नेटफ्लिक्स पर ‘बेबी डो डाई दो’ का धमाका: मूक-बधिर शार्पशूटर बनकर हुमा कुरैशी ने दिखाया खौफनाक अंदाज, जानें ओटीटी रिलीज और कहानी से जुड़े सच

3 जुलाई को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आई फिल्म; साकिब सलीम के निर्माण में बनी इस क्राइम-थ्रिलर में चंकी पांडे और सिकंदर खेर का दमदार अभिनय।

बॉलीवुड की बहुमुखी अभिनेत्री हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) की बहुचर्चित एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘बेबी डो डाई दो’ (Baby Do Die Do) अब डिजिटल दर्शकों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध हो गई है। सिनेमाघरों में 3 जुलाई 2026 को प्रदर्शित होने के बाद यह फिल्म 23 सितंबर 2026 से प्रसिद्ध ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रसारित की जा रही है। निर्देशक नचिकेत सामंत द्वारा निर्देशित और हुमा कुरैशी के भाई साकिब सलीम (सलीम सिब्लिंग्स व पुणे-04 पिक्चर) द्वारा निर्मित यह फिल्म एक अनूठी अपराध कथा प्रस्तुत करती है, जिसमें हुमा कुरैशी ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली बार एक मूक-बधिर महिला कॉन्ट्रैक्ट किलर (शार्पशूटर) की मुख्य भूमिका निभाई है।

जुलाई में बड़े पर्दे पर ‘अल्फा’ जैसी बड़ी फिल्मों के साथ बॉक्स ऑफिस पर सीधे मुकाबले के कारण इस फिल्म को सिनेमाघरों में सीमित सफलता मिली थी। हालांकि, समीक्षकों ने हुमा कुरैशी के अभिनय, बेहतरीन एक्शन कोरियोग्राफी और थ्रिलर ताने-बाने की जमकर तारीफ की थी। अब नेटफ्लिक्स पर इसके आगमन के साथ ही डिजिटल दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर नया उत्साह देखा जा रहा है। मुंबई के अंडरवर्ल्ड, पारिवारिक त्रासदी और चोरी हुई पहचान के ताने-बाने पर बुनी यह फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।

1. जुड़वां बहनों और चोरी हुई पहचान की अनोखी कहानी

फिल्म की पटकथा परवेज़ शेख, जसमीत कौर रीन, नचिकेत सामंत और गौरव शर्मा ने मिलकर लिखी है, जो रहस्य और सस्पेंस से भरपूर है:

  • बचपन का हादसा: कहानी दो जुड़वां बहनों—’बेबी’ और उसकी बड़ी बहन (‘दीदी’) —से शुरू होती है। बचपन में एक परित्यक्त (खाली) पांच सितारा होटल में खोजबीन के दौरान दोनों बहनें एक हत्या की प्रत्यक्षदर्शी बन जाती हैं। कातिल बड़ी बहन की हत्या कर देता है, जबकि छोटी बहन (जो मूक-बधिर है) किसी तरह अपनी जान बचा लेती है।
  • पहचान का भ्रम: हादसे के बाद सदमे में डूबी मां अपनी जीवित बची बेटी को ही ‘बेबी’ मान लेती है, और वह बच्ची भी चुप रहकर मृत बहन के नाम से ही जीने लगती है।
  • शार्पशूटर की ट्रेनिंग: बड़ी होने पर उसे ‘पी.एम. जैन’ उर्फ ‘पापा’ (चंकी पांडे) सहारा देते हैं। ‘पापा’ जो ऊपर से प्रॉपर्टी का धंधा चलाते हैं, वास्तव में मुंबई के सबसे बड़े कॉन्ट्रैक्ट किलिंग नेटवर्क का संचालन करते हैं। वे बेबी को एक बेरहम और निपुण हत्यारा बनाते हैं।

2. दमदार स्टार कास्ट और जानदार संगीत

फिल्म का मुख्य आकर्षण इसके कलाकारों की टोली और इसका बैकग्राउंड म्यूजिक है:

  • स्टार कास्ट: हुमा कुरैशी के अलावा फिल्म में चंकी पांडे (‘पापा’ पी.एम. जैन के निगेटिव रोल में), सिकंदर खेर (ज़फ़र कटकर), रचित सिंह (सिद्धांत/सिद्धू), सीमा पाहवा, विद्या मालवड़े, हिमांशु मलिक और अरुण कुशवाह मुख्य भूमिकाओं में हैं। अभिनेता साकिब सलीम ने भी फिल्म के एक क्लब गाने में विशेष कैमियो किया है।
  • संगीत: फिल्म का संगीत अर्जुन अय्यर ने तैयार किया है। फिल्म का शीर्षक गीत ‘बेबी डो डाई दो’ (गायक: अकासा व अर्जुन अय्यर) और ‘इश्क कमीना 2.0’ (लीजो जॉर्ज व अनु मलिक) दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

3. ओटीटी पर क्यों देखें यह फिल्म?

यदि आप वीकेंड पर थ्रिलर और एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपकी सूची में होनी चाहिए:

  1. हुमा कुरैशी का पावरफुल एक्शन: बिना एक शब्द बोले केवल आंखों और एक्शन के जरिए हुमा ने एक कातिल के दर्द और बदले की आग को बखूबी पर्दे पर उतारा है।
  2. सस्पेंस और क्लाइमेक्स: फिल्म का अंतिम 30 मिनट का क्लाइमेक्स, जो उसी पुराने खाली होटल में होता है जहां कहानी शुरू हुई थी, आपको चौंका देने वाले मोड़ प्रदान करता है।
  3. अंडरवर्ल्ड का नया पहलू: पारंपरिक थ्रिलर से हटकर यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और अपराध की दुनिया का एक अलग पहलू सामने लाती है।

निष्कर्ष 

‘बेबी डो डाई दो’ (Baby Do Die Do) केवल एक बदला लेने वाली साधारण एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक खोई हुई पहचान और बहन के प्यार की भावनात्मक दास्तान है। सिनेमाघरों में चूक जाने वाले दर्शकों के लिए नेटफ्लिक्स पर यह फिल्म एक बेहतरीन डिजिटल अनुभव साबित हो रही है। यदि आप सस्पेंस, क्राइम और बेहतरीन एक्शन के शौकीन हैं, तो इस वीकेंड नेटफ्लिक्स पर यह फिल्म देखना न भूलें।

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द्वारा Kanchan

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