नकली सिक्के की पहचान: जयपुर की एक चाय की दुकान से उघड़ा 70 करोड़ का सच; जानिए असली और जाली सिक्का परखने के आसान तरीके

 

 

जयपुर के व्यस्त बाजार में चाय की दुकान चलाने वाले रमेश के लिए वह एक आम शाम थी। दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ के बीच एक युवक ने गरम चाय की चुस्की ली और 20 रुपये का एक चमचमाता नया सिक्का गल्ले में डालकर चला गया। रात को जब रमेश दिनभर की कमाई गिन रहा था, तो एक सिक्के को हाथ में लेते ही उसे कुछ अटपटा लगा। सिक्के को जब उसने लोहे के काउंटर पर पटका, तो उसकी खनक में वह झंकार नहीं थी जो आमतौर पर होती है। सिक्के पर उकेरा गया अशोक स्तंभ भी थोड़ा धुंधला था। अगले दिन जब रमेश ने बैंक जाकर वह सिक्का दिखाया, तो बैंक अधिकारी ने पुष्टि कर दी कि वह एक नकली सिक्का था।
रमेश जैसे हजारों छोटे व्यापारी, ऑटो चालक और आम नागरिक रोज अनजाने में इस जालसाजी का शिकार बन रहे हैं।

2026 में जाली सिक्का गिरोह का पर्दाफाश: 70 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार

हाल ही में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने जाली सिक्के बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच में खुलासा हुआ कि सहारनपुर स्थित एक अवैध कारखाने में आधुनिक मशीनों और डाई (सांचों) की मदद से रोजाना 12 हजार से अधिक 20 रुपये के नकली सिक्के ढाले जा रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, यह गिरोह पिछले कुछ वर्षों में लगभग 70 करोड़ रुपये के जाली सिक्के शराब के ठेकों, हाईवे टोल प्लाजा, सब्जी मंडियों और छोटे दुकानदारों के जरिए बाजार में खपा चुका है। कागजी नोटों की तुलना में लोग 10 और 20 रुपये के सिक्कों को बिना ध्यान से देखे जेब में रख लेते हैं, इसी असावधानी का फायदा जालसाज उठा रहे हैं।
इसी खतरे को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी सभी बैंकों को दिशा-निर्देश जारी कर जाली सिक्कों और नोटों की पहचान के लिए सख्त कदम उठाने और आम जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

असली और नकली सिक्के पहचानने के 6 आसान तरीके

यदि आपके पास भी 10 या 20 रुपये का सिक्का आता है, तो उसे अपनी जेब में रखने से पहले इन 6 मानकों पर अवश्य परखें:
1. सिक्के की खनक और ध्वनि (Sound Test)
  • असली सिक्का: असली सिक्के को जब किसी सख्त सतह या फर्श पर गिराया जाता है, तो उससे एक तीखी, पतली और स्पष्ट गूंज (धातु की खनक) सुनाई देती है।
  • नकली सिक्का: नकली सिक्के सस्ते और घटिया धातु के मिश्रण से बनाए जाते हैं। फर्श पर गिरने पर इनसे भारी, दबी हुई या ठक-ठक की आवाज आती है।
2. दोनों धातुओं का जोड़ (Bi-metallic Ring)
10 और 20 रुपये के सिक्के दो अलग-अलग धातुओं (अंदरूनी पीला हिस्सा और बाहरी सफेद/चांदी जैसा हिस्सा) के संयोजन से बनते हैं।
  • असली सिक्का: असली सिक्के में दोनों धातुओं की पट्टियों का जोड़ इतना सटीक होता है कि उनके बीच कोई गैप, दरार या खुरदरापन नहीं दिखता।
  • नकली सिक्का: नकली सिक्कों में दोनों गोले ठीक से फिट नहीं होते। उनके बीच उंगलियों से छूने पर गैप या वेल्डिंग जैसा उभार महसूस होता है।
3. अशोक स्तंभ और ‘₹’ का प्रतीक
  • असली सिक्का: असली सिक्के पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ के तीनों शेर, ‘सत्यमेव जयते’ और ‘₹’ का चिह्न बिल्कुल बीचों-बीच और स्पष्ट रूप से उकेरा होता है।
  • नकली सिक्का: नकली सिक्के में ये आकृतियां या तो थोड़ी तिरछी होती हैं, या फिर दबाई (छपाई) हल्की और धुंधली नजर आती है।
4. सिक्के की किनारियां और कोणीय बनावट (Edges and Ridges)
  • 20 रुपये का सिक्का: 20 रुपये का असली सिक्का 12 कोणों (12-sided polygon) वाली आकृति का होता है और इसकी किनारियां पूरी तरह चिकनी और सुडौल होती हैं।
  • 10 रुपये का सिक्का: 10 रुपये के असली सिक्के की बाहरी पट्टी पर 10 या 15 उभरी हुई सीधी धारियां (कट) बनी होती हैं। नकली सिक्कों में ये धारियां असमान, कटी-फटी या गायब होती हैं।
5. सिक्के का वजन और मोटाई
  • असली सिक्का: रिजर्व बैंक के मानकों के अनुसार 20 रुपये के असली सिक्के का वजन 8.54 ग्राम और 10 रुपये के सिक्के का वजन 7.71 ग्राम होता है।
  • नकली सिक्का: नकली सिक्का हाथ में लेते ही या तो अत्यधिक हल्का महसूस होता है या फिर उसकी मोटाई सामान्य सिक्के से ज्यादा होती है।
6. निर्माण वर्ष और टकसाल का चिह्न (Mint Mark)
  • असली सिक्का: सिक्के पर अंकित निर्माण वर्ष (जैसे 2026) के ठीक नीचे टकसाल का चिह्न स्पष्ट होता है। जैसे—नोएडा टकसाल के सिक्के पर एक छोटा डॉट (बिंदु) और मुंबई टकसाल के सिक्के पर डायमंड (हीरे) का आकार बना होता है।
  • नकली सिक्का: जाली सिक्कों पर निर्माण वर्ष के अंक असमान होते हैं और टकसाल का निशान गायब या अस्पष्ट रहता है।

यदि आपको नकली सिक्का मिल जाए तो क्या करें?

  1. बाजार में न चलाएं: जानबूझकर जाली सिक्का या नोट बाजार में चलाने का प्रयास करना कानूनी अपराध है।
  2. बैंक में जमा कराएं: यदि आपके पास कोई नकली सिक्का आ जाता है, तो उसे अपने निकटतम बैंक शाखा में ले जाएं। बैंक उस सिक्के को जब्त कर लेगा और उसकी रसीद देगा।
  3. सतर्कता ही बचाव है: पेट्रोल पंप, टोल प्लाजा या भीड़भाड़ वाले बाजारों से सिक्के लेते समय 2 सेकंड का समय निकालकर सिक्के की बनावट और खनक जरूर जांचें।

निष्कर्ष:

जाली सिक्कों का कारोबार न केवल आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती है। थोड़ा सा सजग रहकर और ऊपर बताए गए तरीकों से सिक्कों की पहचान करके आप खुद को और दूसरों को इस ठगी से बचा सकते हैं।

द्वारा Kanchan

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