US President Veto Power: ट्रंप बने ‘Mr. Veto’, डेमोक्रेट्स की जीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखाई अपनी ताकत
अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। चुनाव में डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों, प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। इसके बाद ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष की ओर से भेजे जाने वाले विधेयकों को रोकने के लिए वह अपने राष्ट्रपति वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने खुद को ‘Mr. Veto’ कहने की बात भी कही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के पास वीटो की कितनी शक्ति होती है और क्या कांग्रेस उनके इस फैसले को पलट सकती है?
Veto Power of US President: क्या होता है राष्ट्रपति का वीटो अधिकार?
अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 1, धारा 7 के तहत राष्ट्रपति को कांग्रेस से पारित विधेयकों पर वीटो लगाने का अधिकार मिलता है। आसान भाषा में समझें तो जब अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट किसी विधेयक को मंजूरी देकर राष्ट्रपति के पास भेजते हैं, तब राष्ट्रपति उसे कानून बनने से रोक सकते हैं।
यदि राष्ट्रपति किसी विधेयक से सहमत नहीं होते हैं, तो वह उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए अपनी आपत्तियों के साथ उसे कांग्रेस को वापस भेज सकते हैं। इसे नियमित वीटो (Regular Veto) कहा जाता है।
हालांकि, राष्ट्रपति का फैसला अंतिम नहीं होता। कांग्रेस के दोनों सदन यदि दो-तिहाई बहुमत से उसी विधेयक को दोबारा पारित कर दें, तो राष्ट्रपति के वीटो के बावजूद वह कानून बन सकता है।
ट्रंप ने क्यों कहा कि वह बनेंगे ‘Mr. Veto’?
मध्यावधि चुनाव से पहले एक साक्षात्कार में ट्रंप से पूछा गया था कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी कांग्रेस का नियंत्रण हासिल कर लेती है तो वह उसके साथ कैसे काम करेंगे। इस पर उन्होंने कहा था कि उनके पास सबसे बड़ी शक्ति वीटो है और ऐसी स्थिति में वह ‘Mr. Veto’ बन सकते हैं।
चुनाव परिणामों में डेमोक्रेट्स की जीत स्पष्ट होने के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लाल रंग की एक टोपी की तस्वीर साझा की, जिस पर बड़े अक्षरों में VETO लिखा था।
4 नवंबर को चुनाव के बाद अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में भी उन्होंने कहा कि वह डेमोक्रेट्स के साथ काम कर सकते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वीटो अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह अगले दो साल केवल विधेयकों को रोकने में नहीं बिताना चाहते और परिस्थितियों के अनुसार समझौते भी कर सकते हैं।
2026 के अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट्स ने कितनी सीटें जीतीं?
अमेरिका के 3 नवंबर 2026 को हुए मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल किया है।
5 नवंबर तक उपलब्ध परिणामों के अनुसार, डेमोक्रेट्स को सीनेट में कम से कम 54-44 का बहुमत मिला है। अलास्का और मिसिसिपी की दो सीटों पर नतीजे अभी घोषित नहीं हुए थे। प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेट्स ने कम से कम 30 सीटों का लाभ हासिल किया है।
नए कांग्रेस के जनवरी 2027 में कार्यभार संभालने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप को दोनों सदनों में विपक्षी बहुमत का सामना करना पड़ेगा।
क्या अमेरिकी कांग्रेस राष्ट्रपति के वीटो को पलट सकती है?
हां, अमेरिकी कांग्रेस राष्ट्रपति के वीटो को पलट सकती है। इसके लिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी है।
मौजूदा चुनाव परिणामों के आधार पर डेमोक्रेट्स के पास अकेले इतने वोट नहीं होंगे कि वे ट्रंप के वीटो को आसानी से समाप्त कर सकें। इसके लिए उन्हें रिपब्लिकन सांसदों का भी समर्थन लेना पड़ेगा।
यही वजह है कि राष्ट्रपति का वीटो अधिकार नई कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है। इसके अलावा वीटो की आशंका को ध्यान में रखकर डेमोक्रेट्स को विधेयकों पर पहले से बातचीत और समझौते करने पड़ सकते हैं।
अमेरिका में कितने प्रकार के होते हैं वीटो?
अमेरिकी राष्ट्रपति के पास मुख्य रूप से दो तरह के वीटो अधिकार होते हैं।
1. नियमित वीटो (Regular Veto): राष्ट्रपति विधेयक पर हस्ताक्षर करने से इनकार करके उसे अपनी आपत्तियों के साथ कांग्रेस को वापस भेज सकते हैं। कांग्रेस दो-तिहाई बहुमत से इसे पलट सकती है।
2. पॉकेट वीटो (Pocket Veto): यदि राष्ट्रपति किसी विधेयक पर 10 दिनों के भीतर हस्ताक्षर नहीं करते और इस दौरान कांग्रेस का सत्र स्थगित हो जाता है, जिससे विधेयक वापस भेजना संभव नहीं रहता, तो वह कानून नहीं बनता। इस प्रक्रिया को पॉकेट वीटो कहते हैं। इसे कांग्रेस पलट नहीं सकती।
ट्रंप और डेमोक्रेट्स के बीच आगे क्या होगा?
डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने के बाद अमेरिकी राजनीति में अगले दो साल के दौरान राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच नई खींचतान देखने को मिल सकती है।
डेमोक्रेट्स ने महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी जवाबदेही और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन की नीतियों की जांच करने की बात कही है। वहीं ट्रंप के पास विधेयकों को रोकने का संवैधानिक अधिकार बना रहेगा।
हालांकि, वीटो ही राष्ट्रपति की एकमात्र राजनीतिक शक्ति नहीं है। वह मौजूदा कानूनों के दायरे में कार्यकारी आदेश भी जारी कर सकते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस बजट, सरकारी नियुक्तियों और प्रशासनिक जांच के माध्यम से अपनी भूमिका निभा सकती है।
इस तरह 2027 से अमेरिका में विधायी कामकाज के लिए दोनों राजनीतिक दलों के बीच बातचीत और समझौते की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है।


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