जबलपुर में बढ़ते अपराध पर युवा कांग्रेस का हल्ला बोल: एसपी दफ़्तर का घेराव, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन
जबलपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई और भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
प्रदर्शन कैसे हुआ?
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया की अगुवाई में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता घमापुर से रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुँचे। वहाँ नारेबाज़ी करते हुए उन्होंने भीतर घुसने की कोशिश की।
पुलिस की तैयारी
प्रदर्शन की जानकारी पहले से होने के कारण कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात था। मुख्य गेट बंद कर दिया गया था और सड़क पर बैरिकेड लगाए गए थे। कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए, जिससे पुलिसकर्मियों से जमकर झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन चलाई।
युवा कांग्रेस की माँगें
- फ़रार आरोपियों की गिरफ़्तारी
- संवेदनशील इलाक़ों में पुलिस गश्त बढ़ाना
- अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण
नेताओं ने क्या आरोप लगाए?
नीचे लिखी बातें प्रदर्शनकारी नेताओं के आरोप हैं, जिन पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
शहर की क़ानून-व्यवस्था पर सवाल
यश घनघोरिया का आरोप है कि शहर में हत्या और लूट जैसी घटनाएँ लगातार हो रही हैं और पुलिस अपराधों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पा रही। उनके अनुसार जुआ-सट्टा, नशीले पदार्थ (स्मैक) और अवैध शराब का कारोबार भी बढ़ रहा है। उन्होंने साल 2026 में शहर में चाकूबाज़ी की घटनाओं की चर्चा का भी ज़िक्र किया।
थानों में सुनवाई और पुलिस की भूमिका
नेता का यह भी आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुँचे आम लोगों की सुनवाई नहीं होती और उन्हें आवेदन लेकर भटकाया जाता है। उन्होंने पुलिस की अपराधियों से कथित सांठगांठ के आरोप भी लगाए।
आगे की चेतावनी
घनघोरिया ने कहा कि अगर क़ानून-व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो युवा कांग्रेस इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की अपराधियों से कथित मिलीभगत है, उनके ख़िलाफ़ भी संगठन आवाज़ उठाएगा।
शहरवासियों के लिए क्या करें?
- किसी भी अपराध या अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस को सीधे दें।
- शिकायत दर्ज न होने पर वरिष्ठ अधिकारियों या एसपी कार्यालय में आवेदन दें।
- अफ़वाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी साझा करें।
आगे क्या?
प्रदर्शन के बाद अब निगाहें पुलिस-प्रशासन की प्रतिक्रिया पर हैं। अपराध पर लगाम कसने के लिए गश्त और कार्रवाई कितनी तेज़ होती है, यह आने वाले दिनों में साफ़ होगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह, पर शहर के आम नागरिक की माँग सुरक्षित माहौल की है।
(डिस्क्लेमर: लेख में शामिल आरोप संबंधित संगठन के हैं और इनकी पुष्टि पुलिस या जाँच से होनी बाकी है।)

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