मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ बनी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री, 33 फिल्मों में से हुआ चयन
भारतीय सिनेमा के लिए आज एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को यह घोषणा की कि मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधळ’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है।
कैसे हुआ चयन?
संतोष डावखर द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म को कुल 33 फिल्मों की सूची में से चुना गया है। चयन समिति के अध्यक्ष पी. शेषाद्री ने बताया कि इस साल की प्रतिस्पर्धा में दिलचस्प बात यह रही कि टॉप तीन दावेदारों में तीन मराठी फिल्में शामिल थीं — ‘गोंधळ’ के अलावा ‘अंघ’ और ‘इक्कीस’ भी इस दौड़ में आगे रहीं, जो दर्शाता है कि इस साल मराठी सिनेमा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। गौरतलब है कि 99वें ऑस्कर अवॉर्ड्स का आयोजन रविवार, 14 मार्च 2027 को होगा।
फिल्म की कहानी क्या है?
‘गोंधळ’ की कहानी ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है और यह एक नवविवाहित जोड़े से जुड़े पारंपरिक अनुष्ठान ‘गोंधळ’ के इर्द-गिर्द एक ही रात में घटित होती है। फिल्म में सुमन नाम की एक युवा नवविवाहिता की कहानी दिखाई गई है, जो अपनी शादी में खुद को फंसा हुआ महसूस करती है। वह गोंधली साहेबा के साथ मिलकर एक साजिश रचती है, जो ढोल की थाप और दैवीय संकेतों से भरे इस अनुष्ठान के बीच मुक्ति और विनाश के बीच की रेखा को धुंधला कर देती है।
स्टारकास्ट और तकनीकी टीम
फिल्म में किशोर कदम, ईशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोइर और अनुज प्रभु जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अमलेंदु चौधरी ने की है, जबकि संगीत दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने दिया है। फिल्म का निर्माण दीक्षा डावखर ने डावखर फिल्म्स के बैनर तले किया है। ‘गोंधळ’ को 14 नवंबर 2025 को महाराष्ट्र में सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था, और इसका टीज़र इससे पहले 10 अक्टूबर 2025 को ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के साथ चुनिंदा सिनेमाघरों में जारी किया गया था।
पहले ही जीत चुकी है कई बड़े पुरस्कार
अपनी ऑस्कर एंट्री बनने से पहले ही ‘गोंधळ’ अपनी काबिलियत साबित कर चुकी है। फिल्म को 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह (IFFI) में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक के लिए सिल्वर पीकॉक पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा 17वें बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को FIPRESCI पुरस्कार भी मिला। पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (PIFF) 2026 में फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर, दोनों पुरस्कार अपने नाम किए, और बाद में 22वें थर्ड आई एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीता। समीक्षकों ने भी फिल्म की जमकर तारीफ की है — सकाल के समीक्षक संतोष भिंगारदे ने फिल्म को 5 में से 4.5 स्टार देते हुए इसे लोक संस्कृति का शानदार चित्रण बताया।
भारत के ऑस्कर सफर का हिस्सा
भारत 1957 से लगातार ऑस्कर के लिए अपनी फिल्में भेजता आ रहा है, जिसकी शुरुआत ‘मदर इंडिया’ से हुई थी, जिसे नामांकन तो मिला लेकिन पुरस्कार नहीं जीत सकी। इसके बाद 1988 में मीरा नायर की ‘सलाम बॉम्बे!’ और 2001 में आमिर खान अभिनीत ‘लगान’ को भी नामांकन मिल चुका है। हालांकि भारत को अब तक इस श्रेणी में, जिसे अब बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कहा जाता है, ऑस्कर जीतने का मौका नहीं मिला है। हाल के वर्षों में पान नलिन की ‘छेलो शो’ और ‘होमबाउंड’ भी ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट तक पहुंची थीं, लेकिन दोनों ही आखिरी पुरस्कार से चूक गई थीं।
क्यों खास है यह उपलब्धि?
‘गोंधळ’ का चयन इसलिए भी खास है क्योंकि यह एक ऐसी फिल्म है, जो महाराष्ट्र की लोक परंपराओं और अनुष्ठानों को केंद्र में रखकर बनाई गई है, जिससे यह भारतीय सिनेमा की सांस्कृतिक विविधता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतरीन ढंग से पेश कर सकती है। अगर यह फिल्म आगे बढ़कर शॉर्टलिस्ट और फिर नामांकन तक पहुंचती है, तो यह भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा, खासतौर पर मराठी फिल्म उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित हो सकती है।

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