माया राजेश्वरन रेवती : 17 साल की भारतीय टेनिस खिलाड़ी ने तोड़ा सानिया मिर्जा का रिकॉर्ड, जीते सिंगल्स और डबल्स खिताब

नई दिल्ली: भारत की युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने अंतरराष्ट्रीय टेनिस में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 17 वर्षीय माया ने 11 अक्टूबर 2026 को पुर्तगाल के लागोस में आयोजित ITF W35 टूर्नामेंट का महिला एकल खिताब जीत लिया। फाइनल में उन्होंने स्पेन की सेलिया सर्विनो रुइज को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया।

सानिया मिर्जा के 22 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने वाली कौन हैं 17 साल की भारतीय टेन‍िस ख‍िलाड़ी? - Who is 17 year old Maaya Rajeshwaran Revathi who Breaks Sania Mirza 22

इस जीत के साथ माया इस स्तर का पेशेवर महिला एकल खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। माया ने इसी टूर्नामेंट में यूक्रेन की येलिजावेता कोट्लियार के साथ महिला युगल का खिताब भी अपने नाम किया। इस दोहरी सफलता ने भारतीय टेनिस में उनकी पहचान को और मजबूत किया है।

माया राजेश्वरन रेवती ने फाइनल में कैसे दर्ज की जीत?

लागोस में खेले गए फाइनल में माया का सामना स्पेन की सातवीं वरीयता प्राप्त सेलिया सर्विनो रुइज से हुआ। माया ने पहले सेट में 6-4 से जीत हासिल की और दूसरे सेट में 6-2 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

यह माया का पहला पेशेवर एकल खिताब है। टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उन्होंने मुख्य ड्रॉ में लगातार चार मुकाबले जीते और किसी भी मैच में सेट नहीं गंवाया। सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका की ब्रिट डू प्री के खिलाफ उन्हें वॉकओवर मिला था।

Maya Rajeswaran Revathi Wins ITF W35 Title | Youngest Indian Pro Champion

इस जीत से पहले माया ने क्वार्टर फाइनल में चीन की तियान जियालिन को 6-2, 6-1 से हराया था। शुरुआती दौर में उन्होंने शीर्ष वरीयता प्राप्त जस्टिना मिकुलस्काइट को भी बाहर का रास्ता दिखाया था।

सानिया मिर्जा का कौन-सा रिकॉर्ड टूटा?

माया की इस उपलब्धि की तुलना पूर्व भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा से की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, माया 17 साल की उम्र में ITF W35 स्तर का महिला एकल खिताब जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला बन गई हैं।

सानिया मिर्जा ने भी कम उम्र में पेशेवर टेनिस में अपनी पहचान बनाई थी और भारतीय महिला टेनिस को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। माया की उपलब्धि इसी परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ती है।

हालांकि, एक टूर्नामेंट की जीत को सीधे विश्व स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों के बराबर पहुंचने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पेशेवर टेनिस में लगातार अच्छे परिणाम और उच्च स्तर के मुकाबलों में प्रदर्शन ही आगे की प्रगति तय करते हैं।

डबल्स में भी माया ने जीता खिताब

माया की सफलता केवल महिला एकल तक सीमित नहीं रही। उन्होंने यूक्रेन की येलिजावेता कोट्लियार के साथ महिला युगल का खिताब भी जीता।

इस जोड़ी ने फाइनल में चीन की मिन लियू और इटली की कार्लोटा मोच्चिया को तीन सेटों के मुकाबले में हराया। पहला सेट गंवाने के बाद माया और उनकी जोड़ीदार ने शानदार वापसी की और सुपर टाईब्रेक में मुकाबला जीत लिया।

17 साल की भारतीय टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया है। माया ने पुर्तगाल में ...

एक ही टूर्नामेंट में एकल और युगल दोनों खिताब जीतना माया के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे उनकी व्यक्तिगत खेल क्षमता के साथ युगल में तालमेल बनाने की क्षमता भी सामने आई है।

कौन हैं माया राजेश्वरन रेवती?

तमिलनाडु के पोल्लाची में जन्मीं माया राजेश्वरन रेवती को भारतीय टेनिस की उभरती प्रतिभाओं में गिना जाता है। उन्होंने आठ साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया और दस साल की उम्र में इसे पेशेवर करियर बनाने का लक्ष्य तय किया।

माया को स्पेन स्थित राफा नडाल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति भी मिली थी। वर्ष 2025 में मुंबई ओपन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक पहुंचकर ध्यान खींचा था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने कई ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ियों को हराया था।

अब लागोस में मिली दोहरी सफलता उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। माया के सामने अगली चुनौती इस प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने, बेहतर रैंकिंग हासिल करने और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपनी जगह मजबूत करने की होगी।

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द्वारा Kanchan

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