स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में भारत की छलांग: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने किया ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर Phase-3’ का स्वागत; बताया “ग्लोबल सोलर सुपरपावर” बनने का रास्ता

यूएन जलवायु प्रमुख साइमन स्टील्स बोले—1.86 लाख करोड़ रुपये की इस योजना से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेंगे ‘बड़े लाभांश’; 135 गीगावाट हरित ऊर्जा और 50 GWh बैटरी स्टोरेज से पैदा होंगे लाखों ग्रीन जॉब्स।


भारत के नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र और जलवायु लक्ष्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी वैश्विक पहचान मिली है। संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ₹1,86,405 करोड़ के ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-3’ (GEC-III) योजना का गर्मजोशी से स्वागत किया है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क (UNFCCC) के कार्यकारी सचिव साइमन स्टील्स (Simon Stiell) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस योजना को भारत के लोगों और अर्थव्यवस्था के लिए “बड़ा लाभांश” (Big Dividends) देने वाला ऐतिहासिक कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर भारत को एक “वैश्विक सौर महाशक्ति” (Global Solar Superpower) के रूप में स्थापित करेगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतःराज्यीय पारेषण प्रणाली (Intra-State Transmission System – InSTS) को सुदृढ़ करने के लिए जीईसी-III को हरी झंडी दिखाई है। यह योजना वित्त वर्ष 2032-33 तक 135 गीगावाट (GW) नवीकरणीय ऊर्जा की सुगम निकासी (Power Evacuation) सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही, भारत के बिजली ग्रिड में सौर और पवन ऊर्जा की अनिश्चितता (Intermittency) तथा पीक-अवर की रुकावटों को दूर करने के लिए 50 गीगावाट-घंटा (GWh) क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) स्थापित की जाएगी। केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए ₹54,082 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) प्रदान करेगी, जिससे आम नागरिकों के लिए बिजली दरें सस्ती रहेंगी।

1. यूएन जलवायु प्रमुख साइमन स्टील्स का आधिकारिक वक्तव्य

संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख ने भारत के इस प्रयास की सराहना करते हुए मुख्य बिंदु रेखांकित किए:

  • ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि: साइमन स्टील्स ने कहा, “ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-3 भारत की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का उपयोग करने, दैनिक बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने और देश की आर्थिक विकास दर को तेज करने में मदद करेगा।”
  • बैटरी स्टोरेज का रणनीतिक महत्व: उन्होंने कहा कि भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने और रात के समय (Non-Solar Hours) बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 50 GWh बैटरी भंडारण एक क्रांतिकारी कदम है।

  • रोजगार के नए अवसर (Green Jobs): मजबूत पावर ग्रिड और बैटरी स्टोरेज मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन्स के क्षेत्रों में लाखों नए रोजगार पैदा करेंगे।

2. ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर Phase-III’ का विहंगम ब्यौरा (GEC-III Report Card)

परियोजना के प्रमुख बजटीय और तकनीकी घटक:

घटक (Component) वित्तीय आवंटन (Outlay Amount) मुख्य उद्देश्य व क्षमता (Core Objective & Target)
कुल प्रोजेक्ट लागत (Total Outlay) ₹1,86,405 करोड़ वित्त वर्ष 2032-33 तक संपूर्ण कार्यान्वयन का लक्ष्य
इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन (InSTS) ₹1,36,378 करोड़ राज्यों के भीतर 135 GW हरित ऊर्जा के लिए ग्रिड बिछाना
बैटरी स्टोरेज सिस्टम (BESS) ₹50,000 करोड़ 50 GWh क्षमता के बैटरी बैंक (ग्रिड स्थिरता के लिए)
केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) ₹54,082 करोड़ पारेषण शुल्कों को घटाकर उपभोक्ताओं को राहत देना
दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्य 900 GW गैर-जीवाश्म लक्ष्य वर्ष 2035 तक 900 गीगावाट हरित ऊर्जा क्षमता हासिल करना

3. ग्रिड कटौतियों (Curtailment) पर लगाम और हरित विनिर्माण को बढ़ावा

भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में जीईसी-3 के मुख्य लाभ:

  1. वेस्टेज पर रोक: अक्सर धूप और हवा तेज होने पर ग्रिड क्षमता न होने के कारण सौर और पवन ऊर्जा प्लांट्स को बंद करना पड़ता था। नया कॉरिडोर इस वेस्टेज को शून्य करेगा।
  2. स्वदेशी उद्योग को बल: 50 GWh के BESS घटकों से भारत के घरेलू बैटरी निर्माण (Battery Manufacturing) और इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीक उद्योग को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।
  3. पर्यावरण संरक्षण: इस ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर से कोयले और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता तेजी से घटेगी, जिससे भारत का कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होगा।

निष्कर्ष

संयुक्त राष्ट्र द्वारा भारत के ‘ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-3’ की मुक्तकंठ से प्रशंसा यह साबित करती है कि भारत वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने में केवल बातें नहीं, बल्कि ठोस और दूरदर्शी नीतियां लागू कर रहा है। ₹1.86 लाख करोड़ की यह योजना न केवल देश के 1.4 अरब नागरिकों को स्वच्छ, सस्ती और 24×7 बिजली प्रदान करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक हरित क्रांति (Global Clean Energy Transition) के अग्रणी नेता के रूप में मजबूती से स्थापित करेगी।

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द्वारा Kanchan

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