20वां रोजगार मेला आज: पीएम मोदी 51 हजार युवाओं को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र, कुल आंकड़ा पहुंचा 12.75 लाख के पार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर 2026 को 20वें रोजगार मेले में देशभर के 45 स्थानों पर 51 हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। जानें रोजगार मेला अभियान की पूरी यात्रा और आगे की योजना।
केंद्र सरकार के सबसे बड़े रोजगार अभियानों में शुमार “रोजगार मेला” का 20वां संस्करण आज, 19 सितंबर 2026 को देशभर में आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 51 हजार से ज्यादा नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे और उन्हें संबोधित भी करेंगे। यह आयोजन एक साथ देशभर के 45 अलग-अलग स्थानों पर हो रहा है, जहां चयनित उम्मीदवार वित्त मंत्रालय, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय समेत सरकार के कई अहम विभागों से जुड़ेंगे।
12.75 लाख का आंकड़ा — एक बड़ा मील का पत्थर
इस 20वें रोजगार मेले के साथ ही यह अभियान एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। इस आयोजन के जरिए अब तक कुल मिलाकर करीब 12 लाख 75 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र मिल चुके होंगे। यह आंकड़ा दिखाता है कि यह अभियान सिर्फ एक बार का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पिछले करीब चार वर्षों से लगातार चल रही एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया बन चुका है।
कैसे शुरू हुई थी यह पहल
रोजगार मेला अभियान की शुरुआत 22 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री मोदी ने की थी, जब पहले ही चरण में 75 हजार नवनियुक्त उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे। उस समय इसे 10 लाख रिक्तियों को भरने के एक बड़े लक्ष्य के साथ शुरू किया गया था। शुरुआती दौर में प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया था कि कैसे पहले सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करना एक बेहद जटिल प्रक्रिया हुआ करती थी, और भर्तियों में भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार की शिकायतें आम थीं। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी पदों के लिए इंटरव्यू खत्म करना और सेल्फ-अटेस्टेशन जैसी सुविधाएं लाना, इसी बदलाव की दिशा में उठाए गए शुरुआती कदम थे। दिलचस्प बात यह है कि इस पहल की शुरुआत ऐसे समय पर हुई थी, जब विपक्षी दल लगातार सरकार पर बेरोजगारी को लेकर सवाल उठा रहे थे, जिसे सत्तारूढ़ दल ने हमेशा खारिज किया।
हर मेले में औसतन कितनी नियुक्तियां
अगर पिछले आयोजनों पर नजर डालें तो यह अभियान लगातार बड़े पैमाने पर नियुक्तियां करता आया है। जुलाई 2025 में हुए 16वें रोजगार मेले में 51 हजार नियुक्ति पत्र बांटे गए थे, जबकि इससे पहले हुए एक आयोजन में यह आंकड़ा 71 हजार तक भी पहुंचा था। अक्टूबर 2025 में आयोजित 17वें रोजगार मेले में भी 51 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली थी। यानी हर संस्करण में औसतन 50 से 70 हजार के बीच नियुक्तियां हो रही हैं, जो इसे भारत के सबसे बड़े और सतत चलने वाले सरकारी भर्ती अभियानों में से एक बनाता है।
रोजगार सृजन को लेकर सरकार की बड़ी योजनाएं
प्रधानमंत्री समय-समय पर इन मेलों के मंच से रोजगार से जुड़ी अन्य बड़ी योजनाओं का भी जिक्र करते रहे हैं। इसमें करीब 1 लाख करोड़ रुपये के बजट वाली एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शामिल है, जिससे करीब साढ़े तीन करोड़ नौकरियां पैदा होने का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत अब तक 11 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने का दावा भी किया गया है। विदेशों में भारतीय युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ाने की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाए हैं — जैसे जर्मनी की स्किल्ड लेबर स्ट्रैटेजी के तहत भारतीय कुशल कामगारों के लिए वार्षिक वीज़ा कोटा 20 हजार से बढ़ाकर 90 हजार तक किया गया, और जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी समेत 21 देशों के साथ प्रवासन और रोजगार समझौते भी किए जा चुके हैं।
आज के आयोजन की खास बातें
आज के 20वें रोजगार मेले में पटना (बिहार) में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे, जबकि मुंबई में यह आयोजन बिड़ला मातुश्री हॉल में होगा, जहां युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे शामिल होंगी। बता दें कि रोजगार मेला केवल केंद्र सरकार के विभागों तक सीमित नहीं है — इसके समानांतर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) भी अलग से निजी क्षेत्र में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अपने स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन करता है, जो मुख्यतः 18 से 35 वर्ष की उम्र के युवाओं को लक्षित करता है।
