जबलपुर समाचार: जबलपुर में डीजल की कमी से कचरा गाड़ियों के पहिए थमे, कई इलाकों में तीन दिन से नहीं पहुंचे वाहन

जबलपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर डीजल की कमी का असर देखने को मिला है। कचरा उठाने वाले वाहनों को जरूरत के मुताबिक ईंधन नहीं मिलने से शहर के कई इलाकों में घरों से कचरा संग्रहण प्रभावित हुआ। विपक्ष का आरोप है कि कई क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से कचरा उठाने वाले वाहन नहीं पहुंचे। स्थिति यह बताई गई कि जिन वाहनों को करीब 10 लीटर डीजल की जरूरत थी, उन्हें केवल 2 से 3 लीटर ईंधन दिया जा रहा था। हालांकि, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने नगर निगम के पास पैसों की कमी होने के आरोप को खारिज किया है।

कचरा गाड़ियों को 10 लीटर की जगह मिला 2-3 लीटर डीजल

नगर निगम में डीजल की आपूर्ति से जुड़ी परेशानी मंगलवार से शुरू हुई और बुधवार तक बनी रही। इसके कारण कचरा परिवहन में लगे ट्रिपर और अन्य वाहनों के संचालन पर असर पड़ा। पर्याप्त डीजल नहीं मिलने से कुछ वाहन निर्धारित मार्गों पर नहीं पहुंच सके, जिससे घरों से कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था प्रभावित हुई।

विपक्ष का कहना है कि दीपावली के बाद घरों और मोहल्लों में जमा कचरे को उठाने के लिए नियमित वाहन सेवा जरूरी थी। ऐसे समय में ईंधन की कमी ने सफाई व्यवस्था की समस्या बढ़ा दी। स्थानीय निवासियों को समय पर कचरा वाहन नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा।

नगर निगम में डीजल संकट की वजह क्या है?

डीजल की कमी को लेकर नगर निगम और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। विपक्ष का आरोप है कि ईंधन की नियमित आपूर्ति और भुगतान की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी। उसका कहना है कि सफाई जैसी आवश्यक सार्वजनिक सेवा के लिए ईंधन उपलब्ध कराने में किसी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए।

दूसरी ओर, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने नगर निगम के पास धन की कमी होने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि निगम के पास डीजल खरीदने के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है।

रिपोर्टों के अनुसार, महापौर ने यह भी बताया कि लगातार छुट्टियां होने के कारण डीजल खरीदने से जुड़ी कुछ प्रक्रियाएं प्रभावित हुई थीं। उनके मुताबिक, अब डीजल की कमी नहीं है और वाहनों को निर्धारित मात्रा के अनुसार ईंधन दिया जा रहा है।

जबलपुर नगर निगम पर सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

जबलपुर में कचरा संग्रहण की समस्या केवल ईंधन की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। नियमित वाहन संचालन, निर्धारित मार्गों पर समय से पहुंच और सफाई एजेंसियों की जवाबदेही भी महत्वपूर्ण है। यदि कचरा वाहन समय पर नहीं पहुंचते, तो घरों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने का खतरा बढ़ जाता है।

विपक्ष ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मौजूदा संसाधनों का बेहतर संचालन सुनिश्चित करना जरूरी है। वहीं, महापौर के बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सभी क्षेत्रों में कचरा संग्रहण सेवा कितनी जल्दी सामान्य होती है।

क्या अब नियमित पहुंचेगी कचरा गाड़ी?

महापौर के अनुसार, डीजल की आपूर्ति से जुड़ी परेशानी दूर कर दी गई है और वाहनों को उनकी जरूरत के मुताबिक ईंधन दिया जा रहा है। हालांकि, शहर के सभी वार्डों में कचरा वाहन नियमित रूप से पहुंच रहे हैं या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए जमीनी स्थिति और नगर निगम की आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

निष्कर्ष: जबलपुर नगर निगम में डीजल की कमी के कारण कचरा संग्रहण प्रभावित होने का मामला सामने आया है। विपक्ष ने तीन दिन तक कई इलाकों में वाहन नहीं पहुंचने का आरोप लगाया, जबकि महापौर ने वित्तीय संकट की बात खारिज करते हुए ईंधन की उपलब्धता सामान्य होने का दावा किया है। अब नगर निगम के सामने नियमित कचरा संग्रहण बहाल रखने और नागरिकों को समय पर सेवा उपलब्ध कराने की चुनौती है।

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द्वारा Kanchan

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