मशहूर तमिल गायक कृष्णराज का 75 साल की उम्र में निधन, संगीतकार देवा के साथ दी थीं कई यादगार हिट
तमिल फिल्म जगत के मशहूर पार्श्वगायक आर. कृष्णराज का 22 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए उपचार करा रहे थे। कृष्णराज की आवाज में गाए गए कई गीत 1990 और 2000 के दशक में बेहद लोकप्रिय हुए। संगीतकार देवा के साथ उनकी जोड़ी ने तमिल सिनेमा को कई यादगार गाने दिए थे। कृष्णराज का निधन संगीतकार देवा के गुजरने के पांच दिन बाद हुआ है। लगातार मिल रहे इन झटकों से तमिल फिल्म उद्योग और संगीत प्रेमियों के बीच शोक का माहौल है।
कौन थे गायक कृष्णराज?
आर. कृष्णराज तमिल फिल्मों के लोकप्रिय पार्श्वगायकों में शामिल थे। अपनी ऊर्जावान आवाज, लोक संगीत के अंदाज और भावनात्मक गायकी के लिए पहचाने जाने वाले कृष्णराज ने अपने करियर में 300 से अधिक गीतों को आवाज दी।
उनकी लोकप्रियता का बड़ा कारण संगीतकार देवा के साथ उनका सहयोग था। 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में इस जोड़ी ने कई हिट गाने दिए। कृष्णराज की आवाज में लोक संगीत की सहजता और व्यावसायिक फिल्मों के उत्साह का मेल सुनाई देता था।
कृष्णराज चेन्नई के वलसरवक्कम इलाके में रहते थे। समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया और कई तमिल मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार सुबह उनका निधन हुआ। वह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के लिए उपचार करा रहे थे। हालांकि, उनकी बीमारी के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इन गीतों से मिली पहचान
कृष्णराज के सबसे चर्चित गीतों में 1996 की फिल्म ‘काधल कोट्टई’ का ‘वेल्लरिका पिंजू वेल्लरिका’ शामिल है। इस तेज लय वाले गीत ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई।
1997 में आई फिल्म ‘पोर्कालम’ का गीत ‘थंजावूरु मन्नु एदुथु’ उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तुतियों में गिना जाता है। इस गीत के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक का तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार मिला था।
उनके अन्य लोकप्रिय गीतों में ‘नालु वार्थै’, ‘तायै तिरिसूली’, ‘सोक्कु सुंदरी’, ‘करुड़ा करुड़ा’ और ‘आंबलैक्कुम पोम्बलैक्कुम’ शामिल हैं। इन गीतों ने अलग-अलग फिल्मों में उनके स्वर की विविधता को सामने रखा।
बाद के वर्षों में भी कृष्णराज ने फिल्मों के लिए गाना जारी रखा। सूर्या अभिनीत फिल्म ‘सूररई पोट्रु’ के गीत ‘नालु निमिषम’ को उनके बाद के उल्लेखनीय कामों में गिना जाता है।
संगीतकार देवा के साथ खास रिश्ता
कृष्णराज और संगीतकार देवा तमिल फिल्म संगीत की लोकप्रिय जोड़ियों में शामिल रहे। देवा ने अपने लंबे करियर में 400 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया था और कृष्णराज को कई गीतों के लिए अपनी पहली पसंद के गायकों में रखते थे।
17 अक्टूबर 2026 को देवा के निधन के बाद कृष्णराज ने भी उन्हें याद किया था। अब कुछ ही दिनों के अंतराल में कृष्णराज के निधन ने संगीत प्रेमियों को एक और बड़ा झटका दिया है।
गायिका सुजाता मोहन ने कृष्णराज को याद करते हुए कहा कि वह देवा के पसंदीदा गायकों में से थे और उनके कई गीतों में कृष्णराज ने मार्गदर्शन भी दिया था। गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने भी उनके निधन पर दुख जताया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय ने कृष्णराज की विशिष्ट आवाज तथा उनके ऊर्जावान गीतों को याद करते हुए उनके निधन को तमिल सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया। अभिनेता आर. शरत कुमार ने भी उनके साथ जुड़े गीतों और यादों को साझा कर श्रद्धांजलि दी।
संगीत की दुनिया में याद किए जाएंगे कृष्णराज
कृष्णराज ने मुख्यधारा के तमिल सिनेमा में लोक संगीत, तेज लय वाले गीतों और भावनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। उनके गीत कई पीढ़ियों के श्रोताओं की यादों से जुड़े रहे हैं।
उनके निधन से तमिल फिल्म संगीत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसने लोकप्रिय सिनेमा के अनेक यादगार गीतों में योगदान दिया। उनके गाए गीत और संगीतकारों के साथ उनका काम श्रोताओं के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।


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