और तुषार कपूर को धमकी देकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बेंगलुरु से 30 वर्षीय आईटी इंजीनियर वैभव मिश्रा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने दोनों अभिनेताओं को धमकी भरे ऑडियो और संदेश भेजे थे। आरोपी ने खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में गैंग के साथ उसका कोई संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने बॉलीवुड सितारों के बीच गैंग के नाम से फैले डर का फायदा उठाकर पैसे वसूलने की कोशिश की।
कौन है गिरफ्तार आरोपी वैभव मिश्रा?
मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी की पहचान वैभव मिश्रा के रूप में की है। उसकी उम्र 30 वर्ष बताई गई है और वह बेंगलुरु में आईटी इंजीनियर के रूप में काम करता था।
जांच के अनुसार, आरोपी ने आयुष्मान खुराना और कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों को इंस्टाग्राम के माध्यम से धमकी भरे संदेश भेजे थे। उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए रंगदारी मांगने की कोशिश की थी।
पुलिस ने ऑनलाइन प्रोफाइल और तकनीकी जानकारियों की मदद से संदेश भेजने वाले व्यक्ति का पता लगाया। इसके बाद 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करके मुंबई लाने की तैयारी में थी।
तुषार कपूर से मांगे थे 5 करोड़ रुपये
इस मामले में अभिनेता तुषार कपूर को भी धमकी भरा ऑडियो संदेश मिला था। संदेश भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताया था और कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी।
तुषार कपूर ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने ऑडियो की फोरेंसिक जांच कराई और उसकी आवाज का मिलान पुलिस रिकॉर्ड में उपलब्ध हैरी बॉक्सर के नमूनों से किया।
जांच में दोनों आवाजों का मिलान नहीं हुआ। इससे पुलिस को संदेह हुआ कि कोई दूसरा व्यक्ति गैंग के सदस्य की पहचान का इस्तेमाल करके अभिनेता को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश कर रहा था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से नहीं मिला कोई संबंध
मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में वैभव मिश्रा का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि आरोपी ने गैंग के नाम से बॉलीवुड में पहले से बने डर का फायदा उठाने की कोशिश की।
एक अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से आवाज के नमूने तैयार किए हो सकते हैं। इसके अलावा उसने इंटरनेट पर खोज करके फिल्मी हस्तियों के संपर्क संबंधी जानकारियां जुटाई होंगी। हालांकि, इस तकनीक के इस्तेमाल की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
टाइगर श्रॉफ के घर पर फायरिंग के बाद बढ़ी थीं धमकियां
बॉलीवुड कलाकारों को मिल रही धमकियों के बीच यह मामला सामने आया है। इससे पहले 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित रहे थे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे।
इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। पुलिस इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। पुलिस को संदेह है कि कुछ लोग इसी माहौल का फायदा उठाकर गैंगस्टर के नाम से फर्जी धमकियां दे रहे हैं।
पुलिस जांच में अब क्या सामने आएगा?
वैभव मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच उसके संदेशों, ऑडियो रिकॉर्डिंग और तकनीकी गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने किन अन्य फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाया और क्या इस कथित रंगदारी के प्रयास में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
फिलहाल आरोपी के गैंग से संबंध होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने और अदालत में मामले की सुनवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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