अनंत नाग को मिलेगा दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, पीएम मोदी ने दी बधाई
कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह सम्मान उन्हें साल 2024 के लिए भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दिया जा रहा है।
कब और कहां मिलेगा सम्मान
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अनंत नाग को 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है, जो किसी कलाकार के पूरे करियर और भारतीय फिल्म उद्योग में उसके योगदान को मान्यता देता है।
पीएम मोदी और अन्य नेताओं की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अनंत नाग को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि कई दशकों तक अनंत नाग के सहज अभिनय, बेजोड़ बहुमुखी प्रतिभा और चमक ने भारतीय सिनेमा, खासतौर पर कन्नड़ सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी है, और उन्होंने जो भी किरदार निभाया, उसमें दुर्लभ गहराई और प्रामाणिकता भरी। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि अनंत नाग ने अपनी शानदार कलात्मक यात्रा के जरिए पीढ़ियों को प्रेरित किया है। केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना और अश्विनी वैष्णव ने भी उन्हें बधाई दी, जबकि बेंगलुरु दक्षिण के सांसद तेजस्वी सूर्या और अन्य नेताओं ने भी इस सम्मान पर खुशी जताई।
पांच दशक लंबा करियर
4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग ने 1973 में कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने पांच दशक से भी लंबे करियर में 270 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, जिनमें से 175 से ज्यादा फिल्में कन्नड़ भाषा में रही हैं। उन्होंने कन्नड़ के अलावा हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी और मलयालम फिल्मों में भी अभिनय किया है। हिंदी टेलीविज़न दर्शकों के लिए वे दूरदर्शन की मशहूर सीरीज़ ‘मालगुडी डेज़’ का भी हिस्सा रहे, जो प्रसिद्ध लेखक आर.के. नारायण की रचनाओं पर आधारित थी।
शाम बेनेगल के साथ खास जुड़ाव
अनंत नाग को भारतीय आर्ट-हाउस और पैरेलल सिनेमा में खास पहचान मशहूर निर्देशक श्याम बेनेगल के साथ काम करने से मिली। उन्होंने बेनेगल की ‘अंकुर’, ‘निशांत’, ‘भूमिका’ और ‘कोंडुरा’ जैसी चर्चित फिल्मों में अभिनय किया, जिसने उन्हें कन्नड़ सिनेमा से बाहर भी पहचान दिलाई। मौजूदा पीढ़ी के दर्शकों के लिए वे ‘केजीएफ’ फिल्म सीरीज़ में अपनी भूमिका के लिए भी खूब जाने जाते हैं।
शंकर नाग के बड़े भाई
अनंत नाग मशहूर निर्देशक और अभिनेता शंकर नाग के बड़े भाई हैं। दोनों भाइयों ने कन्नड़ सिनेमा और भारतीय टेलीविज़न को कई यादगार काम दिए। अनंत नाग को इससे पहले 2025 में भारत सरकार की तरफ से पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। इसके अलावा उन्हें 2007 में कर्नाटक सरकार का राज्योत्सव पुरस्कार भी मिल चुका है।
अभिनय के अलावा राजनीति में भी सक्रिय
फिल्मी करियर के अलावा अनंत नाग जनता दल (सेक्युलर) पार्टी से जुड़े रहे हैं और राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। हालांकि उनकी पहचान मुख्य रूप से एक अभिनेता के तौर पर ही बनी हुई है, जिन्होंने मुख्यधारा की व्यावसायिक फिल्मों से लेकर पैरेलल सिनेमा, कॉमेडी, ड्रामा और ऐतिहासिक किरदारों तक हर तरह के काम में अपनी छाप छोड़ी है।
एक और उपलब्धि, एक और सम्मान
अपने करियर की शुरुआत में युवा रोमांटिक किरदारों से लोकप्रियता हासिल करने वाले अनंत नाग ने बाद के वर्षों में चरित्र और सहायक भूमिकाओं में भी खुद को उतनी ही सफलता से ढाला। दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड उनके इसी लंबे और विविधतापूर्ण करियर को सम्मान देने वाला एक और बड़ा पड़ाव साबित हो रहा है, जो कन्नड़िगाओं के साथ-साथ पूरे भारतीय सिनेमा जगत के लिए गर्व का पल है।
