शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1124 अंक टूटा, निफ्टी 22800 के नीचे; डूबे ₹8 लाख करोड़

शेयर बाजार में ब्लैक मंडे: सेंसेक्स 1,124 अंक टूटा, निफ्टी 22,800 के नीचे फिसला; निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ स्वाहा

पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से सहमे निवेशक; बैंक, पीएसयू और मेटल शेयरों में हुई सबसे बड़ी बिकवाली।

वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी के कारण 28 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली और हाहाकार देखने को मिला। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (BSE Sensex) 1,124 अंक (1.6%) से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ 72,772 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी 50 (Nifty 50) 360 से अधिक अंक टूटकर 22,780 के स्तर के नीचे आ गया। इस एक ही दिन की बड़ी गिरावट से बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) ₹8 लाख करोड़ घटकर करीब ₹474 लाख करोड़ रह गया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता गतिरोध, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतों में आया अचानक उछाल है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय शेयर बाजार से लगातार की जा रही धन निकासी और रुपये की कमजोरी ने बची-कुची कसर पूरी कर दी। बैंकिंग, मेटल, ऑटो और पीएसयू (सरकारी कंपनियों) के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई।

1. शेयर बाजार में आज की क्रैश के 6 प्रमुख कारण

द इकोनॉमिक टाइम्स और बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण रहे:

  1. अमेरिका-ईरान और पश्चिम एशिया संघर्ष: पश्चिम एशिया में शांति वार्ता विफल होने और कूटनीतिक तनाव बढ़ने से वैश्विक वित्तीय बाजारों में डर का माहौल बन गया।
  2. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी: ऊर्जा आपूर्ति ठप होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम उछल गए, जो भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
  3. वैश्विक बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका में 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड (US Bond Yield) के बढ़ने से वैश्विक निवेशक इक्विटी बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित सरकारी बॉन्ड में लगा रहे हैं।
  4. भारतीय रुपये में गिरावट: विदेशी मुद्रा की निकासी और तेल आयात बिल बढ़ने की आशंका से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ।
  5. विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़े पैमाने पर अपने शेयर बेचे।
  6. कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई (चीन, दक्षिण कोरिया) और यूरोपीय बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया।

2. गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) और प्री-मार्केट संकेत

भारतीय शेयर बाजार के खुलने से पहले व्यापारी और निवेशक गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) के रुझानों पर पैनी नजर रखते हैं:

  • गिफ्ट निफ्टी क्या है?: गुजरात के गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी (GIFT City) में एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) पर कारोबार करने वाला गिफ्ट निफ्टी (पूर्व में सिंगापुर एक्सचेंज का SGX Nifty) भारतीय निफ्टी 50 पर आधारित डॉलर-मूल्यवर्ग का वायदा अनुबंध (Futures Contract) है।
  • 20+ घंटे का कारोबार: गिफ्ट निफ्टी रोजाना 20 घंटे से अधिक समय तक कारोबार करता है, जिससे वैश्विक घटनाओं का सीधा असर इसके भाव पर दिखता है। 28 सितंबर को गिफ्ट निफ्टी के रुझान ने बाजार में बिकवाली और फ्लैट-टू-वीक ओपनिंग के संकेत पहले ही दे दिए थे।

3. सेक्टर-वाइज प्रदर्शन और निवेशकों के लिए सलाह

आज के कारोबार में बाजार का कोई भी मुख्य सेक्टर बिकवाली के दबाव से अछूता नहीं रहा:

  • सबसे ज्यादा टूटने वाले सेक्टर्स: पीएसयू बैंक, मेटल, रियल्टी, ऑटो और आईटी सेक्टर्स के शेयरों में भारी गिरावट आई।
  • बाजार जानकारों की राय: वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं और पश्चिम एशिया में कूटनीतिक शांति नहीं लौटती, तब तक बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। निवेशकों को इस दौर में जल्दबाजी में घबराकर बिकवाली करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण (Quality) शेयरों में एसआईपी (SIP) और चरणबद्ध निवेश का रुख अपनाना चाहिए।

निष्कर्ष 

28 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में हुई यह बड़ी गिरावट यह दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियादी नींव के बावजूद घरेलू बाजार वैश्विक भू-राजनीतिक झटकों और कच्चे तेल के संकट से अछूते नहीं हैं। सेंसेक्स का 72,700 और निफ्टी का 22,800 के नीचे जाना निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। आने वाले दिनों में गिफ्ट निफ्टी के संकेत, कच्चे तेल के दाम और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के रुख पर ही भारतीय शेयर बाजार की भावी दिशा निर्भर करेगी।

अन्य ख़बरें !

द्वारा Kanchan

One thought on “Stock Market Crash Today: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 1124 अंक टूटा, निफ्टी 22800 के नीचे; डूबे ₹8 लाख करोड़”

Comments are closed.

मोबाइल वर्ज़न से बाहर निकलें